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पद्मावती फिल्म देखेंगे तो फख्र करेंगे राजपूत : मुराद
amar ujala
Updated Mon, 20 Nov 2017 01:45 AM IST
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lalitpur news
- फोटो : amar ujala
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सिने अभिनेता रजा मुराद ने कहा कि पद्मावती फिल्म में राजपूतों के चरित्र, वीरता, आहुति को दर्शाया गया है। फिल्म में वीरता का जो वर्णन किया है उसे आज तक अन्य किसी फिल्म में नहीं दर्शाया गया है। जो लोग पद्मावती फिल्म का विरोध कर रहे हैं, उन्होंने पिक्चर ही नहीं देखी है। जब यह रिलीज होगी तो राजपूतों का सीना फख्र से चौड़ा हो जाएगा। हमारे यहां प्रजातंत्र है। जब आंतकवादी अजमल कसाब गोलियां बरसा रहा था तो उसे सभी ने टेलीविजन पर देखा था। इसके बावजूद सरकार ने उसे अपनी बात कहने का पूरा मौका दिया है। यदि फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली कुछ कह रहे हैं तो उनकी भी बात सुनी जानी चाहिए। एक तरफ कलाकारों को जहां जान का खतरा है, कोई नाक, गला काटने की बात कह रहा है।
वहीं, उन्होंने इस फिल्म में अपना खून पसीना लगाया है। इस फिल्म को हॉलीवुड की पिक्चर से कम नहीं आंका जा सकता है। वह नगर पालिका परिषद की निर्दलीय उम्मीदवार कमला देवी के समर्थन में प्रचार करने ललितपुर आए थे।
झांसी रोड स्थित होटल में पत्रकारवार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि सिने अभिनेता रजा पृथ्वीराज कपूर जब फिल्म के सेट पर आते थे तो वह कहते थे अकबर को अभी मेरे अंदर आने दो। आज की तकनीक आधुनिक हुई है पर लेखनी में गिरावट आई है। फिल्मों में पहले छोटे-छोटे डायलॉग होते थे, जैसे कितने आदमी थे, तुम्हारा नाम क्या है बसंती, मैं आज भी फेंके हुए पैसे नहीं उठाता आदि शामिल हैं। थियेटर में आज संवाददाता की मौजूदगी का अहसास नहीं होता है। पटकथा में शरीर तो है, लेकिन आत्मा दिखाई नहीं देती है। आज के संवाददाता भाषा पर ध्यान नहीं देते हैं।
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गुजरात चुनाव में पद्मावती फिल्म के विरोध का लाभ होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह पद्मावती फिल्म में जलालुउद्दीन खिलजी किरदार के रूप में है। भाजपा द्वारा विरोध किए जाने के जवाब में उन्होंने कहा कि जब किसी ने फिल्म ही देखी नहीं है तो विरोध का क्या मतलब है? दाउद व दुबई का पैसा लगा होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो यह आरोप लगा रहे हैं, वह इसे साबित कर दें। विरोध करने वालों को फिल्म दिखाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह तरीका गलत है। क्या सेंसर बोर्ड का दफ्तर हर गली कूंचों में खुलेगा? सेंसर बोर्ड यह जानता है कि उसे फिल्म से क्या रखना है और क्या इससे अलग करना है? राम मंदिर निर्माण में श्रीश्री रविशंकर की मध्यस्थता के सवाल पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य होगा। हालांकि, वह इस मामले में चल रही बातचीत पर सकारात्मक दिखे। पत्रकारवार्ता में पूर्व सदर विधायक रमेश कुशवाहा मौजूद थे।
राजनीति के नहीं काबिल
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हर नागरिक का हक प्रचार करना है। राजनीतिक दल फिल्मी हस्तियों को यदि प्रचार में इस्तेमाल कर रहे हैं तो गलत क्या है? सिने स्टार शत्रुघ्न सिन्हा भाजपा से जुड़े हैं, लेकिन जब उन्हें नीतियां गलत लगती है तो वह अपनी बात बेबाकी से रखते हैं। उनके पास पद नहीं है लेकिन कद तो है।
वहीं, उन्होंने इस फिल्म में अपना खून पसीना लगाया है। इस फिल्म को हॉलीवुड की पिक्चर से कम नहीं आंका जा सकता है। वह नगर पालिका परिषद की निर्दलीय उम्मीदवार कमला देवी के समर्थन में प्रचार करने ललितपुर आए थे।
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झांसी रोड स्थित होटल में पत्रकारवार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि सिने अभिनेता रजा पृथ्वीराज कपूर जब फिल्म के सेट पर आते थे तो वह कहते थे अकबर को अभी मेरे अंदर आने दो। आज की तकनीक आधुनिक हुई है पर लेखनी में गिरावट आई है। फिल्मों में पहले छोटे-छोटे डायलॉग होते थे, जैसे कितने आदमी थे, तुम्हारा नाम क्या है बसंती, मैं आज भी फेंके हुए पैसे नहीं उठाता आदि शामिल हैं। थियेटर में आज संवाददाता की मौजूदगी का अहसास नहीं होता है। पटकथा में शरीर तो है, लेकिन आत्मा दिखाई नहीं देती है। आज के संवाददाता भाषा पर ध्यान नहीं देते हैं।
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गुजरात चुनाव में पद्मावती फिल्म के विरोध का लाभ होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह पद्मावती फिल्म में जलालुउद्दीन खिलजी किरदार के रूप में है। भाजपा द्वारा विरोध किए जाने के जवाब में उन्होंने कहा कि जब किसी ने फिल्म ही देखी नहीं है तो विरोध का क्या मतलब है? दाउद व दुबई का पैसा लगा होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जो यह आरोप लगा रहे हैं, वह इसे साबित कर दें। विरोध करने वालों को फिल्म दिखाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह तरीका गलत है। क्या सेंसर बोर्ड का दफ्तर हर गली कूंचों में खुलेगा? सेंसर बोर्ड यह जानता है कि उसे फिल्म से क्या रखना है और क्या इससे अलग करना है? राम मंदिर निर्माण में श्रीश्री रविशंकर की मध्यस्थता के सवाल पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य होगा। हालांकि, वह इस मामले में चल रही बातचीत पर सकारात्मक दिखे। पत्रकारवार्ता में पूर्व सदर विधायक रमेश कुशवाहा मौजूद थे।
राजनीति के नहीं काबिल
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हर नागरिक का हक प्रचार करना है। राजनीतिक दल फिल्मी हस्तियों को यदि प्रचार में इस्तेमाल कर रहे हैं तो गलत क्या है? सिने स्टार शत्रुघ्न सिन्हा भाजपा से जुड़े हैं, लेकिन जब उन्हें नीतियां गलत लगती है तो वह अपनी बात बेबाकी से रखते हैं। उनके पास पद नहीं है लेकिन कद तो है।