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खरीफ के 70 प्रतिशत बीज का हुआ उठान, उड़द पर मारी किसानों ने बाजी
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rice
- फोटो : rice
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ललितपुर। मानसून की बारिश होते ही किसानों ने खरीफ की फसल बुवाई कर दी है। वर्तमान में कम बारिश होने से बुवाई में सुविधा हो रही है। वहीं, अनुदान पर मिलने वाले बीज का भी 70 प्रतिशत उठान पूरा हो गया है।
खरीफ की फसल की बुवाई एक जुलाई से शुरु हो जाती है। इस बार मानसून की पहली वारिश होने पर ही खेतों में नमी आ गई थी, इससे किसानों ने 22 जून से ही खरीफ की बुवाई शुरु कर दी थी। पहले तिल की बुवाई की और इसके बाद उड़द व सोयाबीन की बुवाई होने लगी है।
इस बार किसानों को बुवाई में बारिश से भी राहत बनी हुई है। कृषि जानकार रामबिहारी ने बताया कि एक- दो दिन में हो रही हल्की बारिश से किसानों को बुवाई में सुविधा हो रही है। इससे खेतों में जुताई भी सुविधा से हो रही है। बारिश से खेतों में पर्याप्त मात्रा में नमी बनी हुई है। किसान अभी जो भी खरीफ की फसल बो रहे हैं, इससे अधिक फायदा होगा। समय से बुवाई होने से उत्पादन अच्छा होता है।
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बुवाई के लिए अनुदान पर मिलने वाले बीज का उठान 70 प्रतिशत हो गया है। इनमें उड़द का लक्ष्य 180 क्विंटल था, इसमें लगभग तीस क्विंटल ही शेष रह गया है। सोयाबीन का बीज लेट आय है। अभी 160 क्विंटल बीज आया है, जिसका वितरण किया जा रहा है। मक्का का बीज भी वितरण किया जा रहा है। मूंग 30 क्विंटल में लगभग 20 क्विंटल शेष है। मूंगफली व धान का बीज पूरा बांटा जा चुका है।
जैविक खाद का करें प्रयोग
किसानों को जैविक खाद का प्रयोग करना चाहिए। इससे मिट्टी की उवर्रक क्षमता बढ़ती है। मिट्टी के पोषक तत्व जीवित रहते हैं। किसानों को गोबर की खाद का अधिक उपयोग करना चाहिए। एक बार गोबर की खाद डालने से तीन वर्ष तक कोई भी खाद डालने की आवश्यकता नहीं होती है।
मानसून की पहली बारिश में खेतों में नमी आ गई थी, उस समय खेतों में बुवाई नहीं कर पाए थे। इससे अब बुवाई शुरू कर रहे हैं।
- संतोष
बारिश कम होने से बुवाई करने में जल्दबाजी नहीं करना पड़ रही है। सुविधा से अपनी बुवाई कर रहे हैं।
- राजाराम
मूंगफली की मानसून के समय में ही बुवाई कर दी थी, अब खेतों में उग आई है। बारिश कम होने से उसकी गुड़ाई कर रहे हैं।
- रघुराज
उड़द की फसल की बुवाई कर रहे हैं, खेतों में पर्याप्त नमी है। एक सप्ताह तक बारिश न होने से भी कोई नुकसान नहीं है।
- भागीरथ
किसान अपनी फसलों की बुवाई कर रहे हैं। अनुदान पर बीज भंडारण केंद्रों से बीज वितरण किया जा रह है। अब तक 70 प्रतिशत बीज वितरण किया जा चुका है।
- गौरव यादव, जिला कृषि अधिकारी
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खरीफ की फसल की बुवाई एक जुलाई से शुरु हो जाती है। इस बार मानसून की पहली वारिश होने पर ही खेतों में नमी आ गई थी, इससे किसानों ने 22 जून से ही खरीफ की बुवाई शुरु कर दी थी। पहले तिल की बुवाई की और इसके बाद उड़द व सोयाबीन की बुवाई होने लगी है।
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इस बार किसानों को बुवाई में बारिश से भी राहत बनी हुई है। कृषि जानकार रामबिहारी ने बताया कि एक- दो दिन में हो रही हल्की बारिश से किसानों को बुवाई में सुविधा हो रही है। इससे खेतों में जुताई भी सुविधा से हो रही है। बारिश से खेतों में पर्याप्त मात्रा में नमी बनी हुई है। किसान अभी जो भी खरीफ की फसल बो रहे हैं, इससे अधिक फायदा होगा। समय से बुवाई होने से उत्पादन अच्छा होता है।
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बुवाई के लिए अनुदान पर मिलने वाले बीज का उठान 70 प्रतिशत हो गया है। इनमें उड़द का लक्ष्य 180 क्विंटल था, इसमें लगभग तीस क्विंटल ही शेष रह गया है। सोयाबीन का बीज लेट आय है। अभी 160 क्विंटल बीज आया है, जिसका वितरण किया जा रहा है। मक्का का बीज भी वितरण किया जा रहा है। मूंग 30 क्विंटल में लगभग 20 क्विंटल शेष है। मूंगफली व धान का बीज पूरा बांटा जा चुका है।
जैविक खाद का करें प्रयोग
किसानों को जैविक खाद का प्रयोग करना चाहिए। इससे मिट्टी की उवर्रक क्षमता बढ़ती है। मिट्टी के पोषक तत्व जीवित रहते हैं। किसानों को गोबर की खाद का अधिक उपयोग करना चाहिए। एक बार गोबर की खाद डालने से तीन वर्ष तक कोई भी खाद डालने की आवश्यकता नहीं होती है।
मानसून की पहली बारिश में खेतों में नमी आ गई थी, उस समय खेतों में बुवाई नहीं कर पाए थे। इससे अब बुवाई शुरू कर रहे हैं।
- संतोष
बारिश कम होने से बुवाई करने में जल्दबाजी नहीं करना पड़ रही है। सुविधा से अपनी बुवाई कर रहे हैं।
- राजाराम
मूंगफली की मानसून के समय में ही बुवाई कर दी थी, अब खेतों में उग आई है। बारिश कम होने से उसकी गुड़ाई कर रहे हैं।
- रघुराज
उड़द की फसल की बुवाई कर रहे हैं, खेतों में पर्याप्त नमी है। एक सप्ताह तक बारिश न होने से भी कोई नुकसान नहीं है।
- भागीरथ
किसान अपनी फसलों की बुवाई कर रहे हैं। अनुदान पर बीज भंडारण केंद्रों से बीज वितरण किया जा रह है। अब तक 70 प्रतिशत बीज वितरण किया जा चुका है।
- गौरव यादव, जिला कृषि अधिकारी