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कच्चे घरों में रहने को मजबूर हैं आदिवासी परिवार

Sat, 31 Oct 2020 01:52 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 31 Oct 2020 01:52 AM IST
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Aadiwashi family living bad condition
मड़ावरा/ललितपुर। ब्लॉक मड़ावरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़वार में आवास योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। यहां अब तक सहरिया बस्ती के लोगों को आशियाना नहीं मिल पाया है। जिससे वे कच्चे मकानों में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। उनका आरोप है कि मनरेगा में भी काम नहीं मिल रहा है।
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ब्लॉक मड़ावरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़वार है। ग्राम पंचायत बड़वार की आबादी लगभग तीन हजार है। यहां सहरिया बस्ती में लगभग 100 परिवार निवास करते हैं, यह लोग विकास योजना से पूरी तरह से वंचित हैं। यहां पर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजनाओं का लाभ भी नहीं मिला है। अब भी कई सहरिया लोग कच्चे व मिट्टी के घरों में रह रहे हैं। आवास निर्माण के लिए आवेदन करने के बाद भी काम नहीं हो सका है। आर्थिक सुधार व रोजगार के लिए मनरेगा में भी कार्य नहीं मिला है। इससे आर्थिक रूप से काफी कमजोर हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अनदेखा कर रहे हैं।
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झोपड़े में गुजर रहा जीवन
पक्क मकान न होने से अधिक परेशानी होती है। बारिश के मौसम में रात में सर्प- बिच्छू के काटने का खतरा बना रहता है। सर्द रातों में भी परेशानी होती है। रानी
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गांव में नहीं मिला मनरेगा के काम
गांव में रोजगार नहीं मिल रहा है। इससे अधिक परेशानी हो रही है। लॉकडाउन के पहले से मनरेगा में कार्य नहीं मिला है। त्योहार पर काफी तंगी है। कलीबाई सहरिया
ग्राम पंचायत में वर्ष 2017-18 में गांव में दो आवास बनवाए गए थे, पंचायत का सृजन के बाद 70 आवास के लिए आवेदन किए गए हैं।
- आलोक दुबे, एडीओ पंचायत
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