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Lalitpur News: बीमारी से परेशान युवक ने विषाक्त पदार्थ निगलकर दी जान
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थाना बार क्षेत्र के ग्राम गदयाना का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। थाना बार क्षेत्र के ग्राम गदयाना में बीमारी से परेशान युवक ने विषाक्त पदार्थ निगल लिया। परिजन उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिक शराब पीने से युवक को बीमारी हो गई थी, जिसके चलते उसे यह कदम उठा लिया।
थाना बार क्षेत्र के ग्राम गदयाना निवासी जयदेव (26) पुत्र गोपीलाल तीन-चार वर्ष से पेट की बीमारी से परेशान चल रहा था। बृहस्पतिवार को सुबह लगभग साढ़े दस बजे उसने घर पर ही विषाक्त पदार्थ निगल लिया। इस बात की जानकारी उसने अपनी मां को दी। यह सुनकर मां चिल्लाने लगी। तभी जयदेव को उल्टियां होने लगीं। मां के चिल्लाने पर अन्य परिजन आ गए और गांव में एक चार पहिया वाहन बुलाकर उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ललितपुर ले गए, लेकिन तब तक उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के पिता गोपीलाल ने बताया कि उसके बेटे के पेट में फफोले हो गए थे। लगभग तीन वर्ष से अधिक समय से उसका इंदौर और फिर ललितपुर में इलाज चल रहा था, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसी तकलीफ के चलते बृहस्पतिवार को उसने विषाक्त पदार्थ निगलकर जान दे दी। मृतक तीन भाई व एक बहन में सबसे छोटा था और वह पीओपी का काम करता था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। थाना बार क्षेत्र के ग्राम गदयाना में बीमारी से परेशान युवक ने विषाक्त पदार्थ निगल लिया। परिजन उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अधिक शराब पीने से युवक को बीमारी हो गई थी, जिसके चलते उसे यह कदम उठा लिया।
थाना बार क्षेत्र के ग्राम गदयाना निवासी जयदेव (26) पुत्र गोपीलाल तीन-चार वर्ष से पेट की बीमारी से परेशान चल रहा था। बृहस्पतिवार को सुबह लगभग साढ़े दस बजे उसने घर पर ही विषाक्त पदार्थ निगल लिया। इस बात की जानकारी उसने अपनी मां को दी। यह सुनकर मां चिल्लाने लगी। तभी जयदेव को उल्टियां होने लगीं। मां के चिल्लाने पर अन्य परिजन आ गए और गांव में एक चार पहिया वाहन बुलाकर उसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ललितपुर ले गए, लेकिन तब तक उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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मृतक के पिता गोपीलाल ने बताया कि उसके बेटे के पेट में फफोले हो गए थे। लगभग तीन वर्ष से अधिक समय से उसका इंदौर और फिर ललितपुर में इलाज चल रहा था, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसी तकलीफ के चलते बृहस्पतिवार को उसने विषाक्त पदार्थ निगलकर जान दे दी। मृतक तीन भाई व एक बहन में सबसे छोटा था और वह पीओपी का काम करता था।
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