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तीन दिन में छह गायों की मौत
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तालबेहट में गोआश्रय स्थल की व्यवस्थाए दुरुस्त रखने के मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा के निर्देश पर जिम्मेदारों अधिकारियों द्वारा कोई खास ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गोआश्रय स्थल तरगुवा में गायों के मरने का सिलसिल बदस्तूर जारी है। तीन दिन में छह गायों की मौत हो गई है। यह मौतें भूख से हो रही हैं।
मंडलायुक्त व जिलाधिकारी ने शनिवार को गोआश्रय स्थल का निरीक्षण किया था, उन्हें गोआश्रय स्थल में गड़बड़ियां मिली थीं। मंडलायुक्त ने जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए गो आश्रय स्थल और अस्थायी गो आश्रय स्थल पर भूसा, हरा चारा, पानी, दाना के पुख्ता इंतजाम रखने के निर्देश दिए थे। लेकिन, इसके बाद भी जानवरों के मरने का सिलसिला जारी है। तीन दिन में छह गाय मर गई हैं। इस संबंध में जिम्मेदार लोग एक- दूसरे पर दोषारोपण कर अपना बचाव कर रहे हैं।
इस संबंध में जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने बताया कि गोशाला के निरीक्षण में गायों के लिए खाने की संतोष जनक व्यवस्था नहीं मिली थी, बल्कि गायों के लिए खाने की व्यवस्था बहुत ही खराब है। तालबेहट के अधिशासी अधिकारी और नगर पंचायत अध्यक्ष से कहा है कि ई- रिक्शा चलाकर घर- घर से रोटी और चावल इकट्ठा किया जाए।
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मैंने सोमवार को दोपहर में गो आश्रय स्थल का निरीक्षण किया था। उस समय गो आश्रय स्थल में 52 गायें मौजूद थीं। गायों के मरने की सूचना किसी ने उन्हें नहीं दी।
- मोहम्मद कमर, एसडीएम
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गायों के मरने के बारे में, मैं कुछ नहीं बता सकता। यह जानकारी पशु चिकित्सक ही दे सकता है। हम सिर्फ चारा व पानी का इंतजाम कर सकते हैं।
- पंकज सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत
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तीन दिन में आधा दर्जन पशुुओं का उन्होंने पोस्टमार्टम किया है। गायों के मरने का प्रमुख कारण भूख नजर आ रहा है।
- डा. वीके खरे, उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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मंडलायुक्त व जिलाधिकारी ने शनिवार को गोआश्रय स्थल का निरीक्षण किया था, उन्हें गोआश्रय स्थल में गड़बड़ियां मिली थीं। मंडलायुक्त ने जिम्मेदारों को फटकार लगाते हुए गो आश्रय स्थल और अस्थायी गो आश्रय स्थल पर भूसा, हरा चारा, पानी, दाना के पुख्ता इंतजाम रखने के निर्देश दिए थे। लेकिन, इसके बाद भी जानवरों के मरने का सिलसिला जारी है। तीन दिन में छह गाय मर गई हैं। इस संबंध में जिम्मेदार लोग एक- दूसरे पर दोषारोपण कर अपना बचाव कर रहे हैं।
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इस संबंध में जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने बताया कि गोशाला के निरीक्षण में गायों के लिए खाने की संतोष जनक व्यवस्था नहीं मिली थी, बल्कि गायों के लिए खाने की व्यवस्था बहुत ही खराब है। तालबेहट के अधिशासी अधिकारी और नगर पंचायत अध्यक्ष से कहा है कि ई- रिक्शा चलाकर घर- घर से रोटी और चावल इकट्ठा किया जाए।
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मैंने सोमवार को दोपहर में गो आश्रय स्थल का निरीक्षण किया था। उस समय गो आश्रय स्थल में 52 गायें मौजूद थीं। गायों के मरने की सूचना किसी ने उन्हें नहीं दी।
- मोहम्मद कमर, एसडीएम
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गायों के मरने के बारे में, मैं कुछ नहीं बता सकता। यह जानकारी पशु चिकित्सक ही दे सकता है। हम सिर्फ चारा व पानी का इंतजाम कर सकते हैं।
- पंकज सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत
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तीन दिन में आधा दर्जन पशुुओं का उन्होंने पोस्टमार्टम किया है। गायों के मरने का प्रमुख कारण भूख नजर आ रहा है।
- डा. वीके खरे, उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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