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दस प्रतिशत आरक्षण का विरोध किया
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दस प्रतिशत आरक्षण का विरोध किया
ललितपुर। संविधान बचाओ संघर्ष समिति ने दस प्रतिशत आरक्षण के विरोध में राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भेजकर उक्त आरक्षण रद्द करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि केंद्र सरकार ने आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग के लिए दस प्रतिशत आरक्षण देकर भारतीय संविधान के मौलिक अधिकार को छेद दिया है। समिति ने एससी, एसटी, ओबीसी को इनकी लोकसंख्या के आधार पर पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने, ओबीसी पर क्रीमीलेयर हटाए जाने, ओबीसी और एनटी/डीएनटी/व्हीजेएनटी की जाति आधारित गिनती किए जाने और एससी, एसटी अन्याय अत्याचार निवारण कानून अधिक सख्त किए जाने की मांग की है। ज्ञापन पर राजेश कुमार वाल्मीकि, मोनिका वाल्मीकि, देवकुंवर, सुशीला, जुगिया, कमलेश, किरन देवी, हरगोविंद सिंह, मोनू लाल, घनश्याम, रामभरत, रामचरन, राम सिंह अहिरवार, अरुण प्रताप, मनोज कुमार, दिनेश कुशवाहा आदि के हस्ताक्षर हैं।
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ललितपुर। संविधान बचाओ संघर्ष समिति ने दस प्रतिशत आरक्षण के विरोध में राष्ट्रपति को एक ज्ञापन भेजकर उक्त आरक्षण रद्द करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि केंद्र सरकार ने आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग के लिए दस प्रतिशत आरक्षण देकर भारतीय संविधान के मौलिक अधिकार को छेद दिया है। समिति ने एससी, एसटी, ओबीसी को इनकी लोकसंख्या के आधार पर पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने, ओबीसी पर क्रीमीलेयर हटाए जाने, ओबीसी और एनटी/डीएनटी/व्हीजेएनटी की जाति आधारित गिनती किए जाने और एससी, एसटी अन्याय अत्याचार निवारण कानून अधिक सख्त किए जाने की मांग की है। ज्ञापन पर राजेश कुमार वाल्मीकि, मोनिका वाल्मीकि, देवकुंवर, सुशीला, जुगिया, कमलेश, किरन देवी, हरगोविंद सिंह, मोनू लाल, घनश्याम, रामभरत, रामचरन, राम सिंह अहिरवार, अरुण प्रताप, मनोज कुमार, दिनेश कुशवाहा आदि के हस्ताक्षर हैं।