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Lalitpur News: नवागढ़ की विरासत सहेजने के लिए पर्यटन महानिदेशक को प्रशासन ने लिखा पत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नवागढ़ में पर्यटन विभाग ने बुंदेलखंड विरासत सहेजने के लिए जिला प्रशासन से करीब चार हेक्टेयर भूमि मांगी थी। प्रशासन ने वहां मौजूद ग्राम सभा की भूमि को लेकर महानिदेशक को पत्र लिखा है।
महरौनी तहसील के सौजना क्षेत्र में नवागढ़ है, यहां जैन मूर्तियों का भंडार है। प्राचीन चंदेलकालीन प्रतिमाओं का अनुपम संग्रह है। गांव में आज भी जहां खुदाई होती है, वहां प्राचीन मूर्तियां निकलती हैं। यहां 25 फुट लंबी व 15 फुट ऊंची कच्छप शिला है। पहाड़ों व गुफाओं में पुरापाषण के प्राकृतिक रंगों से बनाए हुए शैल चित्र भी हैं। पर्यटन विभाग ने यहां मूर्तियों को संग्रहीत करने के लिए जिला प्रशासन से जमीन मांगी थी। सौजना के ग्राम सभा की भूमि वहां उपलब्ध है। प्रशासन ने इस विरासत को सहेजने के लिए यह भूमि पर्यटन विभाग को देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में पर्यटन विभाग को शासन स्तर पर पत्र भेजा गया है।
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पर्यटन विभाग के महानिदेशक को पत्र लिखकर उनके विभाग की श्रेणी के बारे में जानकारी मांगी गई है। श्रेणी के अनुसार उन्हें भूमि आवंटित कर दी जाएगी।-अंकुर श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी।
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ललितपुर। नवागढ़ में पर्यटन विभाग ने बुंदेलखंड विरासत सहेजने के लिए जिला प्रशासन से करीब चार हेक्टेयर भूमि मांगी थी। प्रशासन ने वहां मौजूद ग्राम सभा की भूमि को लेकर महानिदेशक को पत्र लिखा है।
महरौनी तहसील के सौजना क्षेत्र में नवागढ़ है, यहां जैन मूर्तियों का भंडार है। प्राचीन चंदेलकालीन प्रतिमाओं का अनुपम संग्रह है। गांव में आज भी जहां खुदाई होती है, वहां प्राचीन मूर्तियां निकलती हैं। यहां 25 फुट लंबी व 15 फुट ऊंची कच्छप शिला है। पहाड़ों व गुफाओं में पुरापाषण के प्राकृतिक रंगों से बनाए हुए शैल चित्र भी हैं। पर्यटन विभाग ने यहां मूर्तियों को संग्रहीत करने के लिए जिला प्रशासन से जमीन मांगी थी। सौजना के ग्राम सभा की भूमि वहां उपलब्ध है। प्रशासन ने इस विरासत को सहेजने के लिए यह भूमि पर्यटन विभाग को देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में पर्यटन विभाग को शासन स्तर पर पत्र भेजा गया है।
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पर्यटन विभाग के महानिदेशक को पत्र लिखकर उनके विभाग की श्रेणी के बारे में जानकारी मांगी गई है। श्रेणी के अनुसार उन्हें भूमि आवंटित कर दी जाएगी।-अंकुर श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी।
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