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गुणवता दूर किए बिना ही सुचारु हो गया पूराकलां विद्युत सब स्टेशन
Updated Thu, 11 Oct 2018 02:20 AM IST
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गुणवत्ता दूर किए बिना ही सुचारु हो गया पूराकलां विद्युत सब स्टेशन
तत्कालीन एक्सईएन उठा चुके 33 केवी लाइन निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। पूराकलां विद्युत सब स्टेशन का भले ही शुभारंभ हो चुका हो, लेकिन इसका निर्माण कार्य भी विवादों में रहा है। बिजली विभाग के निवर्तमान अधिशासी अभियंता ने भी पांच माह पूर्व बांसी से पूराकलां तक निर्माण की गई 33 केवी हाइटेंशन विद्युत लाइन के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे, लेकिन उक्त कमियों को नजर अंदाज तक जल्दबाजी में उक्त लाइन को चार्ज कर आनन फानन में सब स्टेशन का शुुुुभारंभ कर दिया गया, जिसे अधिकारी भी नजर अंदाज नहीं कर पा रहे हैं।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत तालबेहट तहसील के अंतर्गत पूराकलां में एक 33 केवी विद्युत सब स्टेशन का निर्माण कराया गया है। इसमें तीन फीडरों को तैयार कर ओवरलोड और बेहतर आपूर्ति उपभोक्ताओं को लंबे समय तक पहुंचाने का उद्देश्य है। लेकिन यह सब स्टेशन शुरुआत से ही विवादों में रहा है। गुणवत्ता में कमियों को देखते हुए और विद्युत वितरण खंड के अभियंताओं की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन अधिशासी अभियंता डीआर विमलेश ने पूराकलां विद्युत सब स्टेशन के लिए बांसी से पूराकलां विद्युत सब स्टेशन तक 33 केवी लाइन का निर्माण करने वाली एजेंसी और सेकंडरी वर्क्स के अधिकारियों को एक पत्र लिखकर कमियों को उजागर किया था, जिसकी खाना पूर्ति कर जल्दबाजी में सब स्टेशन का शुुुुभारंभ कर दिया गया। हालांकि अब अधिकारी मामला उठता देख फिर से सर्वे कराकर कमियों को ठीक कराने की बात कर रहे हैं।
यह कमियां की थीं उजागर, किया गया नजर अंदाज
तत्कालीन अधिशासी अभियंता द्वारा गत पांच माह पूर्व चार मई 2018 को विद्युत माध्यमिक कार्यखंड के अधिशासी अभियंता को किए गए पत्राचार में जिन कमियों को इंगित किया गया था उनमें मानकों के अनुसार गड्ढों की गइराई कर पाले नहीं लगाए गए, डबल पोल के वेस व टाप पर पोलों के मध्य असमान अंतर मिला। डबल पोल पर लगाई गई स्टे को गड्ढा खोदकर नहीं लगाई गई और उनकी ग्राउटिंग नहीं की गई, यहां तक कि स्टे को हाथ से निकाला जा सकता है। स्टे पर लगा अरेंजमेंट सही तरीके से स्थापित नहीं है और उन पर लोड नहीं है। सिंगल पोल व डबल पोल पर की गई ग्राउंट्रिंग की गुणवत्ता बेहद खराब है। उसके बेस को हाथ लगाने पर निकल रहा था। जमीन स्तर से एक फुट तक ही ग्राउट्रिंग मिली थी। ग्राम ककड़ारी केके पास 11 केवी शहजाद फीडर व 33 केवी नवनिर्मित लाइन में गैप मानकों के अनुसार नहीं है। इस उन्होंने भविष्य में कोई संभावित घटना से होने की आशंका भी जताई थी। 132 केवी निर्गत लाइन की नीचे से 33 केवी नवनिर्मित लाइन के मध्य गैपिंग मानक से कम रहे। इसको शिकायत के बाद भी ठीक नहीं किया गया था। डिस्क फिटिंग की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं मिली थी। जबकि कार्य के दौरान ही लाइन पर लगे कंडक्टर को सैगिंग करते समय डिस्क फिटिंग टूट भी रही थी। पोलों पर एएल बाइंडिंग इंसुलेटर पर सही तरीके से नहीं की गई, जिससे हल्का हवा चलने पर कई सेक्शन का कंडक्टर इंसुलेटर से उतरने की संभावना जताई थी। वहीं पोलों पर ब्रेसिंग एंगिल नहीं लगे होने की शिकायत भी की गई थी। उन्होंने उक्त कमियों को दूर कराने के लिए अधिकारियों को पत्राचार तो किया, लेकिन उसी दौरान उनका स्थानांतरण अन्य जिला हो गया और कमियों को नजर अंदाज करते हुए यह लाइन चार्ज कर सब स्टेशन का शुभारंभ भी करा दिया गया है। लेकिन जानकारों के अनुसार इस लाइन में अब भी बहुत कमियां हैं, जिन्हें समय से दूर नहीं किया गया, तो इसका परिणाम आगे स्थानीय लोगों को ही भुगतना पड़ सकता है।
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पूर्व में अधिकारियों द्वारा पूराकलां सब स्टेशन के लिए बिछाई गई 33 केवी लाइन में कमियां बताई थीं और अधिकांश कमियों को दूर कराया गया है। सेकंडरी वर्क्स के अभियंता से उक्त लाइन निर्माण में कमियां को फिर से सर्व कराया जाएगा और जो भी कमियां मिलेंगी उन्हें दूर कराया जाएगा।
अरविंद कुमार गौतम, उपखंड अधिकारी सेकंडरी वर्क्स, झांसी।
इनका कहना है-
पूर्व में अधिकारियों द्वारा किए गए पत्राचार को संज्ञान में लेकर लाइन का सर्वे कराया जाएगा, यदि कमियां हैं तो उसके बारे में संबंधित अधिकारियों को पत्राचार कर कमियों को दूर कराया जाएगा।
- शैलेंद्र कुमार कटियार, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड, प्रथम।
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तत्कालीन एक्सईएन उठा चुके 33 केवी लाइन निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। पूराकलां विद्युत सब स्टेशन का भले ही शुभारंभ हो चुका हो, लेकिन इसका निर्माण कार्य भी विवादों में रहा है। बिजली विभाग के निवर्तमान अधिशासी अभियंता ने भी पांच माह पूर्व बांसी से पूराकलां तक निर्माण की गई 33 केवी हाइटेंशन विद्युत लाइन के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे, लेकिन उक्त कमियों को नजर अंदाज तक जल्दबाजी में उक्त लाइन को चार्ज कर आनन फानन में सब स्टेशन का शुुुुभारंभ कर दिया गया, जिसे अधिकारी भी नजर अंदाज नहीं कर पा रहे हैं।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत तालबेहट तहसील के अंतर्गत पूराकलां में एक 33 केवी विद्युत सब स्टेशन का निर्माण कराया गया है। इसमें तीन फीडरों को तैयार कर ओवरलोड और बेहतर आपूर्ति उपभोक्ताओं को लंबे समय तक पहुंचाने का उद्देश्य है। लेकिन यह सब स्टेशन शुरुआत से ही विवादों में रहा है। गुणवत्ता में कमियों को देखते हुए और विद्युत वितरण खंड के अभियंताओं की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन अधिशासी अभियंता डीआर विमलेश ने पूराकलां विद्युत सब स्टेशन के लिए बांसी से पूराकलां विद्युत सब स्टेशन तक 33 केवी लाइन का निर्माण करने वाली एजेंसी और सेकंडरी वर्क्स के अधिकारियों को एक पत्र लिखकर कमियों को उजागर किया था, जिसकी खाना पूर्ति कर जल्दबाजी में सब स्टेशन का शुुुुभारंभ कर दिया गया। हालांकि अब अधिकारी मामला उठता देख फिर से सर्वे कराकर कमियों को ठीक कराने की बात कर रहे हैं।
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यह कमियां की थीं उजागर, किया गया नजर अंदाज
तत्कालीन अधिशासी अभियंता द्वारा गत पांच माह पूर्व चार मई 2018 को विद्युत माध्यमिक कार्यखंड के अधिशासी अभियंता को किए गए पत्राचार में जिन कमियों को इंगित किया गया था उनमें मानकों के अनुसार गड्ढों की गइराई कर पाले नहीं लगाए गए, डबल पोल के वेस व टाप पर पोलों के मध्य असमान अंतर मिला। डबल पोल पर लगाई गई स्टे को गड्ढा खोदकर नहीं लगाई गई और उनकी ग्राउटिंग नहीं की गई, यहां तक कि स्टे को हाथ से निकाला जा सकता है। स्टे पर लगा अरेंजमेंट सही तरीके से स्थापित नहीं है और उन पर लोड नहीं है। सिंगल पोल व डबल पोल पर की गई ग्राउंट्रिंग की गुणवत्ता बेहद खराब है। उसके बेस को हाथ लगाने पर निकल रहा था। जमीन स्तर से एक फुट तक ही ग्राउट्रिंग मिली थी। ग्राम ककड़ारी केके पास 11 केवी शहजाद फीडर व 33 केवी नवनिर्मित लाइन में गैप मानकों के अनुसार नहीं है। इस उन्होंने भविष्य में कोई संभावित घटना से होने की आशंका भी जताई थी। 132 केवी निर्गत लाइन की नीचे से 33 केवी नवनिर्मित लाइन के मध्य गैपिंग मानक से कम रहे। इसको शिकायत के बाद भी ठीक नहीं किया गया था। डिस्क फिटिंग की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं मिली थी। जबकि कार्य के दौरान ही लाइन पर लगे कंडक्टर को सैगिंग करते समय डिस्क फिटिंग टूट भी रही थी। पोलों पर एएल बाइंडिंग इंसुलेटर पर सही तरीके से नहीं की गई, जिससे हल्का हवा चलने पर कई सेक्शन का कंडक्टर इंसुलेटर से उतरने की संभावना जताई थी। वहीं पोलों पर ब्रेसिंग एंगिल नहीं लगे होने की शिकायत भी की गई थी। उन्होंने उक्त कमियों को दूर कराने के लिए अधिकारियों को पत्राचार तो किया, लेकिन उसी दौरान उनका स्थानांतरण अन्य जिला हो गया और कमियों को नजर अंदाज करते हुए यह लाइन चार्ज कर सब स्टेशन का शुभारंभ भी करा दिया गया है। लेकिन जानकारों के अनुसार इस लाइन में अब भी बहुत कमियां हैं, जिन्हें समय से दूर नहीं किया गया, तो इसका परिणाम आगे स्थानीय लोगों को ही भुगतना पड़ सकता है।
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पूर्व में अधिकारियों द्वारा पूराकलां सब स्टेशन के लिए बिछाई गई 33 केवी लाइन में कमियां बताई थीं और अधिकांश कमियों को दूर कराया गया है। सेकंडरी वर्क्स के अभियंता से उक्त लाइन निर्माण में कमियां को फिर से सर्व कराया जाएगा और जो भी कमियां मिलेंगी उन्हें दूर कराया जाएगा।
अरविंद कुमार गौतम, उपखंड अधिकारी सेकंडरी वर्क्स, झांसी।
इनका कहना है-
पूर्व में अधिकारियों द्वारा किए गए पत्राचार को संज्ञान में लेकर लाइन का सर्वे कराया जाएगा, यदि कमियां हैं तो उसके बारे में संबंधित अधिकारियों को पत्राचार कर कमियों को दूर कराया जाएगा।
- शैलेंद्र कुमार कटियार, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड, प्रथम।