{"_id":"68c08f43f1047743030282b0","slug":"airport-construction-work-stuck-due-to-non-transfer-of-defense-departments-land-lalitpur-news-c-131-1-ltp1020-142385-2025-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: रक्षा विभाग की भूमि हस्तांतरित न होने के कारण हवाई अड्डा निर्माण कार्य अटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: रक्षा विभाग की भूमि हस्तांतरित न होने के कारण हवाई अड्डा निर्माण कार्य अटका
विज्ञापन
- केंद्र सरकार के पास पहुंचा प्रकरण, अभी तक नहीं आया कोई निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला मुख्यालय पर हवाई अड्डा निर्माण प्रस्तावित है, जिला प्रशासन ने इसके लिए निजी भूमि को क्रयकर नागरिक उड्डयन विभाग को हस्तांतरित कर दिया है। तो वहीं, रक्षा विभाग की भूमि अभी तक नागरिक उड्डयन विभाग के नाम पर दर्ज नहीं हुई है। इस कारण अभी तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है।
जिले में वर्ष 2021 में हवाई अड्डा बनाने की घोषणा की गई थी, जिला प्रशासन ने जिले में पूर्व निर्मित हवाई पट्टी व और उससे सटे गांव सेवनी की 390 एकड़ भूमि को चिह्नित की थी। इसमें निजी लोगों की भूमि व मकान शामिल थे। साथ ही इसमें 78 एकड़ रक्षा भूमि को शामिल किया था। रक्षा मंत्रालय की ओर से जमीन के बदले जमीन और मुआवजे की मांग की गई। मामला नागरिक उड्डयन विभाग के समक्ष पहुंचा तो उसने 78 एकड़ में से 29 एकड़ भूमि जिस पर हवाई पट्टी निर्मित है, उस पर अपना हक जताते हुए कागजात पेश किया। इसके बाद इस 29 एकड़ हवाई पट्टी की भूमि का विवाद शुरू हो गया। यह विवाद शासनस्तर पर पहुंचा और दोनों विभागों के अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन नतीजा नहीं निकला। इस भूमि पर राज्यपाल ने एक आदेश जारी किया था कि जो भी हवाई पट्टी निष्प्रयोज्य हैं, उनकी भूमि नागरिक उड्डयन विभाग के नाम दर्जकर दिया जाए। राज्यपाल के आदेश पर 1996 में जनपद स्थित हवाई पट्टी की 29 एकड़ भूमि नागरिक उड्डयन विभाग के नाम दर्ज हो गई, जबकि कब्जा अबतक इस भूमि पर रक्षा विभाग का है। अब विवाद राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेज दिया गया। लेकिन अभी कोई निर्णय जिला मुख्यालय पर नहीं भेजा गया है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
विज्ञापन
हवाई अड्डा का निर्माण होगा, रक्षा विभाग का मसौदा केंद्र सरकार के माध्यम से दोनों विभाग से वार्ता में हल हो जाएगा। जल्द की हवाई अड्डा धरातल पर दिखाई देने लगेेगा।
अमृत त्रिपाठी, सचिव उच्च शिक्षा /नोडल अधिकारी जनपद ललितपुर
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला मुख्यालय पर हवाई अड्डा निर्माण प्रस्तावित है, जिला प्रशासन ने इसके लिए निजी भूमि को क्रयकर नागरिक उड्डयन विभाग को हस्तांतरित कर दिया है। तो वहीं, रक्षा विभाग की भूमि अभी तक नागरिक उड्डयन विभाग के नाम पर दर्ज नहीं हुई है। इस कारण अभी तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है।
जिले में वर्ष 2021 में हवाई अड्डा बनाने की घोषणा की गई थी, जिला प्रशासन ने जिले में पूर्व निर्मित हवाई पट्टी व और उससे सटे गांव सेवनी की 390 एकड़ भूमि को चिह्नित की थी। इसमें निजी लोगों की भूमि व मकान शामिल थे। साथ ही इसमें 78 एकड़ रक्षा भूमि को शामिल किया था। रक्षा मंत्रालय की ओर से जमीन के बदले जमीन और मुआवजे की मांग की गई। मामला नागरिक उड्डयन विभाग के समक्ष पहुंचा तो उसने 78 एकड़ में से 29 एकड़ भूमि जिस पर हवाई पट्टी निर्मित है, उस पर अपना हक जताते हुए कागजात पेश किया। इसके बाद इस 29 एकड़ हवाई पट्टी की भूमि का विवाद शुरू हो गया। यह विवाद शासनस्तर पर पहुंचा और दोनों विभागों के अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन नतीजा नहीं निकला। इस भूमि पर राज्यपाल ने एक आदेश जारी किया था कि जो भी हवाई पट्टी निष्प्रयोज्य हैं, उनकी भूमि नागरिक उड्डयन विभाग के नाम दर्जकर दिया जाए। राज्यपाल के आदेश पर 1996 में जनपद स्थित हवाई पट्टी की 29 एकड़ भूमि नागरिक उड्डयन विभाग के नाम दर्ज हो गई, जबकि कब्जा अबतक इस भूमि पर रक्षा विभाग का है। अब विवाद राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेज दिया गया। लेकिन अभी कोई निर्णय जिला मुख्यालय पर नहीं भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हवाई अड्डा का निर्माण होगा, रक्षा विभाग का मसौदा केंद्र सरकार के माध्यम से दोनों विभाग से वार्ता में हल हो जाएगा। जल्द की हवाई अड्डा धरातल पर दिखाई देने लगेेगा।
अमृत त्रिपाठी, सचिव उच्च शिक्षा /नोडल अधिकारी जनपद ललितपुर