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जनपद में खुलवाया जाए कृषि अनुसंधान केंद्र

Sat, 22 Jan 2022 12:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jan 2022 12:39 AM IST
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Agricultural research center should be opened in the district
सिलावन(ललितपुर)। बुंदेलखंड के किसानों की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं हैं। कई वर्षों से प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे किसानों पर सियासत तो खूब हुई, लेकिन उनके जख्मों पर ऐसा मरहम लगाने की कोशिश किसी ने भी नहीं की। किसानों का कहना है कि जनपद में कृषि केंद्र खुलवाया जाए। उन्हें कृषि को उद्योग का दर्जा दिलाने वाला जनप्रतिनिधि चाहिए।
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जनपद में विषम हालात से गुजर रहे किसानों को जनप्रतिनिधियों से अब ठोस पहल किए जाने की दरकार है। वह चाहते है कि उन्हें तकनीकी खेती से जोड़कर उन्नत किया जाए। जिले में कृषि अनुसंधान केंद्र की स्थापना कराई जाए। अन्ना जानवरों और नील गायों आदि से फसल की सुरक्षा के लिए ठोस उपाय किए जाएं, हर खेत को पानी मिल सके, ऐसे उपाए किए जाए। किसानों की आय दो गुनी करने के ठोस उपाय किए जाएं। उन्होंने कहा कि कृषि को उद्योग का दर्जा दिलाने के लिए ठोस प्रयास करने वाले जनप्रतिनिधि को तरजीह दी जाएगी।
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लोकपाल सिंह(गुढ़ा बुजुर्ग)
जानकारी के अभाव में फसल की सही उपज नसीब नहीं हो पा रही है, यही कारण है कि किसान लगातार पिछड़ रहा हैं। ऐसा प्रतिनिधि चाहिए जो कृषि अनुसंधान केंद्र और खेती की तकनीकी जानकारी किसानों को दिला सके।
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लोकपाल सिंह, गुढ़ा बुजुर्ग
जनप्रतिनिधि ऐसा हो जो किसानों का मर्म समझे। ईमानदारी से किसानों की आवाज विधानसभा में बुलंद करे, ताकि इस क्षेत्र के किसानों की समस्याओं का समाधान हो और खुशहाल व समृद्ध बनकर प्रदेश के विकास में सहायक बने।
लाखन, गुढ़ा बुजुर्ग
प्राकृतिक आपदाओं से परेशान किसान उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं उन्हें विभागों में फैले भ्रष्टाचार से होकर गुजरना पड़ रहा है। चुनाव के समय ऐसे प्रत्याशी को ही प्राथमिकता देंगे जो भ्रष्टाचार को समाप्त करके किसानों की समस्याएं उठाए।
रामस्वरूप लोधी, सिलावन
किसान सुखी रहेगा तो देश भी खुशहाल होगा। देश की 70 फीसदी आबादी गांव में निवास करती है। गांव के लोगों का मुख्य व्यवसाय खेती है, इसलिए कृषि के स्तर में सुधार के लिए ठोस पहल किए जाने नेता की आवश्यकता है।
संतोष सेन, किसान
कृषि को उद्योग का दर्जा नहीं दिया जाता है। तब तक कृषि कराहती रहेगी, ग्रामीण युवा खेती किसानी से पलायन करते रहेंगे और किसान आत्महत्या करते रहेंगे। कृषि को उद्योग का दर्जा दिलाए जाने के लिए प्रयास करने वाला नेता चाहिए।

कालीचरन चौबे, किसरदा
पंचायत स्तर पर कृषि उद्योगों की स्थापना करने से किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिलेगा। इसके लिए ठोस प्रयास करने वाले जनप्रतिनिधि चाहिए। जनप्रतिनिधि किसानों की समस्याएं सुलझाने वाला होना चाहिए।
शिवचरन, छपरट
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