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Lalitpur News: शहर की 70 हजार आबादी को नहीं मिल रहा साफ पानी
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ललितपुर। शहर की 70 हजार की आबादी को जिन टंकियों से पानी की सप्लाई की जा रही है, उनकी सफाई एक वर्ष से नहीं हुई है। जबकि, नियमत: हर तीन महीने पर इनकी सफाई कराना जरूरी है। अधिकारी स्वच्छ जलाशय का पानी टंकी में जाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
शहर में जल संस्थान द्वारा पांच टंकियों से पानी की सप्लाई की जा रही है। अपर व लोअर जोन के दर्जनों मोहल्लों की लगभग 70 हजार की आबादी को पानी दिया जाता है। लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए जल शोधन यंत्र में फिल्टर किया जाता है। शुद्ध पानी को स्वच्छ जलाशय में एकत्रित किया जाता है, यहां से टंकियों में भरा जाता है। इन टंकियों की भी प्रत्येक तीन माह में सफाई की जाती है।
लेकिन, जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते टंकियों की समय पर सफाई नहीं की जा रही है। इसका खुलासा टंकियों पर अंकित तिथि कर रही हैं। शहर में मुख्य मार्ग के किनारे बड़ी पानी की टंकी पर सफाई की तिथि 30 अप्रैल 2024 अंकित है। अन्य टंकियों की स्थिति भी यही है।
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रजवारा और पाली की टंकियों में निकल चुके कबूतर के पंख
कुछ दिनों पहले रजवारा और पाली स्थित पानी की टंकी से लोगों के नलों में आ रहे पानी के साथ कबूतर के पंख निकलने शुरू हो गए थे। इसे अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो हरकत में आए विभागीय कर्मियों ने आनन फानन टंकी की सफाई कराकर पानी की सप्लाई शुरू करा दी है।
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तीन माह में होनी चाहिए सफाई
नियमत: पानी की टंकी की तीन माह में एक बार सफाई होनी चाहिए, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अधिकारी कह रहे हैं कि स्वच्छ जलाशय का पानी टंकी में जाने के कारण उसे साफ कराना जरूरी नहीं है।
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स्वच्छ जलाशय का पानी टंकियों में जाता है जिससे टंकियों की अधिक सफाई की आवश्यकता नहीं पड़ती है। फिर भी टंकियों को चेक कराया जाएगा, यदि गंदगी मिली तो साफ कराया जाएगा।- शिवराज सिंह, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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शहर में जल संस्थान द्वारा पांच टंकियों से पानी की सप्लाई की जा रही है। अपर व लोअर जोन के दर्जनों मोहल्लों की लगभग 70 हजार की आबादी को पानी दिया जाता है। लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए जल शोधन यंत्र में फिल्टर किया जाता है। शुद्ध पानी को स्वच्छ जलाशय में एकत्रित किया जाता है, यहां से टंकियों में भरा जाता है। इन टंकियों की भी प्रत्येक तीन माह में सफाई की जाती है।
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लेकिन, जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते टंकियों की समय पर सफाई नहीं की जा रही है। इसका खुलासा टंकियों पर अंकित तिथि कर रही हैं। शहर में मुख्य मार्ग के किनारे बड़ी पानी की टंकी पर सफाई की तिथि 30 अप्रैल 2024 अंकित है। अन्य टंकियों की स्थिति भी यही है।
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रजवारा और पाली की टंकियों में निकल चुके कबूतर के पंख
कुछ दिनों पहले रजवारा और पाली स्थित पानी की टंकी से लोगों के नलों में आ रहे पानी के साथ कबूतर के पंख निकलने शुरू हो गए थे। इसे अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो हरकत में आए विभागीय कर्मियों ने आनन फानन टंकी की सफाई कराकर पानी की सप्लाई शुरू करा दी है।
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तीन माह में होनी चाहिए सफाई
नियमत: पानी की टंकी की तीन माह में एक बार सफाई होनी चाहिए, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अधिकारी कह रहे हैं कि स्वच्छ जलाशय का पानी टंकी में जाने के कारण उसे साफ कराना जरूरी नहीं है।
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स्वच्छ जलाशय का पानी टंकियों में जाता है जिससे टंकियों की अधिक सफाई की आवश्यकता नहीं पड़ती है। फिर भी टंकियों को चेक कराया जाएगा, यदि गंदगी मिली तो साफ कराया जाएगा।- शिवराज सिंह, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान