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जिले में आनलाइन कक्षाओं से जुड़ सके 46 प्रतिशत बच्चे
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ललितपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए चलाई जा रही ऑनलाइन कक्षाओं से 46 प्रतिशत छात्र- छात्राएं ही जुड़ सके। जिला विद्यालय निरीक्षक ने ज्यादा से ज्यादा छात्र- छात्राओं को कक्षाओं से जोड़ने के निर्देश प्रधानाचार्यो को दिए।
कोरोना वायरस का संक्रमण रोकना सबसे बड़ी चुनौती बनी है। कॉलेजों की कक्षाएं बंद कर उन्हें क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। ऐसे में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई जारी रखने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं की शुरुआत की गई है। इन कक्षाओं से अभी तक 46 प्रतिशत छात्र-छात्राओं का जुड़ाव हो सका है। जिले में 44747 के सापेक्ष 20665 छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन कक्षाओं में दिलचस्पी दिखाई है। जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर ने इस प्रगति पर असंतोष जाहिर करते हुए सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से कक्षा में छात्रों की संख्या बढ़ाने के निर्देशित किया है।
उधर, जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर ने बताया कि शासन का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्र में 60 प्रतिशत एवं शहरी क्षेत्र में 80 प्रतिशत छात्र- छात्राएं एंड्राइड मोबाइल का उपयोग करते हैं, ऐसे में ऑनलाइन कक्षा में छात्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी की जा सकती है। जीआईसी के प्रधानाचार्य राजेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि कॉलेज में 55 प्रतिशत छात्र ऑनलाइन कक्षा में अध्ययनरत हैं। दिनोंदिन छात्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है।
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ऐसे होती मानीटरिंग
कॉलेज स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इसमें छात्र-छात्राओं को जोड़ा गया है। ग्रुप पर छात्रों के लिए पीडीएफ, नोट्स, स्क्रीनशॉट, वीडियो, ऑडियो अपलोड किए जाते हैं। जिस पर छात्र अपना रिस्पांस देते हैं, शिक्षक भी उनसे ऑनलाइन रहकर बातचीत करते हैं। प्रधानाचार्य ग्रुप पर चल रही हर गतिविधि पर नजर रखते हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने दो ग्रुप बनाए हैं, जिनसे निगरानी रखी जा रही है। लखनऊ स्तर से भी ग्रुप बनाए गए हैं, जिनमें उच्चस्तरीय अफसरों को जोड़ा गया है।
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समय सारणी के हिसाब से होती पढ़ाई
कॉलेज में पढ़ाई की समय सारणी बनाई गई है। जीआईसी में चालीस-चालीस मिनट के पीरियड बनाए गए हैं। इसमें छात्रों से प्रश्न पूछे जाते हैं।
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कोरोना वायरस का संक्रमण रोकना सबसे बड़ी चुनौती बनी है। कॉलेजों की कक्षाएं बंद कर उन्हें क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। ऐसे में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई जारी रखने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं की शुरुआत की गई है। इन कक्षाओं से अभी तक 46 प्रतिशत छात्र-छात्राओं का जुड़ाव हो सका है। जिले में 44747 के सापेक्ष 20665 छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन कक्षाओं में दिलचस्पी दिखाई है। जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर ने इस प्रगति पर असंतोष जाहिर करते हुए सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों से कक्षा में छात्रों की संख्या बढ़ाने के निर्देशित किया है।
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उधर, जिला विद्यालय निरीक्षक रामशंकर ने बताया कि शासन का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्र में 60 प्रतिशत एवं शहरी क्षेत्र में 80 प्रतिशत छात्र- छात्राएं एंड्राइड मोबाइल का उपयोग करते हैं, ऐसे में ऑनलाइन कक्षा में छात्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी की जा सकती है। जीआईसी के प्रधानाचार्य राजेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि कॉलेज में 55 प्रतिशत छात्र ऑनलाइन कक्षा में अध्ययनरत हैं। दिनोंदिन छात्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है।
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ऐसे होती मानीटरिंग
कॉलेज स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इसमें छात्र-छात्राओं को जोड़ा गया है। ग्रुप पर छात्रों के लिए पीडीएफ, नोट्स, स्क्रीनशॉट, वीडियो, ऑडियो अपलोड किए जाते हैं। जिस पर छात्र अपना रिस्पांस देते हैं, शिक्षक भी उनसे ऑनलाइन रहकर बातचीत करते हैं। प्रधानाचार्य ग्रुप पर चल रही हर गतिविधि पर नजर रखते हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने दो ग्रुप बनाए हैं, जिनसे निगरानी रखी जा रही है। लखनऊ स्तर से भी ग्रुप बनाए गए हैं, जिनमें उच्चस्तरीय अफसरों को जोड़ा गया है।
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समय सारणी के हिसाब से होती पढ़ाई
कॉलेज में पढ़ाई की समय सारणी बनाई गई है। जीआईसी में चालीस-चालीस मिनट के पीरियड बनाए गए हैं। इसमें छात्रों से प्रश्न पूछे जाते हैं।