फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   अवैध कोचिंग सेंटरों पर चला प्रशासन का डंडा

अवैध कोचिंग सेंटरों पर चला प्रशासन का डंडा

Fri, 06 Oct 2017 01:39 AM IST
Updated Fri, 06 Oct 2017 01:39 AM IST
विज्ञापन
अवैध कोचिंग सेंटरों पर चला प्रशासन का डंडा
अवैध कोचिंग सेंटरों पर चला प्रशासन का डंडा
विज्ञापन

ललितपुर।
शहर में अवैध तरीके से संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ जिला प्रशासन का डंडा चलना शुरू हो गया है। पूर्व में डीएम के निर्देशन पर जिला मुख्यालय से लेकर समस्त ब्लॉक स्तर पर कमेटी गठित की गई थी, जो अपने-अपने क्षेत्र में संचालित अवैध कोचिंगों के खिलाफ कार्रवाई करें। इस अभियान की शुरुआत जिला मुख्यालय से कर दी गई है। इस दौरान चार कोचिंग सेंटरों को पकड़ा हैं और उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है।
बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षक जगदीश प्रसाद राजपूत ने सुबह करीब साढ़े 06 बजे मुहल्ला आजादपुरा में सोनअनी मिलन पैलेस के पास वाली गली में संचालित कोचिंग का निरीक्षण किया। इस दौरान कोचिंग संचालित की जा रही थी और कोचिंग पढ़ा रहे व्यक्ति ने अपना नाम आदित्य साहू पुत्र शिवलाल निवासी शांति नगर नेहरू महाविद्यालय बनाया। कोचिंग पंजीकरण प्रमाण पत्र मांगे जाने पर उनके द्वारा पंजीकरण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया और न ही कोचिंग का नाम बताया गया। उक्त कोचिंग संचालक ने बताया कि उसने एक माह पूर्व 50 छात्र-छात्राओं के लिए कोचिंग आवेदन कार्यालय में दिया है। निरीक्षण के दौरान कोचिंग में मौके पर 60 छात्र-छात्राएं उपस्थित पाये गये। प्रत्येक छात्र-छात्रा से 250 रुपये प्रतिमाह कोचिंग शुल्क वसूला जा रहा था। केवल यहीं नहीं इस कोचिंग का संचालन भवन की दूसरे मंजिल पर हो रहा था, लेकिन इसी भवन की तीसरी मंजिल पर आरके कोचिंग संचालित पायी गयी। निरीक्षण के दौरान विकास कुमार पुत्र महेश कुमार निवासी मुहल्ला गांधीनगर द्वारा बच्चों को पढ़ाया जा रहा था। जानकारी करने पर बताया गया कि कोचिंग का पंजीकरण आरके कोचिंग नाम से है और पढ़ाने वाले के नाम में आरके राजपूत है, लेकिन मौके पर कोचिंग प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। निरीक्षण के समय इसकोचिंग में 08 छात्र-छात्रा उपस्थित पाये गये और कोचिंग का संचालन तीसरे मंजिल पर टीन सेट में पाया गया। इस दौरान दोनों की कोचिंग में बच्चों के बैठने की उचित व्यवस्था भी नहीं मिली और बच्चों के वाहन व साइकिल भी पार्किंग स्थल नहीं होने के कारण सार्वजनिक मार्ग पर खड़ी हुई थीं।
विज्ञापन

इसी क्रम में 07 बजे जिला विद्यालय निरीक्षक ने मुहल्ला रावतयाना में संचालित राहुल कोचिंग का निरीक्षण किया। इस दौरान कोचिंग संचालित हो रही थी, जिसमें कुल 50 छात्र-छात्राएं उपस्थित पाए गए और इन बच्चों को पढ़ाने वाले व्यक्तियों ने अपना नाम राहुल व रामकुमार निवासी मुहल्ला रावतयाना बनाया। जांच अधिकारी द्वारा कोचिंग का पंजीकरण मांगने पर बताया कि गया कि विगत माह डीआईओएस कार्यालय में आवेदन किया है। इसके साथ ही कोचिंग में पढ़ने वाले व्यक्ति के फोटो युक्त बैनर एवं निवास सम्बंधी दस्तावेज नही पाये गये।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं जांच टीम द्वारा सुबह करीब सवा 07 बजे स्थानीय घंटाघर के पास संचालित ब्राईट फ्यूचर कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कोचिंग पढ़ा संचालित पाई गई, जिसमें संजय जैन पुत्र शिखरचंद्र जैन निवासी आजादपुरा द्वारा कोचिंग पढ़ाई जा रही थी। जांच अधिकारी द्वारा कोचिंग पंजीकरण प्रमाण-पत्र मांगे जाने पर बताया कि यह कोचिंग ब्राईट फ्यूचर की ब्रान्च है तथा इस कोचिंग में रेलवे, एसएससी और बैंक आदि विभागों पर वैकेंसी की तैयार के विषय का पढ़ाए जाते हैं। कोचिंग पंजीकृत प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर बताया गया कि ब्राइट फ्यूचर कम्पटीशन की मुख्य शाखा लेवर आफिस के सामने स्थापित है, वहां पंजीयन प्रमाण पत्र है। कोचिंग में बच्चों की सुविधा के लिए शौचालय की कोई व्यवस्था नही पाई गई। जिला विद्यालय निरीक्षक जेपी राजपूत के द्वारा उक्त चारों कोचिंग संचालकों को प्रारंभिक कार्रवाई के तौर पर उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम 2002 के तहत स्पष्टीकरण नोटिस जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed