फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   उर्द के पते पीले तो फली में लगने लगी फफूंदी

उर्द के पते पीले तो फली में लगने लगी फफूंदी

Tue, 11 Sep 2018 02:17 AM IST
Updated Tue, 11 Sep 2018 02:17 AM IST
विज्ञापन
उर्द के पते पीले तो फली में लगने लगी फफूंदी
उड़द के पत्ते पीले तो फली में लगने लगी फफूंदी
विज्ञापन

रिमझिम फुहार से फसलों को भारी नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
सौंरई (ललितपुर)। लगातार हो रही मानसूनी बारिश से उड़द के पत्ते पीले पड़ गए हैं तो फली में फफूंदी लग गई है। यही नहीं, मूंग, सोयाबीन, मक्का और तिल की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों के लिए यह किसी विपदा से कम नहीं है। रही सही कसर अन्ना जानवर पूरी कर रहे हैं।
तहसील मड़ावरा क्षेत्र के अधिकांश किसानों ने ब्याज पर बैंकों में अपनी उपजाऊ जमीन गिरवी रखकर किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया, जिन्हें इस वर्ष बेहतर उपज की आस थी। लेकिन हो रही बारिश से उड़द, मूंग, सोयाबीन, मक्का और तिल सहित अधिकांश फसल पानी की मार से स्वाह हो गई हैं। बम्हौरी कलां, सौंरई, पिसनारी, गोरा कलां, पिपरट, बहादुरपुर, उल्दना, धौरीसागर, सिरोन और पिसनारी सहित क्षेत्र के अधिकांश गांव में बरसाती फसलें पूरी तरह पानी की लगातार मार से चौपट हो चुकी हैं। बम्हौरी कलां के किसान करन सिंह पुत्र ईश्वर सिंह जो कि बम्हौरी कलां के राजा बाबा हार में लगभग 15 एकड़ भूमि पर उड़द और सोयाबीन की फसल की बुवाई किए हुए हैं। इन्होंने बताया कि इस वर्ष लगभग एक लाख का लोन में खेती के लिए बैंक से कर्ज लिया था। लेकिन हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पूरी फसल जमीदोंज हो गई हैं। रही सही कसर मौसमी रिमझिम फुहार ने भी पूरी कर दीए फिलहाल में उड़द की फसल पककर तैयार हो चुकी है। लेकिन लगातार हो रही बूंदाबांदी फुहार के चलते पकी फसल में फफूंदी लग गई है। जो कि किसान के लिए किसी आफत से कम नहीं।
विज्ञापन

सुनील पुत्र दामोदर बताते हैं कि बेहतर फसल उपज के लिए हमने तमाम प्रकार की कीटनाशक दवाओं व रासायनिक खाद महंगे दामों में कर्जा लेकर खरीदा, लेकिन बारिश ने आई फसल को निगल लिया। और समूचे क्षेत्र में तमाम फसल चौपट हो चुकी हैं। एक तो आसमानी आफत से किसान त्रस्त है, ऊपर से अन्ना जानवर भी मुसीबत का सबब बने हुए है। जो मौसम की रही मार को पूरा करने में अपनी महती भूमिका निर्वाह कर रहे हैं। ऐसे में कर्जा चुकाने के भी लाने दिख रहे हैं। बखत सिंह पुत्र बाबू सिंह लोधी जो कि गांव में ही फुटकर परचून की दुकान खोल हैं, इन्होंने बताया कि बीते वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष काफी घटिया क्वालिटी का उड़द व सोयाबीन दुकानों पर आ रहा है। अधिकांश उड़द फफूंदी लगा लालिमायुक्त आ रहा है। अगर ऐसी ही आसमानी आफत रूपी बारिश होती रही तो आने बाले समय में मक्का और तिल की फसल भी स्वाहा हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed