{"_id":"25-55292","slug":"Lalitpur-55292-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी विभागों पर करोड़ों का बकाया ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी विभागों पर करोड़ों का बकाया
Lalitpur
Updated Sat, 31 Jan 2015 05:30 AM IST
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ललितपुर। जनपद के सरकारी विभागों पर विद्युत विभाग का करोड़ों का राजस्व बकाया है। लेकिन, विभाग का ध्यान सिर्फ आम आदमी से बकाया वसूलने पर ही है। बडे़ बकाएदार सरकारी विभागों से वसूली के लिए विभाग ने अब तक कोई अभियान नहीं छेड़ा है।
नगर में करीब आधा सैकड़ा से ऊपर सरकारी कार्यालय खुले हुए हैं। सरकारी कार्यालय में कई कमरे में विद्युत उपकरण मौजूद होने के बाद इनका लोड भी वर्षों पुराना चला आ रहा है। जिला विकास कार्यालय, राजकीय इंटर कालेज, प्रभारी अधिकारी खाद्य निगम, जिलापूर्ति अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला परिषद स्थित वाणिज्य विभाग सहित अन्य विभागों का एक किलोवाट लोड है। इसके साथ जिला चिकित्सालय, जल संस्थान, वाणिज्य विभाग, सिंचाई विभाग सहित दर्जनों विभागों पर विद्युत विभाग की करीब ढाई करोड़ रुपये के आसपास बकायेदारी चली आ रही है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निर्देश पर नगर में भी अभियान चलाया जा रहा है। इसमें घरेलू व वाणिज्य उपभोक्ताओं के पास प्रतिदिन विद्युत अधिकारी व कर्मचारियों की टीम पहुंच रही है। लेकिन, सरकारी विभागों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इन विभागों का न तो लोड बढ़ाया जा रहा है और न ही वसूली की दिशा में कोई कदम उठाया जा रहा है। जबकि, नगर में ये विभाग सबसे बड़े बकायेदार हैं।
मार्च का हो रहा इंतजार
सरकारी विभागों से वित्तीय वर्ष के अंत में विभाग बकायेदारी वसूलता चला आ रहा है। सरकारी विभागीय अफसर भी नए वित्तीय वर्ष अप्रैल प्रारंभ होने से पहले अपने बकायेदारी को अदा करते हैं। ऐसे में विभाग सरकारी विभागों की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। हालांकि, नगर में चल रहे चेकिंग अभियान के दौरान उपभोक्ता विभागीय कर्मचारियों से इस संबंध में जरूर प्रश्न कर रहे हैं।
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नगर में चोरी रोकने के लिए पहले उपभोक्ताओं से चेकिंग अभियान की शुरुआत की गई है। मुहल्लों में औचक अभियान चलाया जा रहा है। वार्डों में अभियान खत्म होने के बाद नगर में स्थित सरकारी विभागों की जांच की जाएगी। इसमें लोड बढ़ाने के साथ राजस्व वसूला जाएगा।
- ए के वर्मा, उपखंड अधिकारी प्रथम
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नगर में करीब आधा सैकड़ा से ऊपर सरकारी कार्यालय खुले हुए हैं। सरकारी कार्यालय में कई कमरे में विद्युत उपकरण मौजूद होने के बाद इनका लोड भी वर्षों पुराना चला आ रहा है। जिला विकास कार्यालय, राजकीय इंटर कालेज, प्रभारी अधिकारी खाद्य निगम, जिलापूर्ति अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला परिषद स्थित वाणिज्य विभाग सहित अन्य विभागों का एक किलोवाट लोड है। इसके साथ जिला चिकित्सालय, जल संस्थान, वाणिज्य विभाग, सिंचाई विभाग सहित दर्जनों विभागों पर विद्युत विभाग की करीब ढाई करोड़ रुपये के आसपास बकायेदारी चली आ रही है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निर्देश पर नगर में भी अभियान चलाया जा रहा है। इसमें घरेलू व वाणिज्य उपभोक्ताओं के पास प्रतिदिन विद्युत अधिकारी व कर्मचारियों की टीम पहुंच रही है। लेकिन, सरकारी विभागों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इन विभागों का न तो लोड बढ़ाया जा रहा है और न ही वसूली की दिशा में कोई कदम उठाया जा रहा है। जबकि, नगर में ये विभाग सबसे बड़े बकायेदार हैं।
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मार्च का हो रहा इंतजार
सरकारी विभागों से वित्तीय वर्ष के अंत में विभाग बकायेदारी वसूलता चला आ रहा है। सरकारी विभागीय अफसर भी नए वित्तीय वर्ष अप्रैल प्रारंभ होने से पहले अपने बकायेदारी को अदा करते हैं। ऐसे में विभाग सरकारी विभागों की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। हालांकि, नगर में चल रहे चेकिंग अभियान के दौरान उपभोक्ता विभागीय कर्मचारियों से इस संबंध में जरूर प्रश्न कर रहे हैं।
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नगर में चोरी रोकने के लिए पहले उपभोक्ताओं से चेकिंग अभियान की शुरुआत की गई है। मुहल्लों में औचक अभियान चलाया जा रहा है। वार्डों में अभियान खत्म होने के बाद नगर में स्थित सरकारी विभागों की जांच की जाएगी। इसमें लोड बढ़ाने के साथ राजस्व वसूला जाएगा।
- ए के वर्मा, उपखंड अधिकारी प्रथम