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Lalitpur News: गेहूं की जगह मटर की फसल का बीमा देने के आरोप
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ललितपुर। ब्लॉक बिरधा के ग्राम टेनगा में किसानों ने गेहूं की जगह मटर की फसल का बीमा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दो फीसदी मटर और 98 फीसदी गेहूं की फसल बोयी थी, लेकिन प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को 70 फीसदी नुकसान हुआ था। किसानाें ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर गेहूं की फसल का बीमा दिलाए जाने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम टेनगा के किसानों ने बीते वर्ष रबी की फसल में दो फीसदी मटर की फसल और 98 फीसदी गेहूं की फसल बोई थी। जिन किसानों ने गेहूं की फसल बोई थी प्राकृतिक आपदा के कारण उनकी करीब सत्तर फीसदी फसल की क्षति हुई थी। आरोप लगाया कि संबंधित बीमा कंपनी की ओर से कुछ लोगों ने गेहूं की जगह मटर की फसल दिखाकर कुछ किसानों के खातों में बीमा राशि डाल दी गई, जो गलत है। किसानों ने मांग की है कि जिन किसानों को बीमा नहीं मिला है, उन्हें भी गेहूं की फसल का बीमा दिलवाया जाए। किसानों ने बैंक और साहूकारों से कर्ज लेकर गेहूं की फसल बोई थी, जो प्राकृतिक आपदा के कारण नष्ट हो गई।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों को फसल बीमा नहीं मिलता है तो ऐसी स्थिति में वे आत्मदाह तक कर सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। किसानों ने जिलाधिकारी से न्याय हित में जांच कर सभी प्रभावित किसानों का फसल बीमा दिलाने और जिनके माध्यम से फसल नष्ट होने की गलत रिपोर्ट लगवाई गई है उनके खिलाफ जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन पर सोनीराम, शिवराज, हरकिशन, हरगोविंद, देशराज, महेंद्र अहिरवार, राघवेंद्र, कृपाल, विजय, रूपसिंह, गजेंद्र सिंह, मानवेंद्र सिंह, अनिल, आदि के हस्ताक्षर हैं।
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ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम टेनगा के किसानों ने बीते वर्ष रबी की फसल में दो फीसदी मटर की फसल और 98 फीसदी गेहूं की फसल बोई थी। जिन किसानों ने गेहूं की फसल बोई थी प्राकृतिक आपदा के कारण उनकी करीब सत्तर फीसदी फसल की क्षति हुई थी। आरोप लगाया कि संबंधित बीमा कंपनी की ओर से कुछ लोगों ने गेहूं की जगह मटर की फसल दिखाकर कुछ किसानों के खातों में बीमा राशि डाल दी गई, जो गलत है। किसानों ने मांग की है कि जिन किसानों को बीमा नहीं मिला है, उन्हें भी गेहूं की फसल का बीमा दिलवाया जाए। किसानों ने बैंक और साहूकारों से कर्ज लेकर गेहूं की फसल बोई थी, जो प्राकृतिक आपदा के कारण नष्ट हो गई।
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किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों को फसल बीमा नहीं मिलता है तो ऐसी स्थिति में वे आत्मदाह तक कर सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। किसानों ने जिलाधिकारी से न्याय हित में जांच कर सभी प्रभावित किसानों का फसल बीमा दिलाने और जिनके माध्यम से फसल नष्ट होने की गलत रिपोर्ट लगवाई गई है उनके खिलाफ जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन पर सोनीराम, शिवराज, हरकिशन, हरगोविंद, देशराज, महेंद्र अहिरवार, राघवेंद्र, कृपाल, विजय, रूपसिंह, गजेंद्र सिंह, मानवेंद्र सिंह, अनिल, आदि के हस्ताक्षर हैं।
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