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विद्यालयों की पेयजल व्यवस्था व शौचलय दुरुस्त करने में नहीं ले रही रुचि
Updated Wed, 01 Nov 2017 01:00 AM IST
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विद्यालयों में नहीं सुधारी जा रहीं पेयजल व्यवस्था
चार माह बाद भी जिला पंचायत राज विभाग ने नहीं की कार्रवाई
शौचालय खराब हो से भी होती है परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। ग्रामीण इलाकों में संचालित परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को स्वच्छ पेयजल व स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी विभाग की हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने ऐसे परिषदीय विद्यालयों की सूची जिला पंचायत राज अधिकारी विभाग को सौंपी है जहां के हैंडपंप और शौचालय खराब पड़े हुए हैं। इस सूची को दिए हुए चार माह का समय बीत गया है, लेकिन अब तक स्थिति शून्य बनी हुई है।
जिला बेसिक शिक्षा विभाग ने जनपद के ग्रामीण इलाकों में संचालित परिषदीय विद्यालयों में बंद पड़े हैंडपंपों और शौचालयों को दुरुस्त कराने के लिए बीते मई माह में जिला पंचायती राज विभाग को सूची सौपीं थी। इस सूची के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र के लगभग 255 परिषदीय विद्यालयों के हैंडपंप खराब पढ़े हुए हैं, इनमें करीब 144 हैंडपंप ऐसे हैं, जो री-बोर होने हैं। इसके अलावा 111 हैंडपंप ऐसे हैं, जिनकी मरम्मत होनी है। इसके अलावा विद्यालयों में बच्चों को शौचालय की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है, जबकि स्वच्छ भारत मिशन के तहत बच्चों को शौच के लिए शौचालय का उपयोग करने का पाठ पढ़ाया जा रहा हैं, वहीं स्कूलों में बच्चे शौच के लिए बाहर जाने की मजबूर हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में संचालित विद्यालयों के लगभग 384 शौचालय ऐसे हैं, जिनपद ताले लटक रहे हैं। गंदगी और शौचालय चौक होने के कारण बालक-बालिकाएं शौचालय का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इसमें बालक शौचालयों की संख्या 201 और बालिका शौचालयों की संख्या 183 है। खराब हैंडपंप व शौचालयों की मरम्मत नहीं हो पाने के कारण बच्चों को स्वच्छ पेयजल व शौचालय की सुविधा नहीं मिल पा रहा है।
जिला पंचायत राज विभाग नहीं दे रहा सूचना
जिला पंचायत राज विभाग को अनेकों बार पत्र भेजे जा चुके हैं। हाल में विगत सप्ताह एक पत्र भेजा है और जानकारी मांगी है कि किन-किन विद्यालयों के हैंडपंप और शौचालयों की मरम्मत करा दी गई है। लेकिन विभाग द्वारा कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
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- जाहर सिंह निरंजन, अवर अभियंता सर्व शिक्षा अभियान, ललितपुर।
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चार माह बाद भी जिला पंचायत राज विभाग ने नहीं की कार्रवाई
शौचालय खराब हो से भी होती है परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। ग्रामीण इलाकों में संचालित परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को स्वच्छ पेयजल व स्वच्छ शौचालय उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी विभाग की हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने ऐसे परिषदीय विद्यालयों की सूची जिला पंचायत राज अधिकारी विभाग को सौंपी है जहां के हैंडपंप और शौचालय खराब पड़े हुए हैं। इस सूची को दिए हुए चार माह का समय बीत गया है, लेकिन अब तक स्थिति शून्य बनी हुई है।
जिला बेसिक शिक्षा विभाग ने जनपद के ग्रामीण इलाकों में संचालित परिषदीय विद्यालयों में बंद पड़े हैंडपंपों और शौचालयों को दुरुस्त कराने के लिए बीते मई माह में जिला पंचायती राज विभाग को सूची सौपीं थी। इस सूची के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र के लगभग 255 परिषदीय विद्यालयों के हैंडपंप खराब पढ़े हुए हैं, इनमें करीब 144 हैंडपंप ऐसे हैं, जो री-बोर होने हैं। इसके अलावा 111 हैंडपंप ऐसे हैं, जिनकी मरम्मत होनी है। इसके अलावा विद्यालयों में बच्चों को शौचालय की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है, जबकि स्वच्छ भारत मिशन के तहत बच्चों को शौच के लिए शौचालय का उपयोग करने का पाठ पढ़ाया जा रहा हैं, वहीं स्कूलों में बच्चे शौच के लिए बाहर जाने की मजबूर हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में संचालित विद्यालयों के लगभग 384 शौचालय ऐसे हैं, जिनपद ताले लटक रहे हैं। गंदगी और शौचालय चौक होने के कारण बालक-बालिकाएं शौचालय का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इसमें बालक शौचालयों की संख्या 201 और बालिका शौचालयों की संख्या 183 है। खराब हैंडपंप व शौचालयों की मरम्मत नहीं हो पाने के कारण बच्चों को स्वच्छ पेयजल व शौचालय की सुविधा नहीं मिल पा रहा है।
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जिला पंचायत राज विभाग नहीं दे रहा सूचना
जिला पंचायत राज विभाग को अनेकों बार पत्र भेजे जा चुके हैं। हाल में विगत सप्ताह एक पत्र भेजा है और जानकारी मांगी है कि किन-किन विद्यालयों के हैंडपंप और शौचालयों की मरम्मत करा दी गई है। लेकिन विभाग द्वारा कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
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- जाहर सिंह निरंजन, अवर अभियंता सर्व शिक्षा अभियान, ललितपुर।