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एक माह में काटे चंदन के 17 पेड़
Lalitpur
Updated Wed, 03 Sep 2014 05:31 AM IST
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ललितपुर। ग्राम रजवारा में चंदन के पेड़ चोरों के निशाने पर हैं। एक माह में यहां एक ग्रामीण के बाग से चोर एक- एक करके चंदन के 17 पेड़ काट चुके हैं। इस संबंध में कोतवाली सदर पुलिस को शिकायती पत्र सौंपा गया है।
ललितपुर सदर कोतवाली क्षेत्रांतर्गत ग्रामसभा रजवारा में रहने वाले किसान महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि उन्होंने गांव में कई एकड़ भूमि पर अमरूद व चंदन के बाग लगा रखे हैं। बाग में चंदन के लगभग दो सैकड़ा छोटे बड़े पेड़ लगे हुए हैं। एक अगस्त से अब तक चोर यहां से करीब चंदन के 17 पेड़ काटकर ले जा चुके हैं। 31 अगस्त को उसने बाग में चोरों की आहट सुनी और उन्हें पकड़ने के लिए पीछा किया, लेकिन वे अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए। इस संबंध में ग्रामीण ने कोतवाली सदर पुलिस को एक शिकायती पत्र सौंपा है। ग्रामीण का कहना है कि बारिश के दौरान चंदन माफिया पेड़ काटने के लिए सक्रिय हो जाते हैं। इससे पूर्व इसी मौसम में उसकी बाग से कई चंदन के पेड़ काटे गए थे। उसने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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एसपी आवास से काटे गए थे पेड़
ललितपुर। चंदन का पेड़ काटने वाले माफियाओं की पुलिस से साठगांठ है। यही वजह है कि बीते वर्ष पुलिस अधीक्षक आवास प्रांगण में लगे वर्षों पुराने दो चंदन के पेड़ चोर काट ले गए थे। कप्तान के आवास से चोरी होने के बाद भी इस मामले में अब तक पुलिस आरोपियों की तलाश नहीं कर सकी है।
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05 हजार रुपये किलो बिकती है लकड़ी
ललितपुर। चंदन की लकड़ी से काफी मात्रा में तेल निकलता है। इसका उपयोग इत्र में भी किया जाता है। इत्र के कारोबार में इसकी मांग बनी रहती है। कालाबाजारी की स्थिति में चंदन की लकड़ी 05 हजार रुपये प्रति किलोग्राम बेची जाती है।
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ललितपुर सदर कोतवाली क्षेत्रांतर्गत ग्रामसभा रजवारा में रहने वाले किसान महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि उन्होंने गांव में कई एकड़ भूमि पर अमरूद व चंदन के बाग लगा रखे हैं। बाग में चंदन के लगभग दो सैकड़ा छोटे बड़े पेड़ लगे हुए हैं। एक अगस्त से अब तक चोर यहां से करीब चंदन के 17 पेड़ काटकर ले जा चुके हैं। 31 अगस्त को उसने बाग में चोरों की आहट सुनी और उन्हें पकड़ने के लिए पीछा किया, लेकिन वे अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए। इस संबंध में ग्रामीण ने कोतवाली सदर पुलिस को एक शिकायती पत्र सौंपा है। ग्रामीण का कहना है कि बारिश के दौरान चंदन माफिया पेड़ काटने के लिए सक्रिय हो जाते हैं। इससे पूर्व इसी मौसम में उसकी बाग से कई चंदन के पेड़ काटे गए थे। उसने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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एसपी आवास से काटे गए थे पेड़
ललितपुर। चंदन का पेड़ काटने वाले माफियाओं की पुलिस से साठगांठ है। यही वजह है कि बीते वर्ष पुलिस अधीक्षक आवास प्रांगण में लगे वर्षों पुराने दो चंदन के पेड़ चोर काट ले गए थे। कप्तान के आवास से चोरी होने के बाद भी इस मामले में अब तक पुलिस आरोपियों की तलाश नहीं कर सकी है।
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05 हजार रुपये किलो बिकती है लकड़ी
ललितपुर। चंदन की लकड़ी से काफी मात्रा में तेल निकलता है। इसका उपयोग इत्र में भी किया जाता है। इत्र के कारोबार में इसकी मांग बनी रहती है। कालाबाजारी की स्थिति में चंदन की लकड़ी 05 हजार रुपये प्रति किलोग्राम बेची जाती है।