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स्वच्छाग्रहियों को याद कराए दायित्व
Updated Mon, 21 Aug 2017 12:17 AM IST
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स्वच्छा ग्रहियों को याद कराए दायित्व
ललितपुर। डीपीआरओ कार्यालय के पास स्थित मैरिज गार्डन में स्वच्छ भारत मिशन के तहत संपूर्ण स्वच्छता कार्यक्रम (सीएलटीएस) के पांच दिवसीय प्रशिक्षण में अंतिम दिन 95 स्वच्छाग्रहियों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न देकर उन्हें सम्मानित किया गया।
डीएम मानवेंद्र सिंह ने कहा कि ललितपुर जिले को दिसंबर 2017 तक खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) करना है। मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार लक्ष्कार ने कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे स्वच्छाग्रहियों को स्वच्छता और खुले में शौच से होने वाली बीमारियों के बारे में विस्तार से बताते हुए स्वच्छाग्रहियों को उनके दायित्व याद दिलाए। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण समुदाय में जाकर लोगों को जागरूक करना है। खुले में शौच को समाप्त कराना कठिन कार्य है, लेकिन यह असंभव नहीं है। समुदाय के सहयोग से इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। डीएम मानवेंद्र सिंह ने उपस्थित सभी प्रशिक्षार्थियों को अपना मनोबल ऊंचा बनाए रखने की सलाह दी। जब यह जनपद खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा तो इसके योगदान में उन्हें याद किया जाएगा। अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर भी उन्हें सम्मानित कराया जाएगा। जिस प्रधान के कार्यकाल में उनकी ग्राम पंचायत ओडीएफ होगी उसका नाम भी उस ग्राम के इतिहास में सम्मान के साथ उन्हें याद किया जाएगा। जो प्रशिक्षण प्राप्त किया है उससे भी कठिन कार्य ग्राम जाकर लोगों के दृष्टिकोण में परिवर्तन करना है। हमें भी इस बात का गर्व रहेगा कि मेरे समय में जनपद ललितपुर खुले में शौच से मुक्त होगा। अंत में जिला पंचायत राज अधिकारी ब्रह्मचारी दुबे ने उपस्थित सभी प्रशिक्षार्थियों, प्रधानों, निगरानी समितियों के सदस्यों, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के प्रति आभार प्रकट किया।
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ललितपुर। डीपीआरओ कार्यालय के पास स्थित मैरिज गार्डन में स्वच्छ भारत मिशन के तहत संपूर्ण स्वच्छता कार्यक्रम (सीएलटीएस) के पांच दिवसीय प्रशिक्षण में अंतिम दिन 95 स्वच्छाग्रहियों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिह्न देकर उन्हें सम्मानित किया गया।
डीएम मानवेंद्र सिंह ने कहा कि ललितपुर जिले को दिसंबर 2017 तक खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) करना है। मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार लक्ष्कार ने कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे स्वच्छाग्रहियों को स्वच्छता और खुले में शौच से होने वाली बीमारियों के बारे में विस्तार से बताते हुए स्वच्छाग्रहियों को उनके दायित्व याद दिलाए। उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण समुदाय में जाकर लोगों को जागरूक करना है। खुले में शौच को समाप्त कराना कठिन कार्य है, लेकिन यह असंभव नहीं है। समुदाय के सहयोग से इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। डीएम मानवेंद्र सिंह ने उपस्थित सभी प्रशिक्षार्थियों को अपना मनोबल ऊंचा बनाए रखने की सलाह दी। जब यह जनपद खुले में शौच से मुक्त हो जाएगा तो इसके योगदान में उन्हें याद किया जाएगा। अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर भी उन्हें सम्मानित कराया जाएगा। जिस प्रधान के कार्यकाल में उनकी ग्राम पंचायत ओडीएफ होगी उसका नाम भी उस ग्राम के इतिहास में सम्मान के साथ उन्हें याद किया जाएगा। जो प्रशिक्षण प्राप्त किया है उससे भी कठिन कार्य ग्राम जाकर लोगों के दृष्टिकोण में परिवर्तन करना है। हमें भी इस बात का गर्व रहेगा कि मेरे समय में जनपद ललितपुर खुले में शौच से मुक्त होगा। अंत में जिला पंचायत राज अधिकारी ब्रह्मचारी दुबे ने उपस्थित सभी प्रशिक्षार्थियों, प्रधानों, निगरानी समितियों के सदस्यों, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के प्रति आभार प्रकट किया।
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