{"_id":"25-40054","slug":"Lalitpur-40054-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"चक्रवर्ती सम्राट थे सहस्त्रबाहु महाराज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चक्रवर्ती सम्राट थे सहस्त्रबाहु महाराज
Lalitpur
Updated Mon, 11 Nov 2013 05:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। हैहयवंशीय ताम्रकार कसेरा ठठेरा समाज समिति के तत्वावधान में मऊठाना में राजराजेश्वर सहस्त्रबाहु महाराज की जयंती धूमधाम से मनाई गई। लोगों ने सुख समृद्धि के लिए पंचकुंडीय यज्ञ में आहुतियां दीं तो महिलाओं ने मंगल गीत व भजन पेश किए।
जयंती का शुभारंभ राजराजेश्वर सहस्त्रबाहु महाराज के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके बाद समिति के पदाधिकारियों ने महाआरती की। तत्पश्चात आयोजित गोष्ठी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष रज्जूलाल ताम्रकार ने सहस्त्रबाहु महाराज की उत्पत्ति भगवान विष्णु व लक्ष्मी से बताई। बताया गया कि उन्होंने भगवान की कठोर तपस्या करके 10 वरदान प्राप्त किए। उन्होंने चक्रवर्ती सम्राट की उपाधि धारण की। दोपहर 12 बजे पंचकुंडीय यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें सुख समृद्धि के लिए लोगों ने आहुतियां दीं। इसके बाद महिलाओं ने भगवान के मंगल गीत व भजनों की प्रस्तुतियां दीं। अंत में प्रसाद वितरण व भंडारे का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर संरक्षक रघुवीर शरण, अध्यक्ष रामगोपाल ताम्रकार, केशव सिंह, अशोक कुमार ताम्रकार, रघुवीर शरण, हरीशंकर ताम्रकार, कन्हैयालाल, प्रीतम सिंह राजपूत, लक्ष्मीचंद्र अग्रवाल, राजाराम यादव, संजय ताम्रकार बर्तन वाले, नरेंद्र पहलवान, ताराबाबू, शिवशंकर ताम्रकार, नरेंद्र ताम्रकार, कमलेश ताम्रकार, राजकुमार, रामचरन, राजू, भैयालाल, अरविंद कुमार, भैयालाल, संदीप कुमार, रामबाबू, ब्रजेश ताम्रकार, राजेश कुमार, राधेकृष्णा ताम्रकार, कामेश्वर प्रसाद, विनोद कुमार, ताराचंद्र, संतोष कुमार, कमलचंद्र हयारण, अजय ताम्रकार, मुन्नालाल, अशोक कुमार, सुरेश कुमार, राजेश ताम्रकार, अखिलेश कुमार, रामकुमार, शैलू ताम्रकार, कन्हैयालाल, पंकज, संजय, वीरेंद्र कुमार, महेश ताम्रकार, विकास, पवन, हरिओम, धन्य कुमार, कमलेश, संतोष जखौरा, वेदप्रकाश, अरुण बाबू, राजकिशोरी, आशारानी, नेहा, दीपा, विभा, संगीता, प्रभारानी, बबली, रंजीता, कंचन, नीतू, पूनम, भगवानदास, राजाराम, प्रेमवती, रानी, पुष्पा, सोनल, जागृति, प्रेमलता, नर्वदाबाई, दीप्ति, लक्ष्मी, कृष्णाबाई, मीना, सोम, शिवम, कृष्णकांत, मोहिनी, ज्योति, नीतेश, अंजली, कमला, सुमन, निधि, प्रियंका आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जयंती का शुभारंभ राजराजेश्वर सहस्त्रबाहु महाराज के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इसके बाद समिति के पदाधिकारियों ने महाआरती की। तत्पश्चात आयोजित गोष्ठी में वरिष्ठ उपाध्यक्ष रज्जूलाल ताम्रकार ने सहस्त्रबाहु महाराज की उत्पत्ति भगवान विष्णु व लक्ष्मी से बताई। बताया गया कि उन्होंने भगवान की कठोर तपस्या करके 10 वरदान प्राप्त किए। उन्होंने चक्रवर्ती सम्राट की उपाधि धारण की। दोपहर 12 बजे पंचकुंडीय यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें सुख समृद्धि के लिए लोगों ने आहुतियां दीं। इसके बाद महिलाओं ने भगवान के मंगल गीत व भजनों की प्रस्तुतियां दीं। अंत में प्रसाद वितरण व भंडारे का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
इस अवसर पर संरक्षक रघुवीर शरण, अध्यक्ष रामगोपाल ताम्रकार, केशव सिंह, अशोक कुमार ताम्रकार, रघुवीर शरण, हरीशंकर ताम्रकार, कन्हैयालाल, प्रीतम सिंह राजपूत, लक्ष्मीचंद्र अग्रवाल, राजाराम यादव, संजय ताम्रकार बर्तन वाले, नरेंद्र पहलवान, ताराबाबू, शिवशंकर ताम्रकार, नरेंद्र ताम्रकार, कमलेश ताम्रकार, राजकुमार, रामचरन, राजू, भैयालाल, अरविंद कुमार, भैयालाल, संदीप कुमार, रामबाबू, ब्रजेश ताम्रकार, राजेश कुमार, राधेकृष्णा ताम्रकार, कामेश्वर प्रसाद, विनोद कुमार, ताराचंद्र, संतोष कुमार, कमलचंद्र हयारण, अजय ताम्रकार, मुन्नालाल, अशोक कुमार, सुरेश कुमार, राजेश ताम्रकार, अखिलेश कुमार, रामकुमार, शैलू ताम्रकार, कन्हैयालाल, पंकज, संजय, वीरेंद्र कुमार, महेश ताम्रकार, विकास, पवन, हरिओम, धन्य कुमार, कमलेश, संतोष जखौरा, वेदप्रकाश, अरुण बाबू, राजकिशोरी, आशारानी, नेहा, दीपा, विभा, संगीता, प्रभारानी, बबली, रंजीता, कंचन, नीतू, पूनम, भगवानदास, राजाराम, प्रेमवती, रानी, पुष्पा, सोनल, जागृति, प्रेमलता, नर्वदाबाई, दीप्ति, लक्ष्मी, कृष्णाबाई, मीना, सोम, शिवम, कृष्णकांत, मोहिनी, ज्योति, नीतेश, अंजली, कमला, सुमन, निधि, प्रियंका आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन