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हवाई अड्डा: भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पहुंची दूसरे चरण में
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ललितपुर। हवाई अड्डा निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया दूसरे चरण में पहुंच गई है। पहले चरण में भूस्वामियों से आपत्ति मांगी गई थी। अब दूसरे चरण में प्रशासन ने विशेष कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में प्रशासनिक अधिकारियों के अलाव तकनीकी, नगर पालिका व ग्राम पंचायत विभाग के सदस्यों को रखा गया है। यह कमेटी भूमि पर संपत्ति का मूल्यांकन तय करेगी।
नगर हद बाहर ग्राम सिवनीखुर्द में प्रस्तावित हवाई अड्डे के लिए करीब 91 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। 89.50 हेक्टेयर भूमि आपसी सहमति से क्रय कर ली गई थी। करीब 2.5 हेक्टेयर भूमि ऐसी शेष रह गई थी, जिसके स्वामित्व को लेकर मामले न्यायालय में विचाराधीन थे, इसलिए बैनामा नहीं हो पाया। इन भूमियों के अधिग्रहण के लिए जिला प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर शासन स्तर पर नागरिक उड्डयन विभाग को भेजा था। शासन ने प्रस्ताव पर मुहर लगा दी थी। नागरिक उड्डयन विभाग ने भूमि अधिग्रहण के लिए 4.46 करोड़ की धनराशि जमा करा दी है। अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण होते ही हवाई अड्डा का निर्माण प्रारंभ होने की उम्मीद है। पहले चरण में आपत्तियां मांगी गई थीं। करीब दो दर्जन आपत्तियां आईं थीं, जिनका निस्तारण हो चुका है। उपजिलाधिकारी सदर चंद्रभूषण प्रताप सिंह ने बताया कि अधिग्रहण के लिए कमेटी का गठन हो चुका है।
पर्यटन और औद्योगिक विकास को मिलेगा नया आयाम
हवाई पट्टी बनने से जनपद हवाई यातायात से जुड़ जाएगा, इससे पर्यटन व औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। निवेशकों का ध्यान इस ओर आकर्षित होगा। नए उद्यम स्थापित होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
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नगर हद बाहर ग्राम सिवनीखुर्द में प्रस्तावित हवाई अड्डे के लिए करीब 91 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। 89.50 हेक्टेयर भूमि आपसी सहमति से क्रय कर ली गई थी। करीब 2.5 हेक्टेयर भूमि ऐसी शेष रह गई थी, जिसके स्वामित्व को लेकर मामले न्यायालय में विचाराधीन थे, इसलिए बैनामा नहीं हो पाया। इन भूमियों के अधिग्रहण के लिए जिला प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर शासन स्तर पर नागरिक उड्डयन विभाग को भेजा था। शासन ने प्रस्ताव पर मुहर लगा दी थी। नागरिक उड्डयन विभाग ने भूमि अधिग्रहण के लिए 4.46 करोड़ की धनराशि जमा करा दी है। अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण होते ही हवाई अड्डा का निर्माण प्रारंभ होने की उम्मीद है। पहले चरण में आपत्तियां मांगी गई थीं। करीब दो दर्जन आपत्तियां आईं थीं, जिनका निस्तारण हो चुका है। उपजिलाधिकारी सदर चंद्रभूषण प्रताप सिंह ने बताया कि अधिग्रहण के लिए कमेटी का गठन हो चुका है।
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पर्यटन और औद्योगिक विकास को मिलेगा नया आयाम
हवाई पट्टी बनने से जनपद हवाई यातायात से जुड़ जाएगा, इससे पर्यटन व औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। निवेशकों का ध्यान इस ओर आकर्षित होगा। नए उद्यम स्थापित होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
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