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व्यवस्था की आड़ में दे दी गई सहूलियत

Sat, 26 Apr 2014 05:30 AM IST
Lalitpur
Lalitpur Updated Sat, 26 Apr 2014 05:30 AM IST
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ललितपुर। शिक्षकों की कमी से जूझ रहे परिषदीय स्कूलों की शिक्षा अस्थाई संबद्धीकरण से चरमरा उठी है। विभागीय अफसरों ने व्यवस्था बनाने की आड़ में नियमों तक का ख्याल नहीं रखा है। जिले में 195 कर्मी विभिन्न स्कूलों में अस्थाई संबद्ध होने से तैनाती में विसंगति उत्पन्न हो गई है। कहीं कम तो कहीं ज्यादा शिक्षक हो गए हैं। इसका खुलासा सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत मांगी गई सूचना से हुआ है।
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बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन जिले में 1049 प्राथमिक एवं 492 पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इनमें से 131 प्राथमिक एवं 11 जूनियर हाईस्कूलों में पद सृजित ही नहीं हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए विभागीय अफसरों ने ऐसे स्कूलों में व्यवस्था बनाने की आड़ में अस्थाई संबद्धता का सहारा लिया। स्कूलों में एक के बाद एक शिक्षकों को अस्थाई व्यवस्था में लगाया गया। शिक्षकों की कमी पड़ने पर नियम विपरीत शिक्षा मित्र एवं अनुदेशक भी कामचलाऊ व्यवस्था में लगा दिए गए। इस तरह अस्थाई संबद्ध शिक्षक, शिक्षा मित्रों व अनुदेशकों की संख्या पहुंचकर 195 हो गई। इससे स्कूलों में छात्र शिक्षक का अनुपात बिगड़ गया। किसी स्कूल में ज्यादा तो कहीं शिक्षक छात्र के मुकाबले कम पड़ गए हैं। यही नहीं, करीब 164 प्राथमिक एवं 80 उच्च प्राथमिक स्कूलों में एक ही शिक्षक रह गया है। इसका खुलासा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना से हुआ है। परिषदीय स्कूलों में नियम विपरीत शिक्षक, शिक्षा मित्र संबद्ध होने से शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। इसके बाद भी विभागीय अफसर मौन है।
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यहां हैं इतने कर्मी संबद्ध
ललितपुर। विकासखंड तालबेहट में 26, मड़ावरा में 48, बिरधा में 30, बार में 37, महरौनी में 16 व बार में 38 कर्मी विभिन्न स्कूलों में संबद्ध हैं।
नियमों की उड़ाईं धज्जियां
ललितपुर। अनुदेशकों की तैनाती 100 से अधिक छात्रांकन वाले जूनियर हाईस्कूलों में हुई है। लेकिन, विभागीय अफसरों ने अनुदेशकों को लाभ पहुंचाने के खातिर उन स्कूलों में संबद्धता दे दी है जो विभागीय सूची में भी शामिल नहीं हैं। कई स्कूल तो ऐसे हैं जहां एक से अधिक अनुदेशकों की अस्थाई ड्यूटी लगाई गई है। इतना ही नहीं, विषयों का भी ध्यान नहीं रखा गया है। इसके बाद भी विभागीय अफसर चुप्पी साधे हैं।
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