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अमृत में घोला जा रहा जहर, जनप्रतिनिधियों ने साधी चुप्पी

Fri, 27 Jul 2018 03:16 AM IST
Updated Fri, 27 Jul 2018 03:16 AM IST
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अमृत में घोला जा रहा जहर, जनप्रतिनिधियों ने साधी चुप्पी
अमृत में घोला जा रहा जहर, जनप्रतिनिधि मौन
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पेयजल योजना में फर्जीबाड़ी व मानकों की अनदेखी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत योजना में ठेकेदार व अधिकारी साठगांठ करके अनियमितता का जहर घोलने में जुटे हैं। मामला उजागर होने के बाद भी सत्ताधारी दल के जनप्रतिनिधि चुप्पी साधकर रह गए हैं। शहरी क्षेत्रों का कायाकल्प करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने केंद्र में सरकार बनने के बाद अमृत योजना की शुरुआत की थी।
केंद्रीय पेयजल मंत्री उमाभारती के संसदीय क्षेत्र ललितपुर में अमृत योजना के तहत शहर के शत-प्रतिशत घरों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए मुफ्त में घरेलू कनेक्शन किए जा रहे हैं। इसके लिए शासन से दो करोड़ 17 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। कार्ययोजना की गुणवत्ता बनी रहे इसके लिए शासन ने काम करने वाले ठेकेदार के कार्य अनुभव के मानक निर्धारित किए हुए हैं। जल निगम में पंजीकृत ए-क्लास ठेेकेदार ने जल संस्थान के अधिकारियों की साठगांठ से फर्जी कार्य अनुभव प्रमाण पत्र बनवाकर यह ठेका ले लिया था, तभी से इस अमृत योजना में जहर घोलने का काम शुरू हो गया था। इससे शासन को करीब 22 लाख रुपये की चपत भी लगी है। झांसी की एक फर्म ने 33 प्रतिशत दर पर काम करने का टेंडर डाला था, लेकिन उक्त फर्म कार्य अनुभव प्रमाण पत्र पेश नहीं कर पाया था और इसके बाद इस फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र पर 22 प्रतिशत कम दर वाली फर्म को काम मिल गया था। केवल इतना ही नहीं कार्यदायी संस्था अभी तक इस कार्ययोजना को लक्ष्य पर भी नहीं पहुंचा सकी है। 4,942 घरेलू नल कनेक्शन के सापेक्ष अभी तक मात्र 50 फीसदी भी नलों के कनेक्शन नहीं हो पाए हैं। जबकि, इस कार्ययोजना की समय अविधि भी समाप्त हो चुकी है। इतना ही नहीं इस अमृत योजना में मानकों के विपरीत कनेक्शन करके और सड़कों पर जगह-जगह गड्ढा कर दिए गए हैं। जनता को परेशानी खड़ी करके अमृत में जहर घोलने का काम किया जा रहा है।
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अभी तक मामला संज्ञान में नहीं है
अभी तक यह मामला संज्ञान में नहीं है। यदि अमृत योजना में इस तरह का फर्जीबाड़ा हुआ है तो यह बहुत की गलत है। चाहे कोई भी ठेकेदार हो या अधिकारी यदि उसने भ्रष्टाचार किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया जाएगा।
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-रमेश कुमार सिंह, जिलाध्यक्ष
भारतीय जनता पार्टी ललितपुर।

कार्रवाई के लिए शासन को भेजेंगे पत्र
अमृत योजना भारत सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। जानकारी में आया है कि इसमें रुपये लेकर कनेक्शन करने, पाइप लाइन में क्षमता से अधिक कनेक्शन कर देने, जगह-जगह गड्ढे कर खुले छोड़ने, इन गड्ढों से जनता को परेशानी होने के मामले संज्ञान में आए हैं। फर्जी कार्य अनुभव प्रमाण पत्र वाला भी मामला संज्ञान में आया है। इन सभी मामलों की उच्च स्तरीय जांच के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।

-प्रदीप चौबे, सांसद प्रतिनिधि, ललितपुर।

भ्रष्ट अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ होगी कार्रवाई
अमृत योजना सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। इस फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र मामले की जांच शासन स्तर से कराई जाएगी। भ्रष्ट अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी।
-रामरतन कुशवाहा
सदर विधायक, ललितपुर।
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