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बारिश व अतिवृष्टि से बर्बाद हुई फसल का आकलन करेंगी 48 टीमें
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ललितपुर। जिले में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से रबी की फसलें बर्बाद हो गईं है। इनमें मटर, चना, मसूर और सरसों की फसल को अधिक नुकसान बताया जा रहा है। खेतों में जलभराव से गेहूं की फसल भी प्रभावित हुई हैं। नष्ट फसलों के नुकसान के आकलन के लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर 48 टीमों का गठन किया गया है। यह क्षेत्र में खराब फसलों का सर्वे करेंगी।
जनपद में 306896 हेक्टेयर में रबी की फसल की बुवाई की थी। इसमें इसमें सबसे अधिक 1,72,384 हेक्टेयर में गेहूं, 10,114 हेक्टेयर में जौ बोया गया। इसके अलावा चने की 19,585 हेक्टेयर क्षेत्रफल में, 23496 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मसूर, 75,122 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मटर बोई गई थी। इसके अलावा तिलहन फसलों में 5,883 में सरसों आदि अन्य फसलें बोई गई थी। फसलें अच्छी तरह से बढ़ रही थीं। दहलनी व तिलहन फसलों में फूल आ रहे थे, कुछ में फलियां भी लग रहीं थी।
लेकिन बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से फसलें पूरी तरह से प्रभावित हो गईं है। रबी की दलहनी फसलें मटर, चना और मसूर के बारिश से पहले ही फूल झड़ चुके थे, जो कुछ बच गए थे, वह ओलावृष्टि से नष्ट हो गए हैं। कई क्षेत्रों में फसल पूरी तरह से बिछ गई है। वहीं जलभराव वाले खेतों में तो गेहूं तक की फसल प्रभावित होना बताया जा रहा है।
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कृषि विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्र में पहुंचकर खेतों का जायजा लिया। उन्होंने माना कि फसलों में नुकसान हुआ है। फसलों के नुकसान की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने फसलों के सर्वे कराए जाने के लिए टीमों का गठन करने के निर्देश दिए हैं। जिस पर कृषि विभाग द्वारा फसलों के नुकसान की जांच के लिए राजस्व विभाग, कृषि विभाग और फसल बीमा कंपनी की टीमों का गठन किया गया है। जिसमें लेखपाल, कृषि विभाग के कर्मचारी और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि संयुक्त रूप से क्षेत्रों में जाकर फसलों की सर्वे करेंगे। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद फसलों के नुकसान की स्थिति स्पष्ट होगी।
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प्रत्येक न्याय पंचायत में जांच के लिए गठित हुईं टीमें
कृषि विभाग ने जिला प्रशासन के निर्देश पर रबी की फसलों के नुकसान की सर्वे के लिए प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर टीम गठित की हैं। इनमें सदर तहसील में 14 टीम, तहसील तालबेहट में 14, महरौनी में नौ, मड़ावरा में चार, पाली में सात इस तरह कुल 48 टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें नुकसान का सर्वे कर संबंधित विभाग को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद नुकसान का आकलन होगा।
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बारिश व ओलावृष्टि से रबी की फसलों को नुकसान पहुंचा है। फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर टीमों का गठन किया गया है। टीम की जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
संतोष कुमार सविता, उप निदेशक कृषि
फसलें गिरने से दाना कमजोर होगा, उपज पर पड़ेगा असर
डोंगराखुर्द। प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे किसानों की फसलों पर एक बार फिर बारिश और आंधी का कहर बरपा है। फसलें कुछ दिनों पहले पाला और इल्ली से खराब हुई थीं और अब मटर, मसूर, चने की फसलें आंधी के साथ पानी गिरने से खराब हो गईं। किसानों को इस साल अच्छी उपज की उम्मीद थी लेकिन कहीं पानी, तेज आंधी और ओलावृष्टि से किसानों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। फसलों के जमीन पर नीचे गिरने से दाना कमजोर पड़ जाएगा। इससे उपज भी कम होगी। पठा, ककरुआ, बैजनाथ और बारचौन आदि गांवों में काफी नुकसान हुआ है
बुधवार की रात से मौसम का मिजाज बदल गया और लगातार जोरदार बारिश हो गई जिससे पूरी फसलें खराब गई है। अब लागत निकलना मुश्किल दिख रहा। रिकू बिदुआ
मौसम खराब होने से बारिश होने लगी, धूप नहीं निकल रही। बादल छाए रहने से धूप की कमी रही है। इससे दाना खराब होने का डर है। किशन कुशवाहा
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जनपद में 306896 हेक्टेयर में रबी की फसल की बुवाई की थी। इसमें इसमें सबसे अधिक 1,72,384 हेक्टेयर में गेहूं, 10,114 हेक्टेयर में जौ बोया गया। इसके अलावा चने की 19,585 हेक्टेयर क्षेत्रफल में, 23496 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मसूर, 75,122 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मटर बोई गई थी। इसके अलावा तिलहन फसलों में 5,883 में सरसों आदि अन्य फसलें बोई गई थी। फसलें अच्छी तरह से बढ़ रही थीं। दहलनी व तिलहन फसलों में फूल आ रहे थे, कुछ में फलियां भी लग रहीं थी।
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लेकिन बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से फसलें पूरी तरह से प्रभावित हो गईं है। रबी की दलहनी फसलें मटर, चना और मसूर के बारिश से पहले ही फूल झड़ चुके थे, जो कुछ बच गए थे, वह ओलावृष्टि से नष्ट हो गए हैं। कई क्षेत्रों में फसल पूरी तरह से बिछ गई है। वहीं जलभराव वाले खेतों में तो गेहूं तक की फसल प्रभावित होना बताया जा रहा है।
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कृषि विभाग के अधिकारियों ने क्षेत्र में पहुंचकर खेतों का जायजा लिया। उन्होंने माना कि फसलों में नुकसान हुआ है। फसलों के नुकसान की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने फसलों के सर्वे कराए जाने के लिए टीमों का गठन करने के निर्देश दिए हैं। जिस पर कृषि विभाग द्वारा फसलों के नुकसान की जांच के लिए राजस्व विभाग, कृषि विभाग और फसल बीमा कंपनी की टीमों का गठन किया गया है। जिसमें लेखपाल, कृषि विभाग के कर्मचारी और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि संयुक्त रूप से क्षेत्रों में जाकर फसलों की सर्वे करेंगे। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद फसलों के नुकसान की स्थिति स्पष्ट होगी।
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प्रत्येक न्याय पंचायत में जांच के लिए गठित हुईं टीमें
कृषि विभाग ने जिला प्रशासन के निर्देश पर रबी की फसलों के नुकसान की सर्वे के लिए प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर टीम गठित की हैं। इनमें सदर तहसील में 14 टीम, तहसील तालबेहट में 14, महरौनी में नौ, मड़ावरा में चार, पाली में सात इस तरह कुल 48 टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें नुकसान का सर्वे कर संबंधित विभाग को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद नुकसान का आकलन होगा।
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बारिश व ओलावृष्टि से रबी की फसलों को नुकसान पहुंचा है। फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर टीमों का गठन किया गया है। टीम की जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
संतोष कुमार सविता, उप निदेशक कृषि
फसलें गिरने से दाना कमजोर होगा, उपज पर पड़ेगा असर
डोंगराखुर्द। प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे किसानों की फसलों पर एक बार फिर बारिश और आंधी का कहर बरपा है। फसलें कुछ दिनों पहले पाला और इल्ली से खराब हुई थीं और अब मटर, मसूर, चने की फसलें आंधी के साथ पानी गिरने से खराब हो गईं। किसानों को इस साल अच्छी उपज की उम्मीद थी लेकिन कहीं पानी, तेज आंधी और ओलावृष्टि से किसानों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। फसलों के जमीन पर नीचे गिरने से दाना कमजोर पड़ जाएगा। इससे उपज भी कम होगी। पठा, ककरुआ, बैजनाथ और बारचौन आदि गांवों में काफी नुकसान हुआ है
बुधवार की रात से मौसम का मिजाज बदल गया और लगातार जोरदार बारिश हो गई जिससे पूरी फसलें खराब गई है। अब लागत निकलना मुश्किल दिख रहा। रिकू बिदुआ
मौसम खराब होने से बारिश होने लगी, धूप नहीं निकल रही। बादल छाए रहने से धूप की कमी रही है। इससे दाना खराब होने का डर है। किशन कुशवाहा