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Lalitpur News: धौर्रा और जाखलौन में लगे 84 सीसीटीवी, 77 की ‘आंखें’ बंद
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर-जाखलौन। ग्राम पंचायत जाखलौन और धौर्रा में लाखों से लगाए गए 84 सीसीटीवी कैमरों में 77 बंद पड़े हैं। इन कैमरों को इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर से जोड़ा गया था। अराजक तत्वों ने इनकी केबल काट कर जमीन पर डाल दी जिसे विभाग ने सही नहीं कराया।
ब्लॉक बिरधा की ग्राम पंचायत धौर्रा और जाखलौन को त्रिनेत्र अभियान के तहत कैमरे से लैस किया गया था। धौर्रा में 42 जगह कैमरे लगाए गए थे, जिनमें से 39 कैमरे बंद पड़े हैं, जबकि जाखलौन में लगाए गए 42 कैमरों में 38 बंद चल रहे हैं।
इसके पीछे गांव में होने वाली अप्रिय घटनाओं पर लगाम लगाने की मंशा थी, लेकिन चंद दिनों में ही कैमरे शोपीस बन गए। ग्राम पंचायत को इन कैमरों की देखरेख करनी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इन केबलों में फंसकर वाहन चालक चुटहिल हो रहे हैं।
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डीएम को किया गया था सम्मानित : दोनों गांवों में प्रत्येक कैमरे के साथ माइक और साउंड सिस्टम लगाया गया है। हाल में इस योजना का प्रस्तुतिकरण दिल्ली में डीएम ने दिया था, जिसके लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया था।
40 लाख से लगाए गए थे कैमरे : दोनों ग्राम पंचायतों में 40 लाख रुपये से 84 कैमरे व अन्य सिस्टम तैयार किया गया था। इससे दोनों ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्य, उपस्थित लोगों को जिला मुख्यालय से देखा जा सकता है।
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ललितपुर-जाखलौन। ग्राम पंचायत जाखलौन और धौर्रा में लाखों से लगाए गए 84 सीसीटीवी कैमरों में 77 बंद पड़े हैं। इन कैमरों को इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर से जोड़ा गया था। अराजक तत्वों ने इनकी केबल काट कर जमीन पर डाल दी जिसे विभाग ने सही नहीं कराया।
ब्लॉक बिरधा की ग्राम पंचायत धौर्रा और जाखलौन को त्रिनेत्र अभियान के तहत कैमरे से लैस किया गया था। धौर्रा में 42 जगह कैमरे लगाए गए थे, जिनमें से 39 कैमरे बंद पड़े हैं, जबकि जाखलौन में लगाए गए 42 कैमरों में 38 बंद चल रहे हैं।
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इसके पीछे गांव में होने वाली अप्रिय घटनाओं पर लगाम लगाने की मंशा थी, लेकिन चंद दिनों में ही कैमरे शोपीस बन गए। ग्राम पंचायत को इन कैमरों की देखरेख करनी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इन केबलों में फंसकर वाहन चालक चुटहिल हो रहे हैं।
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डीएम को किया गया था सम्मानित : दोनों गांवों में प्रत्येक कैमरे के साथ माइक और साउंड सिस्टम लगाया गया है। हाल में इस योजना का प्रस्तुतिकरण दिल्ली में डीएम ने दिया था, जिसके लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया था।
40 लाख से लगाए गए थे कैमरे : दोनों ग्राम पंचायतों में 40 लाख रुपये से 84 कैमरे व अन्य सिस्टम तैयार किया गया था। इससे दोनों ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्य, उपस्थित लोगों को जिला मुख्यालय से देखा जा सकता है।