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95.65 लाख रुपये मिले, लेकिन काम अधूरा
ललितपुर/ब्यूूरेेेा
Updated Sat, 13 Jun 2015 01:19 AM IST
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ललितपुर। धनराशि मिलने के बाद भी जल संस्थान नए व पुराने हैंडपंप के लक्ष्य को नगर में पूर्ण नहीं कर पा रहा है। नगर के कई स्थानों पर बोरिंग तो कर दिया गया, लेकिन फाउंडेशन बनाने का काम अधूरा है। इससे नगरवासियों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जल निगम का यांत्रिक विभाग नगर के साथ ग्रामीण लोगों तक पानी पहुंचाने के लिए हैंडपंप लगवाने का काम करता है। गर्मी के कारण पानी छोड़ चुके हैंडपंप को भी रीबोर करवाकर ग्रामीणों पर पेयजल सुनिश्चित करता है। विभाग नए हैंडपंप पर 71,500 और रीबोर पर 62,600 रुपए खर्च करता है। एक हैंडपंप की 45 मीटर गहराई होनी चाहिए, लेकिन कम गहराई रखकर लाखों का खेल किया जाता है। नगर व नगर पंचायत में इस बार विभागीय अधिकरियों ने 90 नए हैंडपंप और 50 पुराने हैंडपंप को रीबोर करने का लक्ष्य भेजा।
नए हैंडपंपों में 10-10 हैंडपंप नगर पंचायत महरौनी, तालबेहट व पाली में भी लगाए जाने थे। नए व रीबोर के लिए विभाग को 95.65 लाख रुपए की धनराशि आवंटित की गई। विभाग तीन माह 12 दिनों में आधा काम ही कर पाया है। 25 हैंडपंप रीबोर हो गए और 60 नए हैंडपंप लगा दिए गए। लेकिन, नगर स्टेशन रोड स्थित तलैया के पीछे, लेड़ियापुरा, पुराना सूचना केंद्र, तालाबपुरा, नेहरूनगर, रावतयाना, नदीपुरा, चौबयाना, खिरकापुरा आदि सहित अनेक स्थानों पर हैंडपंप तो लगा दिए गए। इसका फाउंडेशन तैयार नहीं किया गया है। अभी भी 45 हैंडपंपों के फाउंडेशन तैयार नहीं है।
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गर्मी में नहीं होता काम
विभाग को गर्मी में किल्लत वाले स्थानों पर हैंडपंप लगाने व पानी छोड़ चुके हैंडपंपों के रीबोर करने का काम दिया जाता है। लेकिन, विभागीय अफसर गर्मी निकलने के बाद भी लक्ष्य पूरा नहीं कर पाते हैं। इस कारण गर्मी में लोग पानी को परेशान होते रहते हैं।
कई बार मांग चुके हैं सूची
जल निगम के अधिकारियों को दो माह पहले रीबोर की सूची दे गई थी। लेकिन, अब तक कितने रीबोर हैंडपंप हुए हैं। कई बार सूची मांगने के बाद उपलब्ध नहीं करवाई गई है। अभी सभी हैंडपंपों का रीबोर नहीं हुआ होगा।
आरएस चौधरी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान
इनका कहना है -
नगर के लिए पैसा आया था। रीबोर व नए हैंडपंपों के लगाने का काम किया जा रहा है। फाउंडेशन कितनों पर बन गए हैं, इसकी जानकारी नहीं है। वैसे आधा काम मान सकते हैं।
यशवीर सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम
ललितपुर। धनराशि मिलने के बाद भी जल संस्थान नए व पुराने हैंडपंप के लक्ष्य को नगर में पूर्ण नहीं कर पा रहा है। नगर के कई स्थानों पर बोरिंग तो कर दिया गया, लेकिन फाउंडेशन बनाने का काम अधूरा है। इससे नगरवासियों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जल निगम का यांत्रिक विभाग नगर के साथ ग्रामीण लोगों तक पानी पहुंचाने के लिए हैंडपंप लगवाने का काम करता है। गर्मी के कारण पानी छोड़ चुके हैंडपंप को भी रीबोर करवाकर ग्रामीणों पर पेयजल सुनिश्चित करता है। विभाग नए हैंडपंप पर 71,500 और रीबोर पर 62,600 रुपए खर्च करता है। एक हैंडपंप की 45 मीटर गहराई होनी चाहिए, लेकिन कम गहराई रखकर लाखों का खेल किया जाता है। नगर व नगर पंचायत में इस बार विभागीय अधिकरियों ने 90 नए हैंडपंप और 50 पुराने हैंडपंप को रीबोर करने का लक्ष्य भेजा।
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नए हैंडपंपों में 10-10 हैंडपंप नगर पंचायत महरौनी, तालबेहट व पाली में भी लगाए जाने थे। नए व रीबोर के लिए विभाग को 95.65 लाख रुपए की धनराशि आवंटित की गई। विभाग तीन माह 12 दिनों में आधा काम ही कर पाया है। 25 हैंडपंप रीबोर हो गए और 60 नए हैंडपंप लगा दिए गए। लेकिन, नगर स्टेशन रोड स्थित तलैया के पीछे, लेड़ियापुरा, पुराना सूचना केंद्र, तालाबपुरा, नेहरूनगर, रावतयाना, नदीपुरा, चौबयाना, खिरकापुरा आदि सहित अनेक स्थानों पर हैंडपंप तो लगा दिए गए। इसका फाउंडेशन तैयार नहीं किया गया है। अभी भी 45 हैंडपंपों के फाउंडेशन तैयार नहीं है।
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गर्मी में नहीं होता काम
विभाग को गर्मी में किल्लत वाले स्थानों पर हैंडपंप लगाने व पानी छोड़ चुके हैंडपंपों के रीबोर करने का काम दिया जाता है। लेकिन, विभागीय अफसर गर्मी निकलने के बाद भी लक्ष्य पूरा नहीं कर पाते हैं। इस कारण गर्मी में लोग पानी को परेशान होते रहते हैं।
कई बार मांग चुके हैं सूची
जल निगम के अधिकारियों को दो माह पहले रीबोर की सूची दे गई थी। लेकिन, अब तक कितने रीबोर हैंडपंप हुए हैं। कई बार सूची मांगने के बाद उपलब्ध नहीं करवाई गई है। अभी सभी हैंडपंपों का रीबोर नहीं हुआ होगा।
आरएस चौधरी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान
इनका कहना है -
नगर के लिए पैसा आया था। रीबोर व नए हैंडपंपों के लगाने का काम किया जा रहा है। फाउंडेशन कितनों पर बन गए हैं, इसकी जानकारी नहीं है। वैसे आधा काम मान सकते हैं।
यशवीर सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम