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लेखपालों के आंदोलन को मिला कई संगठनों का साथ
Updated Tue, 17 Jul 2018 01:09 AM IST
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लेखपालों के आंदोलन को मिला कई संगठनों का साथ
उत्पीड़नात्मक व दमनात्मक कार्रवाई पर जताया असंतोष
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आठ सूत्रीय मांगों के लिए किए जा रहे आंदोलन के लिए अब लेेखपालों को शिक्षक व अन्य कई संगठनों का साथ भी मिल गया। सोमवार को किए गए आंदोलन के दौरान लेखपालों पर की जा ही उत्पीड़नात्मक व दमनात्मक कार्रवाई को विरोध जताते हुए कड़े शब्दों में निंदा की गई।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ जनपद शाखा के समस्त लेखपालों द्वारा संयुक्त राज्य कर्मचारी संगठन के पूर्व जिला मंत्री व पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मीप्रसाद यादव की अध्यक्षता में नवीन तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन कर कार्य बहिष्कार किया गया। इसमें सिविल पेंशनर के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं लेखपाल संघ के पूर्व प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव व प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया व जिला मंत्री अरुण गोस्वामी अन्य पदाधिकारियों व शिक्षक साथियों के साथ आंदोलन में शामिल हुए और प्रशासन द्वारा लेखपालों पर की गई उत्पीड़नात्मक व दमनात्मक कार्रवाई का जोरदार विरोध किया। उत्पीड़नात्मक कार्रवाई न रुकने पर आंदोलन में कूदने को निर्णय लिया। लेखपाल संघ के पदाधिकारियों व वक्ताओं द्वारा उत्पीड़नात्मक कार्रवाई का जोरदार विरोध किया गया और कार्रवाई करने वाले अधिकारियों की कड़े शब्दों में भर्त्सना एवं निंदा की गई। इस मौके पर लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह बुंदेला, उपाध्यक्ष रामप्रकाश चंदेल, लेखा निरीक्षक शिवनारायण तिवारी, तहसील अध्यक्ष संजीव मिश्रा, बृजकिशोर गुप्ता, विनय ताम्रकार, अवधेश कुमार सिंह, विनय प्रताप सिंह, अखिलेश कुमार, रमेश वर्मा, घनश्यामदास सेन, अनिल कुमार राम, अरविंद कुमार ताम्रकार उपस्थित रहे।
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उत्पीड़नात्मक व दमनात्मक कार्रवाई पर जताया असंतोष
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आठ सूत्रीय मांगों के लिए किए जा रहे आंदोलन के लिए अब लेेखपालों को शिक्षक व अन्य कई संगठनों का साथ भी मिल गया। सोमवार को किए गए आंदोलन के दौरान लेखपालों पर की जा ही उत्पीड़नात्मक व दमनात्मक कार्रवाई को विरोध जताते हुए कड़े शब्दों में निंदा की गई।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ जनपद शाखा के समस्त लेखपालों द्वारा संयुक्त राज्य कर्मचारी संगठन के पूर्व जिला मंत्री व पूर्व जिलाध्यक्ष लक्ष्मीप्रसाद यादव की अध्यक्षता में नवीन तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन कर कार्य बहिष्कार किया गया। इसमें सिविल पेंशनर के राष्ट्रीय संगठन मंत्री एवं लेखपाल संघ के पूर्व प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव व प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेश लिटौरिया व जिला मंत्री अरुण गोस्वामी अन्य पदाधिकारियों व शिक्षक साथियों के साथ आंदोलन में शामिल हुए और प्रशासन द्वारा लेखपालों पर की गई उत्पीड़नात्मक व दमनात्मक कार्रवाई का जोरदार विरोध किया। उत्पीड़नात्मक कार्रवाई न रुकने पर आंदोलन में कूदने को निर्णय लिया। लेखपाल संघ के पदाधिकारियों व वक्ताओं द्वारा उत्पीड़नात्मक कार्रवाई का जोरदार विरोध किया गया और कार्रवाई करने वाले अधिकारियों की कड़े शब्दों में भर्त्सना एवं निंदा की गई। इस मौके पर लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह बुंदेला, उपाध्यक्ष रामप्रकाश चंदेल, लेखा निरीक्षक शिवनारायण तिवारी, तहसील अध्यक्ष संजीव मिश्रा, बृजकिशोर गुप्ता, विनय ताम्रकार, अवधेश कुमार सिंह, विनय प्रताप सिंह, अखिलेश कुमार, रमेश वर्मा, घनश्यामदास सेन, अनिल कुमार राम, अरविंद कुमार ताम्रकार उपस्थित रहे।
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