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24 वर्ष बाद भी नहीं मिल सका पिपरियाबंशा के आयुर्वेदिक अस्पताल को भवन

Sun, 13 Nov 2022 11:12 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 13 Nov 2022 11:12 PM IST
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24 years spent searching for land, hospital running in rented building
पाली। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के दावे जिले में फेल नजर आ रहे हैं। पाली क्षेत्र के गांव पिपरियावंश में 24 साल बाद भी आयुर्वेदिक अस्पताल नहीं बन सका है। अफसर लंबे समय से अस्पताल के लिए जमीन ढूंढ रहे हैं, लेकिन जमीन नहीं मिल सकी। किराये के भवन में अस्पताल संचालित होने से मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। वहीं नौ साल से किराये का भुगतान नहीं किया गया है।
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पिपरिया वंशा में वर्ष 1998 में आयुर्वेदिक अस्पताल गांव के ही कमल सिंह यादव के मकान में शुरू किया गया था। 15 साल बाद वर्ष 2013 में अस्पताल के भवन को गांव के ही वृंदावन अहिरवार के मकान में स्थानांतरित कर दिया गया। यहां रोज पिपरिया वंशा, परौंदा, नकवाना, सेवनी, चीराकोंडर, बरखेरा गांव के 50 लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। मगर 24 वर्ष बाद भी अस्पताल को सरकारी भवन नहीं मिल सका। अस्पताल के निर्माण के लिए करीब 300 वर्ग मीटर हेक्टेयर भूमि चाहिए, लेकिन अफसरों को पूरे क्षेत्र में जमीन ही नहीं मिली।
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किराये के भवन में अस्पताल संचालित होने से दिक्कत का सामना करना पड़ता है। चिकित्सक को भी इलाज करने में परेशानी हो रही है। कई बार डॉक्टरों को देरशाम तक मरीजों के इलाज के लिए रुकना पड़ता है, लेकिन यहां पर स्थान ही नहीं है।
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किराये के भुगतान में फंसा पेच
अस्पताल के भवन को साल 2013 में जब किराये के दूसरे भवन में शिफ्ट किया गया, तो भवन स्वामी से अफसरों ने कागजी प्रक्रिया पूरी नहीं कराई। इसके लिए औचित्य प्रमाणपत्र बनवाया जाना था, वह भी नहीं बन सका। ऐसे में बीते नौ साल से किराये का भुगतान नहीं किया गया है। अफसरों का कहना है कि कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शासन की अनुमति ली जाएगी। फिर किराये का भुगतान किया जाएगा। उधर, परेशान भवन मालिक ने इसे खाली करने के लिए कहा है।
पूरा है स्टाफ
आयुर्वेदिक अस्पताल में स्टाफ मानक के अनुरुप पर्याप्त है। यहां पर एक चिकित्सक, एक फार्मासिस्ट, एक वार्ड ब्वॉय व एक स्वीपर तैनात है। ऐसे में अस्पताल में स्टाफ की कोई कमी नहीं है।

आयुर्वेदिक अस्पताल से क्षेत्र के लोगों को पर्याप्त मात्रा में स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। अस्पताल को भवन उपलब्ध कराया जाए। - रमेेश
अस्पताल को भवन न मिलने से इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इसकी चिंता सता रही है। इसकी समुचित व्यवस्था की जाए। - पुन्ना
अस्पताल के सरकारी भवन के लिए जनप्रतिनिधि व अधिकारियों को प्रयास करना चाहिए, जिससे समुचित इलाज मिल सके। - हरप्रसाद
किराये के भवन में संचालित होने से स्वास्थ्य सेवाओं का ठीक से नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में जमीन दिलाकर भवन का निर्माण कराया जाए। - केहर
आयुर्वेदिक अस्पताल के भवन निर्माण के लिए एसडीएम को पत्र भेजा है। जमीन मिलते ही अस्पताल बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भेजा जाएगा। - डॉ. धीरेंद्र कुमार बिजौरिया, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी
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