फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   टीबी मरीजों को 6 से 7 अंकों की जारी होगी आईडी

टीबी मरीजों को 6 से 7 अंकों की जारी होगी आईडी

Sat, 22 Sep 2018 02:36 AM IST
Updated Sat, 22 Sep 2018 02:36 AM IST
विज्ञापन
टीबी मरीजों को 6 से 7 अंकों की जारी होगी आईडी
टीबी मरीजों को 6 से 7 अंकों की जारी होगी आईडी
विज्ञापन

निक्षय पोर्टल अब नए अवतार में, 24 को देश में लांच होगा पोर्टल
इलाज के साथ ही मिलने लगेगी पौष्टिक आहार राशि
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। वर्ष 2025 तक देश से क्षय रोग पूरी तरह से खत्म करने के लिए निक्षय पोर्टल में बदलाव किए गए हैं। टीबी मरीज के नोटिफिकेशन के साथ ही उसे 6 से 7 अंकों की एक डिजिटल आईडी आवंटित कर दी जाएगी। इस आईडी के जरिये देश के किसी भी कोने में टीबी मरीज के बारे में सारी जानकारी ली जा सकती है। अब निक्षय पोर्टल का नया वर्जन 24 सितंबर को लांच होगा। नए वर्जन में टीबी मरीजों को पोर्टल पर नोटिफाई करते ही उनका बैंक डिटेल भी अपडेट हो जाएगा। इससे मरीज का इलाज शुरू होने के साथ ही उन्हें पांच सौ रुपये मासिक की पौष्टिक आहार राशि भी मिलने लगेगी। इलाज के दौरान मरीज को पौष्टिक आहार राशि नहीं मिलने की शिकायतों को गंभीरता से निपटाने का भी इंतजाम किया गया है।
अब सरकारी और प्राइवेट डॉक्टर के अलावा लैब व केमिस्ट भी एक ही जगह टीबी मरीज को नोटिफाई कर सकेंगे। यही नहीं, अस्पतालों को भी मरीजों की फीडिंग की सुविधा मिल जाएगी। इसके अलावा एचआईवी मरीजों के विवरण संबंधी पोर्टल 99 डाट्स को इससे जोड़ा जा रहा है, ताकि टीबी और एचआईवी मरीजों की जानकारी एक ही जगह मिल सके। मरीजों की सही-सही संख्या के साथ उनके चल रहे इलाज की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो पाएगी। पोर्टल पर मरीज के नोटिफाई होने और बैंक डिटेल डालने के साथ ही इसकी जानकारी पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) तक पहुंच जाएगी और मरीज के आधार से लिंक बैंक खाते में पौष्टिक आहार राशि पहुंचने लगेगी। पहले नोटिफिकेशन के बाद यह ब्लॉक को भेजा जाता था, जिससे इसमें विलंब होता था। यदि किसी मरीज का भुगतान पेंडिंग होगा तो वह भी बोर्ड पर प्रदर्शित करेगा। इसके अलावा अब औषधि प्रतिरोध और औषधि संवेदनशील मरीजों की अलग से फाइल नहीं बनेगी, उनका विवरण भी पोर्टल पर एक ही जगह होगा। टोल फ्री नंबर से पता चलेगा कि दवा ली या नहीं। अब यह व्यवस्था भी होने जा रही है कि दवा के पैकेट के साथ एक टोल फ्री नंबर होगा, जिस पर फोन करके बताना होगा कि मरीज ने दवा ले ली है। एचआईवी के मामले में यह व्यवस्था पहले से थी। आने वाले समय में पैकेट पर चिप की सुविधा करने का विचार चल रहा है, जिससे पैकेट खोलते ही पता चल सकेगा कि मरीज ने दवा ले ली है। निक्षय पोर्टल 2 में यह व्यवस्था की गई है कि टीबी मरीज के नोटिफिकेशन के साथ ही उसे 6 से 7 अंकों की एक डिजिटल आईडी आवंटित कर दी जाएगी। इस आईडी के जरिये देश के किसी भी कोने में टीबी मरीज के बारे में सारी जानकारी ली जा सकती है। इससे पता चल सकेगा कि उसका क्या-क्या इलाज हुआ है और फालोअप की क्या स्थिति है? मरीज भी इसके जरिये कहीं भी इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेगा।
विज्ञापन


मोबाइल और लैपटॉप पर भी ऑपरेट होगा निक्षय पोर्टल
पहले इसे केवल डेस्कटॉप पर ही ऑपरेट किया जा सकता था। नए वर्जन में उसे मोबाइल और लैपटॉप पर भी ऑपरेट किया जा सकेगा। इससे यह फायदा होगा कि नोटिफिकेशन में होने वाला अनावश्यक विलंब खत्म हो जाएगा। अब कहीं भी बैठे-बैठे मरीज के नोटिफिकेशन के अलावा उसके इलाज की प्रगति के बारे में जाना जा सकेगा। पोर्टल पर जानकारी परक सामग्री भी पढ़ने को मिलेगी। टीबी से सम्बंधित शोध, जरुरी जानकारियां और आंकड़े उपलब्ध होंगे। यह सामग्री इस दिशा में काम करने वालों के लिए बहुत ही उपयोगी साबित हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पोर्टल का हो रहा अपडेशन
निक्षय पोर्टल का अपडेशन किया जा रहा है। इसमें मरीज का रिकार्ड, ट्रीटमेंट, फालोअप व दी जा रही धनराशि की जानकारी आसानी प्राप्त की जा सकेगी। इससे मरीजों के उपचार सही स्थिति पता लगाई जा सकेगी।
डा. जेएस बख्शी, जिला क्षय रोग अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed