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ग्रामीण क्षेत्रों में अब छह आसान किस्तों में होगी विद्युत वसूली
Updated Thu, 22 Feb 2018 01:53 AM IST
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छह आसान किस्तों में होगी वसूली
ललितपुर। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा विद्युत बकायादारों की वित्तीय स्थिति और विद्युत बकाया वसूलने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए छह आसान किस्तों का प्रावधान शुरू किया गया है। शुरुआत में पहली किस्त के रूप में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 10 प्रतिशत और नलकूप कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं के लिए 20 प्रतिशत देना होगा, बाकी का बकाया छह आसान किस्तों में देने की व्यवस्था शुरू की गई है।
जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू और नलकूप विद्युत कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं पर करीब 20 करोड़ रुपये से अधिक की बकाएदारी चल रही है। इसे वसूलने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा हर माह और वार्षिक वसूली लक्ष्य दिया जाता है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत राजस्व वसूलना तो दूर कई ग्रामीण क्षेत्र तो ऐसे हैं, जहां 70 से 80 फीसदी तक विद्युत बकाएदारी चल रही है। इसका कारण यह है कि उन ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की वित्तीय स्थिति काफी दयनीय है और राजस्व वसूली में लगातार कठिनाइयां आ रही हैं और निरंतर बढ़ रहे राजस्व बकाया के दृष्टिगत कार्पोरेशन द्वारा 21 जुलाई 2017 के आदेश के क्रम में छह माह के लिए उपभोक्ताओं से एरियर का दस प्रतिशत एवं करंट बिल जमा करने की व्यवस्था लागू करने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन इसका क्रियान्वयन नहीं हो सका। ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व वसूली और उपभोक्ता टर्नअप की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इसका कार्पोरेशन की वित्तीय स्थिति पर व्यापक रुप से प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वहीं, विद्युत आपूर्ति संहिता 2005 के अनुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा अधिकतम चार किश्तों किए जाने का प्रावधान है, जिसकी पहली किश्त चालीस प्रतिशत होनी आवश्यक है एवं बाकी अन्य किस्तों की धनराशि दस हजार रुपये से अधिक होने की स्थिति में उपभोक्ता को पोस्ट डेटेड चेक जमा करनी होती है। इसको दृष्टिगत रखते हुए उपरोक्त प्रावधान को विद्युत नियामक आयोग से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए शिथिल करने के अनुरोध एवं आयोग के अनुमोदन की प्रत्याशा में नॉन-आरएपीडीआरपी क्षेत्र के घरेलू, बत्ती, पंखा के उपभोक्ताओं से दस प्रतिशत एवं निजी नलकूप के उपभोक्ताओं से 20 प्रतिशत और करंट बिल ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम पर स्वत: स्वीकार करने एवं शेष धनराशि की छह की एक समान मासिक किस्तें स्वत: होने की व्यवस्था आगामी छह वर्षों के लिए लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसमें भी यदि उपभोक्ता एक माह किश्त जमा करने के बाद आगामी महीन में भुगतान नहीं कर पाता है तो जितने माह बाद भुगतान के लिए विभाग में प्रस्तुत होगा, उतने माह की किश्त शामिल करते हुए भुगतान कराया जाएगा। हालांकि इस प्रकार किश्तों में भुगतान स्वीकार किए जाने पर उपभोक्ता द्वारा देय सरचार्ज यथावत प्रभारित किया जाएगा। इस प्रकार से स्वीकार किए गए भुगतान की रिपोर्ट ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम पर उपलब्ध कराई जाएगी। जिसका संबंधित उपखंड अधिकारी/सहायक अभियंता या अधिशासी अभियंता द्वारा बिलों का अध्य्यन कर त्रुटिपूर्ण बिलों को सही करते हुए छह किश्तों में वसूल किया जाएगा। प्रबंध निदेशक आगरा से किश्तों की इस योजना को गांव-गांव व हर घर तक उपभोक्ताओं को पहुंचाने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं, ताकि ग्रामीण उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठा सकें और अधिक से अधिक राजस्व वसूली को गति मिल सके।
उपभोक्ताओं को ओटीएस का इंतजार
शासन द्वारा लगभग हर वर्ष नाम परिवर्तन करते हुए विद्युत बिल में सरचार्ज माफ करते हुए कभी ओटीएस (एक मुश्त समाधान योजना) या फिर एमनेस्टी योजना लागू की जाती है। जिसमें कम से कम प्राकृतिक आपदा की मार झेलने वाले किसानों को तो निश्चित रुप से राहत मिलती है। इस बार भी जनपद में कई ग्रामीण क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने के कारण प्रभावित एक-एक किसान को लाखों रुपए की क्षति पहुंची है। हालांकि सरकार द्वारा प्रति हैक्टेयर करीब साढ़े हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की राशि राशि प्रदान की गई है, जो किसानों को नाकाफी लग रही
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ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू और नलकूप संयोजनधारी उपभोक्ताओं के लिए किश्तों की यह योजना लागू की गई है। घरेलू उपभोक्ताओं से 10 प्रतिशत और नलकूप उपभोक्ताओं से 20 प्रतिशत जमा कराकर छह महीने की एक समान किश्तों में बकाया धनराशि जमा करनी होगी।
आकाश सचान, अधिशासी अभियंता ग्रामीण।
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ललितपुर। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा विद्युत बकायादारों की वित्तीय स्थिति और विद्युत बकाया वसूलने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए छह आसान किस्तों का प्रावधान शुरू किया गया है। शुरुआत में पहली किस्त के रूप में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 10 प्रतिशत और नलकूप कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं के लिए 20 प्रतिशत देना होगा, बाकी का बकाया छह आसान किस्तों में देने की व्यवस्था शुरू की गई है।
जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू और नलकूप विद्युत कनेक्शनधारी उपभोक्ताओं पर करीब 20 करोड़ रुपये से अधिक की बकाएदारी चल रही है। इसे वसूलने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा हर माह और वार्षिक वसूली लक्ष्य दिया जाता है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत राजस्व वसूलना तो दूर कई ग्रामीण क्षेत्र तो ऐसे हैं, जहां 70 से 80 फीसदी तक विद्युत बकाएदारी चल रही है। इसका कारण यह है कि उन ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की वित्तीय स्थिति काफी दयनीय है और राजस्व वसूली में लगातार कठिनाइयां आ रही हैं और निरंतर बढ़ रहे राजस्व बकाया के दृष्टिगत कार्पोरेशन द्वारा 21 जुलाई 2017 के आदेश के क्रम में छह माह के लिए उपभोक्ताओं से एरियर का दस प्रतिशत एवं करंट बिल जमा करने की व्यवस्था लागू करने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन इसका क्रियान्वयन नहीं हो सका। ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व वसूली और उपभोक्ता टर्नअप की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इसका कार्पोरेशन की वित्तीय स्थिति पर व्यापक रुप से प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। वहीं, विद्युत आपूर्ति संहिता 2005 के अनुसार सक्षम प्राधिकारी द्वारा अधिकतम चार किश्तों किए जाने का प्रावधान है, जिसकी पहली किश्त चालीस प्रतिशत होनी आवश्यक है एवं बाकी अन्य किस्तों की धनराशि दस हजार रुपये से अधिक होने की स्थिति में उपभोक्ता को पोस्ट डेटेड चेक जमा करनी होती है। इसको दृष्टिगत रखते हुए उपरोक्त प्रावधान को विद्युत नियामक आयोग से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए शिथिल करने के अनुरोध एवं आयोग के अनुमोदन की प्रत्याशा में नॉन-आरएपीडीआरपी क्षेत्र के घरेलू, बत्ती, पंखा के उपभोक्ताओं से दस प्रतिशत एवं निजी नलकूप के उपभोक्ताओं से 20 प्रतिशत और करंट बिल ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम पर स्वत: स्वीकार करने एवं शेष धनराशि की छह की एक समान मासिक किस्तें स्वत: होने की व्यवस्था आगामी छह वर्षों के लिए लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसमें भी यदि उपभोक्ता एक माह किश्त जमा करने के बाद आगामी महीन में भुगतान नहीं कर पाता है तो जितने माह बाद भुगतान के लिए विभाग में प्रस्तुत होगा, उतने माह की किश्त शामिल करते हुए भुगतान कराया जाएगा। हालांकि इस प्रकार किश्तों में भुगतान स्वीकार किए जाने पर उपभोक्ता द्वारा देय सरचार्ज यथावत प्रभारित किया जाएगा। इस प्रकार से स्वीकार किए गए भुगतान की रिपोर्ट ऑनलाइन बिलिंग सिस्टम पर उपलब्ध कराई जाएगी। जिसका संबंधित उपखंड अधिकारी/सहायक अभियंता या अधिशासी अभियंता द्वारा बिलों का अध्य्यन कर त्रुटिपूर्ण बिलों को सही करते हुए छह किश्तों में वसूल किया जाएगा। प्रबंध निदेशक आगरा से किश्तों की इस योजना को गांव-गांव व हर घर तक उपभोक्ताओं को पहुंचाने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं, ताकि ग्रामीण उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठा सकें और अधिक से अधिक राजस्व वसूली को गति मिल सके।
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उपभोक्ताओं को ओटीएस का इंतजार
शासन द्वारा लगभग हर वर्ष नाम परिवर्तन करते हुए विद्युत बिल में सरचार्ज माफ करते हुए कभी ओटीएस (एक मुश्त समाधान योजना) या फिर एमनेस्टी योजना लागू की जाती है। जिसमें कम से कम प्राकृतिक आपदा की मार झेलने वाले किसानों को तो निश्चित रुप से राहत मिलती है। इस बार भी जनपद में कई ग्रामीण क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने के कारण प्रभावित एक-एक किसान को लाखों रुपए की क्षति पहुंची है। हालांकि सरकार द्वारा प्रति हैक्टेयर करीब साढ़े हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की राशि राशि प्रदान की गई है, जो किसानों को नाकाफी लग रही
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ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू और नलकूप संयोजनधारी उपभोक्ताओं के लिए किश्तों की यह योजना लागू की गई है। घरेलू उपभोक्ताओं से 10 प्रतिशत और नलकूप उपभोक्ताओं से 20 प्रतिशत जमा कराकर छह महीने की एक समान किश्तों में बकाया धनराशि जमा करनी होगी।
आकाश सचान, अधिशासी अभियंता ग्रामीण।