फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   बहुत सह लिया अब न सहेंगे हिंदी के अपमान को

बहुत सह लिया अब न सहेंगे हिंदी के अपमान को

Sun, 17 Sep 2017 02:15 AM IST
Updated Sun, 17 Sep 2017 02:15 AM IST
विज्ञापन
बहुत सह लिया अब न सहेंगे हिंदी के अपमान को
बहुत सह लिया अब न सहेंगे हिंदी का अपमान
विज्ञापन

ललितपुर।
विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर कौमी एकता की प्रतीक साहित्यिक संस्था हिंदी उर्दू अदबी के संगम बैनर तले कवि ललितपुरी के आवास पर कवि सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन किया गया। इसमें कवियों व शायरों ने अपनी पंक्तियों के माध्यम से हिंदी के महत्व को बताया। संस्था के अध्यक्ष व कवि रामकृष्ण कुशवाहा ने हिंदी को विश्व की चौथी भाषा बताते हुए कहा कि हिंदी हिंदुस्तान में दर्द भरी कहानी है, आज भिखारिन बन गई घर की महारानी है। हिंदी की उपेक्षा पर उन्होंने कहा कि बहुत सह लिया अब न सहेंगे, हिंदी के अपमान को भूल गए हम देश का गौरव भूल गए सम्मान को। सोनिया प्रभाकरन ने शबनम ने कहा कि हिंदुस्तान में हिंदी हारी अंग्रेजों की शान हो गई, अपने ही घर के आंगन में परदेशी मेहमान हो गई। रामस्वरूप नामदेव अनुरागी ने कहा कि धन्य यहां की पावन धरती, धन्य है वो भारत माता, मरते दम तक बना रहे मेेरा हिंदी से नाता। काका ललितपुरी ने कहा कि हिंदी जैसी प्यारी भाषा मेरी भाषा है, पूरी होती आयी मेरी सब अभिलाषा है। केके पाठक ने कहा कि हे संजय अब हमें सुनाओ युद्ध का आंखों देखा हाल, क्या करता दुर्योधन मेरा क्या करते पांडु के लाल। किशन सिंह बंजारा ने कहा कौन था कहां था और कहां आ गया, राम रहीम दोस्तो दुनिया में छा गया। सुमनलता शर्मा चांदनी ने कहा कि हिंदी उर्दू दो बहनें हैं दोनों हिंद की शान, इक का नाम है गीता इक का नाम कुरान। जहीर ललितपुरी ने कहा सुलगती धूप में शबनम कहा से लाओगे, महकते पयार के मौसम कहा से लाओगे। दशरथ पटेल परदेशी ने कहा कि हिंदी है संस्कृत की बेटी हिंदेेेस्तां की शान है, नहीं सह सकता हिंदोस्तानी हिंदी का अपमान है। प्रशांत श्रीवास्तव ने कहा कि शिकस्त लेके फतह की किताब लिखता हूूं, इसलिए तो में मिट्टी के भाव बिकता हूं। अशोक क्रांतिकारी नेकहा कि वे वफा तेरे प्यार में हम इस तरह लुटे, प्यार से सारे वहीं खाते बंद हो गए। इस मौके पर शिखर चंद मुफलिश, श्यामलाल श्याम, शैलेंद्र कुमार, एमएल भटनागर, रामप्रकाश शर्मा, आशीष मित्तल, त्रिवेदी देेेवी, राजकुमारी, संगीता, हेमलता, महेश प्रसाद, जितेंद्र पंथ, घनश्याम, सरवर हिंदोस्तानी, हरगोविंद अहिरवार, मनीष कुशवाहा, कैलाश नारायण, राजाराम खटीक, नंदलाल आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed