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पनारी कॉलोनी में बनेंगे 250 आवास
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ललितपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत ग्राम पनारी में बनाई जाने वाली आवासीय कॉलोनी में 250 आवास बनाए जाएंगे। यह आवास उन लोगों को मिलेंगे, जिनके शहर में मकान अथवा जमीन नहीं हैं और किराए के मकान में रह रहे हैं। इसके लिए उन्हें जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) में आवेदन करना होगा और सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य होगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के उपघटक एएचपी-योजना (अर्फोडेबल हाउसिंग पार्टनरशिप स्कीम) के अंतर्गत ‘भागीदारी में किफायती आवास’ में ऐसे शहरी गरीब आवास प्राप्त करने हेतु अपनी सहमति दे सकते हैं, जिनका मकान व प्लाट नगर पालिका क्षेत्र में नहीं है और किराए के मकान में निवास करते हैं और जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है। योजना में बनने वाले आवास की कीमत 5.50 लाख रुपये है। इसमें से लाभार्थी से दो लाख रुपये लिए जाएंगे। साढ़े तीन लाख रुपये सरकार खर्च करेगी। जो दो लाख रुपये लाभार्थी से वापस लिए जाएंगे, उसकी 13 सौ रुपये प्रतिमाह की किस्त लाभार्थी को जमा करनी होगी। लाभार्थी को दो लाख रुपये 15 साल में वापस लौटाने होंगे। ग्राम पनारी में कॉलोनी बनाने का काम झांसी आवास विकास परिषद करेगा।
नगर पालिका परिषद क्षेत्र में निवास करने वाले व्यक्ति जिनके पास स्वयं की जमीन नहीं है, वह चार दिसंबर तक डूडा कार्यालय से सहमति पत्र प्राप्त करके जमा कर सकते हैं। इसकी पात्रता के लिए सहमति पत्र के साथ आवेदक की फोटो और आधार कार्ड लगाना अनिवार्य है।
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ऐसे शहरी गरीब, जिसके पास शहर में अपनी जमीन नहीं है, मकान नहीं है और किराए के मकान में रह रहे हैं। उनको एएचपी योजना का लाभ दिया जाएगा।
- राजीव कुमार शुक्ला, परियोजना अधिकारी (डूडा)
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प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के उपघटक एएचपी-योजना (अर्फोडेबल हाउसिंग पार्टनरशिप स्कीम) के अंतर्गत ‘भागीदारी में किफायती आवास’ में ऐसे शहरी गरीब आवास प्राप्त करने हेतु अपनी सहमति दे सकते हैं, जिनका मकान व प्लाट नगर पालिका क्षेत्र में नहीं है और किराए के मकान में निवास करते हैं और जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है। योजना में बनने वाले आवास की कीमत 5.50 लाख रुपये है। इसमें से लाभार्थी से दो लाख रुपये लिए जाएंगे। साढ़े तीन लाख रुपये सरकार खर्च करेगी। जो दो लाख रुपये लाभार्थी से वापस लिए जाएंगे, उसकी 13 सौ रुपये प्रतिमाह की किस्त लाभार्थी को जमा करनी होगी। लाभार्थी को दो लाख रुपये 15 साल में वापस लौटाने होंगे। ग्राम पनारी में कॉलोनी बनाने का काम झांसी आवास विकास परिषद करेगा।
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नगर पालिका परिषद क्षेत्र में निवास करने वाले व्यक्ति जिनके पास स्वयं की जमीन नहीं है, वह चार दिसंबर तक डूडा कार्यालय से सहमति पत्र प्राप्त करके जमा कर सकते हैं। इसकी पात्रता के लिए सहमति पत्र के साथ आवेदक की फोटो और आधार कार्ड लगाना अनिवार्य है।
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ऐसे शहरी गरीब, जिसके पास शहर में अपनी जमीन नहीं है, मकान नहीं है और किराए के मकान में रह रहे हैं। उनको एएचपी योजना का लाभ दिया जाएगा।
- राजीव कुमार शुक्ला, परियोजना अधिकारी (डूडा)