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खराब हैंडपंपों की सूचना भी नहीं खा रही मेल
Updated Sun, 18 Mar 2018 02:04 AM IST
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खराब हैंडपंपों की सूची में भी फंसे डीपीआरओ
ललितपुर। पेयजल की किल्लत पर एक तरफ जहां प्रशासन सख्त होता जा रहा है, वहीं विभागीय अधिकारियों के लापरवाही की पोल भी खुलती जा रही है। सत्यापन के बाद डीपीआरओ की एक के बाद एक रिपोर्ट गलत साबित हो रही है। पहले पेयजल योजनाओं की रिपोर्ट गलत पाई गई। अब हैंडपंपों की सूची भी बीडीओ द्वारा कराए जा रहे सत्यापन से मेल नहीं खा रही है।
मार्च महीने में सीडीओ ने जिले में लगे हैंडपंपों की स्थिति जानने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी से सूचीबद्ध करने के लिए कहा, जिसमें छह ब्लॉकों में कुल 98 हैंडपंप खराब पाए गए। बीडीओ द्वारा सत्यापन का कार्य कराया तो आंकड़े चौंकाने वाले आए। अभी महज दो ब्लॉकों की आख्या प्राप्त हुई है, जिसमें 161 हैंडपंप खराब हालत में हैं। जबकि चार ब्लॉकों की रिपोर्ट आना अभी बांकी है।
गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगे हैंडपंपों ने साथ छोड़ना आरंभ कर दिया है। इसके मद्देनजर समस्याग्रस्त गांवों में खराब पड़े हैंडपंपों को सुधरवाने के लिए उन्हें सूचीबद्ध किया जा रहा है। शुरुआत में इसकी जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपी गई। इस पर उन्होंने जिले के छह ब्लॉकों के खराब हैंडपंपों की सूची सीडीओ को दे दी। इसमें ब्लॉक जखौरा में 18, बिरधा में 10, महरौनी में 9, मड़ावरा में 21, बार में 10, तालबेहट में 30 हैंडपंप खराब पाए गए। इस सूची की वास्तविकता टटोलने के लिए बीडीओ के माध्यम से इसका सत्यापन कराया तो डीपीआरओ द्वारा दी गई सूची से कहीं अधिक हैंडपंप खराब मिले। हालांकि, अभी जखौरा व बिरधा ब्लाक की ही आख्या प्राप्त हुई है, जिसमें ब्लॉक जखौरा में 71 तो बिरधा में 90 हैंडपंप खराब मिले हैं। शेष चार ब्लॉकों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
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पहले भी साबित हो चुकी है लापरवाही
गौरतलब है कि ग्राम पंचायतों में संचालित 29 एवं जल निगम द्वारा संचालित दो पाइप पेयजल परियोजनाओं की हकीकत जानने के लिए बीडीओ के माध्यम से सत्यापन कराया गया है, जिसकी सूचना पूर्व में प्राप्त कराई रिपोर्ट से मेल नहीं खाई थी। इस पर सीडीओ ने जल निगम के परियोजना प्रबंधक व डीपीआरओ से जवाब-तलब किया है। अब हैंडपंप की सूचना में भी यही स्थिति बन रही है, जिसमें डीपीआरओ को जवाब देते नहीं बन रहा है।
जिले में कुल 18769 हैंडपंप
जिले के सभी छह ब्लॉकों के अंतर्गत 18769 हैंडपंप लगे हैं। जिनकी सूची तैयार कराई जा रही है, ताकि खराब पड़े हैंडपंपों को सुधरवाया जा सके। लेकिन, डीपीआरओ की रिपोर्ट में आंकड़ा कम दर्शाया गया है। इनका बीडीओ के माध्यम से सत्यापन कराया जा रहा है।
पेयजल समस्या जूझ रहे 162 गांव
ललितपुर में पेयजल समस्या से कई गांव जूझ रहे हैं। पूरे जिले में 162 गांव समस्याग्रस्त पाए गए हैं। विकासखंड जखौरा में 36 और विरधा में 28 गांवों को समस्याग्रस्त चिह्नित किए गए हैं।
खराब हैंडपंपों का सत्यापन कराया जा रहा
खराब हैंडपंपों का सत्यापन करवाया जा रहा है। इसके पीछे मकसद जो हैंडपंप मरम्मत योग्य हैं उनकी मरम्मत और जो खराब हैं उनका रीबोर समय से करवाया जाना है। इससे गर्मियों में पेयजल की समस्या न हो। सभी ब्लाक से सूचना प्राप्त होने के उपरांत आगे कार्रवाई की जाएगी।
प्रवीण कुमार लक्षकार, मुख्य विकास अधिकारी
इस संबंध में अभी कुछ नहीं कह सकते हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने जो जानकारी मांगी है उस आधार पर दुबारा रिपोर्ट बनाई जा रही है।
श्रवण कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी, ललितपुर
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ललितपुर। पेयजल की किल्लत पर एक तरफ जहां प्रशासन सख्त होता जा रहा है, वहीं विभागीय अधिकारियों के लापरवाही की पोल भी खुलती जा रही है। सत्यापन के बाद डीपीआरओ की एक के बाद एक रिपोर्ट गलत साबित हो रही है। पहले पेयजल योजनाओं की रिपोर्ट गलत पाई गई। अब हैंडपंपों की सूची भी बीडीओ द्वारा कराए जा रहे सत्यापन से मेल नहीं खा रही है।
मार्च महीने में सीडीओ ने जिले में लगे हैंडपंपों की स्थिति जानने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी से सूचीबद्ध करने के लिए कहा, जिसमें छह ब्लॉकों में कुल 98 हैंडपंप खराब पाए गए। बीडीओ द्वारा सत्यापन का कार्य कराया तो आंकड़े चौंकाने वाले आए। अभी महज दो ब्लॉकों की आख्या प्राप्त हुई है, जिसमें 161 हैंडपंप खराब हालत में हैं। जबकि चार ब्लॉकों की रिपोर्ट आना अभी बांकी है।
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गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगे हैंडपंपों ने साथ छोड़ना आरंभ कर दिया है। इसके मद्देनजर समस्याग्रस्त गांवों में खराब पड़े हैंडपंपों को सुधरवाने के लिए उन्हें सूचीबद्ध किया जा रहा है। शुरुआत में इसकी जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपी गई। इस पर उन्होंने जिले के छह ब्लॉकों के खराब हैंडपंपों की सूची सीडीओ को दे दी। इसमें ब्लॉक जखौरा में 18, बिरधा में 10, महरौनी में 9, मड़ावरा में 21, बार में 10, तालबेहट में 30 हैंडपंप खराब पाए गए। इस सूची की वास्तविकता टटोलने के लिए बीडीओ के माध्यम से इसका सत्यापन कराया तो डीपीआरओ द्वारा दी गई सूची से कहीं अधिक हैंडपंप खराब मिले। हालांकि, अभी जखौरा व बिरधा ब्लाक की ही आख्या प्राप्त हुई है, जिसमें ब्लॉक जखौरा में 71 तो बिरधा में 90 हैंडपंप खराब मिले हैं। शेष चार ब्लॉकों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
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पहले भी साबित हो चुकी है लापरवाही
गौरतलब है कि ग्राम पंचायतों में संचालित 29 एवं जल निगम द्वारा संचालित दो पाइप पेयजल परियोजनाओं की हकीकत जानने के लिए बीडीओ के माध्यम से सत्यापन कराया गया है, जिसकी सूचना पूर्व में प्राप्त कराई रिपोर्ट से मेल नहीं खाई थी। इस पर सीडीओ ने जल निगम के परियोजना प्रबंधक व डीपीआरओ से जवाब-तलब किया है। अब हैंडपंप की सूचना में भी यही स्थिति बन रही है, जिसमें डीपीआरओ को जवाब देते नहीं बन रहा है।
जिले में कुल 18769 हैंडपंप
जिले के सभी छह ब्लॉकों के अंतर्गत 18769 हैंडपंप लगे हैं। जिनकी सूची तैयार कराई जा रही है, ताकि खराब पड़े हैंडपंपों को सुधरवाया जा सके। लेकिन, डीपीआरओ की रिपोर्ट में आंकड़ा कम दर्शाया गया है। इनका बीडीओ के माध्यम से सत्यापन कराया जा रहा है।
पेयजल समस्या जूझ रहे 162 गांव
ललितपुर में पेयजल समस्या से कई गांव जूझ रहे हैं। पूरे जिले में 162 गांव समस्याग्रस्त पाए गए हैं। विकासखंड जखौरा में 36 और विरधा में 28 गांवों को समस्याग्रस्त चिह्नित किए गए हैं।
खराब हैंडपंपों का सत्यापन कराया जा रहा
खराब हैंडपंपों का सत्यापन करवाया जा रहा है। इसके पीछे मकसद जो हैंडपंप मरम्मत योग्य हैं उनकी मरम्मत और जो खराब हैं उनका रीबोर समय से करवाया जाना है। इससे गर्मियों में पेयजल की समस्या न हो। सभी ब्लाक से सूचना प्राप्त होने के उपरांत आगे कार्रवाई की जाएगी।
प्रवीण कुमार लक्षकार, मुख्य विकास अधिकारी
इस संबंध में अभी कुछ नहीं कह सकते हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने जो जानकारी मांगी है उस आधार पर दुबारा रिपोर्ट बनाई जा रही है।
श्रवण कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी, ललितपुर
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