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जीएसटी प्रावधानों के विरोध में 30 को बाजार बंद

Tue, 27 Jun 2017 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 27 Jun 2017 12:14 AM IST
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30 closed in protest against GST provisions
gst - फोटो : demo
ललितपुर।
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जीएसटी में व्यापारी और व्यापारी विरोधी प्रावधानों के विरोध में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के 30 जून को भारत बंद का समर्थन करते हुए उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों के तत्वावधान में ललितपुर में भी बाजार बंद करने का निर्णय लिया है। यह बात व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सोमवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में बताई है।
बताया गया कि उनके संगठन द्वारा बंद का समर्थन करते हुए जनपद के सभी नगरों, कस्बों के व्यापारियों को स्वेच्छा से बंद रखने की अपील की गई है। मंडल के जिलाध्यक्ष प्रदीप त्रिपाठी ने कहा कि व्यापारी लालफीताशाही भ्रष्टाचार से परेशान है।
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देश अंग्रेजी शासन से तो आजाद हो गया, लेकिन व्यापारी इंस्पेक्टर राज का गुलाम रहा है और आज भी है। प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की थी जब प्रथम बार एक देश और एक कर की व्यवस्थायुक्त जीएसटी आएगा तो उसमें कर की व्यवस्था सरल और पारदर्शी होगी। पूरे देश में एक समान कर होगा, जिसमें बिना पर्चे का व्यापार भ्रष्टाचार और कालेधन का कोई स्थान नहीं होगा। जो आज जीएसटी की दरें और नियम घोषित किए गए हैं, वह स्वागत योग्य नहीं है। जीएसटी बड़ा कठिन, जटिल और कानूनी मकड़जाल युक्त है, जिसे देश का 70 प्रतिशत व्यापारी नहीं समझ सकता।
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ऑनलाइन से सारी व्यवस्था चलाना अच्छा तो है, लेकिन देश में उस तरह की परिस्थितियां होनी चाहिए। तहसील मुख्यालयों व छोटे नगरों में बिजली व्यवस्था तक नहीं है। यदि है भी तो घंटों बिजली नहीं रहती है। कहीं सर्वर डाउन रहता है कहीं कहीं अन्य समस्याएं बनी रहती हैं। ऐसे में जीएसटी के प्रावधानों से व्यापारियों को राहत नहीं बल्कि परेेेशानी बढ़ेगी। जीएसटी देश में 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। तीन महीने में एक बार में एक ही फार्म खरीद बिक्री का विवरण होना चाहिए।

जीएसटी से किसानों के लिए यूरिया, कीटनाशक, दवा, ट्रेक्टर, ट्रॉली आदि महंगे हो जाएंगे। बच्चों की कॉपी किताबे भी महंगी हो जाएंगी। कपड़े पर कर नहीं लगाया जाना चाहिए। जीएसटी में खुला अनाज को कर मुक्त कर दिया गया है, तो पैक अनाज पर टैक्स लगाना आम जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि एक्साईज में लघु, कुटीर, घरेलू व ग्रामीण उद्योग डेढ़ करोड़ रुपये तक की सीमा तक करमुक्त थे, अब यह छूट केवल 20 लाख तक की है। जिससे देश का लघुु व कुटीर उद्योग पूर्णत:बंद हो जाएंगे। बड़े उद्योगों को ही बढ़ने का मौका मिलेगा। इस मौके पर नगर महामंत्री नवीन सिंघई, महेंद्र सतभैया, संजय रसिया आदि उपस्थित रहे।
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