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देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर जाम से आखिर कब मिलेगी निजात?
Updated Fri, 07 Jul 2017 01:03 AM IST
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हे राम! कब मिटेगा यह जाम
ललितपुर। देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज नहीं बनने से नगर समेत ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को आवागमन में खासी परेशानी होती है। दिन व रात में मिलाकर करीब 15 से 16 घंटे तक रेलवे गेट बंद रहने के कारण मरीजों व स्कूली वाहनों को सबसे अधिक दिक्कत होती है। ओवरब्रिज नहीं होने के कारण नेहरु नगर, जुगपुरा मुहल्ला के अलावा सैकड़ों गांवों के लोगों को रेलवे क्रॉसिंग का बंद गेट खुलने तक इंतजार करना मजबूरी होती है तथा इस दौरान लंबा जाम लग जाता है।
ललितपुर रेलवे स्टेशन पर अप और डाउन रुट की ओर आने-जाने वाली दोनों ओर की 58 ट्रेनों ठहराव है। जबकि, ठहराव वाली ट्रेनों समेत करीब 180 से 200 ट्रेनों का रोजाना आवागमन होता है। ट्रेनों के गुजरने के दौरान देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग का गेट बंद रहता है। वहीं, माल गोदाम के पास ट्रेनों की शंटिंग का कार्य होने के चलते भी गेट बंद करना होता है। कई बार दो से तीन ट्रेन एक साथ निकलने के समय 10 से 15 मिनट या इससे भी अधिक समय तक गेट बंद रहता है। रेलवे सूत्रों के अनुसार 24 घंटे में यह गेट करीब 15 से 16 घंटे तक बंद रहता है, इस कारण हर दस से पंद्रह मिनट में लोगों को देवगढ़ क्रॉसिंग पर जाम के कारण परेशान होना पड़ता है। इस रेलवे क्रॉसिंग गेट से देवगढ़ तक करीब 60 गांव के हजारों लोगों का निकलना होता है। क्रॉसिंग के पार शहर का मुहल्ला नेहरुनगर बसा हुआ है, जहां से मुहल्ले के लोगों को हर रोज किसी न किसी कार्य से शहर में आना-जाना लगा रहता है। अधिकांश स्कूल व मुख्य बाजार शहर में ही है, इसलिए यहां के लोग हर काम के लिए शहर पर ही निर्भर हैं। लेकिन, रेलवे गेट बंद होने की समस्या से उन्हें परेशानियों से जूझना पड़ता है। हालांकि, सबसे अधिक दिक्कत मरीजों व स्कूली बच्चों को होती है, जब ट्रेन निकलने के दौरान गेट बंद होने पर उनके वाहन जाम में फंस जाते हैं और यदि दो से तीन ट्रेन एक साथ गुजरने पर तो उनकी मुसीबत और भी अधिक बढ़ जाती है। देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग गेट बंद होने की समस्या से निजात दिलाने के लिए रेलवे द्वारा क्रॉसिंग से नई मालगोदाम की ओर पहले रेल अंडर ब्रिज का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन यहां जांच के दौरान मिट्टी में नमी के कारण अंडर ब्रिज का प्रस्ताव रद कर दिया गया। इसके बाद रेलवे ने देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग गेट के ऊपर से ही क्रॉसिंग के दोनों ओर 400-400 मीटर लंबाई और सेंटर लाइन से सात-सात मीटर चौड़ाई का रेल ओवर ब्रिज बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन उक्त ओवर ब्रिज का काम अब तक शुरु नहीं हो सका है। जिसके चलते राहगीरों की समस्या जस की तस बनी हुई है। विभिन्न संगठनों व आम लोगों द्वारा कई बार रेलवे के जोनल व मंडलीय अधिकारियों को यहां की समस्या से लिखित व मौखिक रुप से अवगत भी कराया गया, लेकिन अब तक ओवर ब्रिज का काम शुरु नहीं होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को रेलवे क्रॉसिंग गेट पर जाम में फंसे कुछ राहगीरों से बात करने पर उन्होंने यहां रोजाना होने वाली परेशानी से अवगत कराया।
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फोटो नंबर-3
कैप्सन-प्रदीप कुमार।
ओवरब्रिज बन जाए तब मिलेगी राहत
देवगढ़ रोड पर मुहल्ला नेहरु नगर में रहने के कारण रेलवे क्रॉसिंग से निकलने में रोजाना परेशानी होती है। दिन में आठ से दस बार तो शहर की ओर जाना होता ही है, इसमें कम से कम पांच से छह बार रेलवे गेट बंद ही मिलता है। ऐसे में ओवरब्रिज बन जाए तो बहुत राहत मिलेगी। कई बार जब रात में जरुरी काम से शहर की ओर जाना पड़ता है और गेट बंद मिलता है तो उस समय सबसे अधिक दिक्कत होती है।
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प्रदीप कुमार, देवगढ़ रोड नेहरु नगर।
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फोटो नंबर-4
कैप्सन-देवेंद्र सिंह।
स्कूल के समय ऑटो निकालने में होती परेशानी
नेहरुनगर में स्कूली बच्चों को ऑटो से ले जाने के दौरान अक्सर रेलवे गेट बंद ही मिलता है। नेहरु नगर के बच्चों के अलावा अन्य सवारियों को लाने-ले जाने के लिए दिन में चार से पांच चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन अधिकांश समय यह गेट बंद रहने से स्कूली बच्चों को जहां समय से स्कूल पहुंचाने में परेशानी होती है, वहीं कई बार गेट बंद मिलने के दौरान सवारियों को परेशान होना पड़ता है। कई बार तो सवारियां भी ऑटो से उतरकर गेट के नीचे से निकलकर दूसरी ओर खड़ी ऑटो में चली जाती हैं।
देवेंद्र सिंह, ऑटो चालक।
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फोटो नंबर-5
कैप्सन-नरेंद्र राजा।
सामान लाने में होती परेशानी
सामान लाने के लिए देवगढ़ क्रॉसिंग से बाजार जाना होता है, जिससे गेट बंद होने के कारण काफी देर हो जाती है। कई बार समय से नहीं पहुंचने पर कई काम प्रभावित भी जाते हैं। मुहल्ले वालों द्वारा कई बार रेलवे अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान ज्ञापन देकर ओवरब्रिज की मांग की गई, लेकिन समस्या दूर नहीं हो पा रही है। यदि ओवरब्रिज बन जाए, तो बहुत समय बच जाएगा और कई काम समय से पूरे होने लगेंगे।
नरेंद्र राजा, जुगपुरा।
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फोटो नंबर-6
कैप्सन-रामायन सिंह।
ओवर ब्रिज अंडर ब्रिज कुछ तो बन जाए
देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर रेल ओवरब्रिज या अंडर ब्रिज बनाने का आश्वासन रेलवे द्वारा कई बार दिया गया है। लेकिन राव्गीरों की परेशानी के बारे में कोई नहीं सोचता है। यहां चाहे रेल ओवरब्रिज बन जाए या अंडर ब्रिज, रेलवे बनाए तो सही। ऐसे तो सालों से सुन रहे हैं कि ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। लेकिन अब तक काम शुरु भी नहीं हो सका है। एक दो सालों में यदि काम शुरु भी हो जाता है तो इससे बनने में ही दो से तीन साल लगेंगे। इसलिए रेलवे को इस पर जल्द से जल्द काम शुरु करना चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी से छुटकारा मिल सके।
रामायन सिंह, जुगपुरा।
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फोटो नंबर-7
कैप्सन-मयंक चंदेल।
यह तो रोज की परेशानी है
देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर गेट बंद होना रोज की परेशानी है। अब तो आदत हो गई है। जब ओवरब्रिज बन जाए, तभी समस्या खत्म हो सकती है। दिन मे जब भी रेलवे क्रॉसिंग से निकलते हैं, गेट बंद ही रहता है। लोगों से सुनते तो हैं कि ओवरब्रिज बनना है, लेकिन जब काम शुरु हो जाए, तभी माना कि ओवरब्रिज बनेगा। घर में जब कोई बीमार होता है, तो गेट बंद होने पर निकलने के दौरान काफी परेशानी होती है।
मयंक चंदेल।