फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   निजी कालोनियों के विकास के लिए कब चेतेगा प्राधिकरण विभाग

निजी कालोनियों के विकास के लिए कब चेतेगा प्राधिकरण विभाग

Thu, 21 Sep 2017 01:44 AM IST
Updated Thu, 21 Sep 2017 01:44 AM IST
विज्ञापन
निजी कालोनियों के विकास के लिए कब चेतेगा प्राधिकरण विभाग
सड़क, बिजली न पानी, यह है निजी कालोनी
विज्ञापन

ललितपुर।
निजी कालोनियों में विकास कार्य नहीं होने के कारण लोगों को सड़क, बिजली व पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। यह निजी कालोनी बसाने वाले भू-स्वामी ने वर्षों बीतने के बाद भी यहां का विकास नहीं किया है और इन निजी कॉलोनियों के विकास की जिम्मेदारी लेने वाले प्राधिकरण भी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। नोटिस देने के बाद भी कालोनइजर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण सीमा के अंदर शहर की 18 प्राइवेट कालोनी ऐसी हैं, जिनका प्राधिकरण से मानचित्र व ले-आउट स्वीकृत हैं। इन कालोनियों में से आधे से अधिक कालोनियां ऐसी है जहां विकास नहीं किया गया है। प्लाट बेचने से पहले भू-स्वामी लोगों को झूठा आश्वासन देते रहते हैं, इसके बाद यह भू-स्वामी अपने वादे भूल जाते हैं और स्थानीय लोगों को परेशानियों के बीच छोड़ देते हैं। इस बात को भी शासन व प्रशासन भली भांति जानता है, इसलिए ऐसी निजी कॉलोनियों का विकास कराने की जिम्मेदारी विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण को दी गई है। नियमानुसार प्राधिकरण विभाग निजी कालोनियों की करीब 10 प्रतिशत भूमि को इस उद्देश्य से बंधक बना लेता है कि यदि कालोनी मालिक द्वारा कालोनी में सड़क, नाली, बिजली व पार्क बनाकर विकास नहीं किया गया तो कालोनी में रहने वाली जनता के हित में प्राधिकरण तय समय सीमा के बाद बंधक बनी भूमि को बेचकर कालोनी का विकास कराएगा। इसके लिए अधिकतम पांच वर्ष का समय तय किया गया है, इसके बाद कालोनी में विकास कार्य कराने की जिम्मेदारी प्राधिकरण की हो जाती है। शहर में बनी कालोनियों को पांच वर्ष से भी अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक विभागी की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। इन कालोनियों में नगर पालिका ने उन पर मेहरबानी करते हुए नियम विरुद्ध सीसी सड़क का निर्माण करा दिया है।
विज्ञापन


एक वर्ष पूर्व नोटिस जारी कर, विभाग खुद भूला
अमर उजाला ने पूर्व में भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया था, जब विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण द्वारा वैध कालोनियों को दरकिनार करते हुए, शहर की अवैध कालोनियों को वैध कराने की पहल की जा रही थी। बीते 23 जून 2016 में प्रमुखता से प्रकाशित ‘वैध का विकास नहीं, अवैध को वैध कराने की तैयारी’ खबर को संज्ञान में लेते हुए प्राधिकरण द्वारा सात निजी कॉलोनी स्वामियों को नोटिस जारी किए गए थे और 30 जून तक आवश्यक कार्रवाई करने की मोहलत दी थी। अंतिम मोहलत को 15 माह बीत गए हैं, लेकिन अब तक किसी भी कॉलोनी के स्वामी द्वारा नोटिस का जवाब दिया गया है और न ही इस मामले में विभाग द्वारा दोबारा कोई संज्ञान लिया गया है। गौरतलब है कि निजी कॉलोनी का विकास नहीं करने वालों की सूची में भाजपा सरकार के राज्यमंत्री मनोहरलाल पंथ, कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद और सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौबे की माता जी व बहन जी का भी नाम शामिल है। मुहल्ला हरदीला में वर्ष 2007 में पास नवीजीवन द्वितीय के मालिक मनोहरलाल पंथ पुत्र हरजू निवासी सिविल लाइन, मुहल्ला हरदीला में वर्ष 2003 में पास हरदीला कालोनी की मालिक राधाबाई चौबे पत्नी जयनारायण चौबे निवासी पुरानी बजरिया, मुहल्ला हरदीला में वर्ष 2007 में पास नवीजीवन कालोनी की मालिक उमा चौबे पुत्री जयनारायण चौबे निवासी पुरानी बजरिया, मुहल्ला तालाबपुरा में वर्ष 2006 में पास विदुआ कालोनी के मालिक विनय कुमार वर्मा पुत्र दयानाथ निवासी इलाहाबाद, मुहल्ला आजादपुरा में वर्ष 2008 में पास पार्श्वनाथ कालोनी के मालिक श्यामलाल पुत्र प्रकाश नारायण निवासी आजादपुरा, मुहल्ला पिसनारी बाग में वर्ष 2007 में पास टीसर्च कालोनी के मालिक दुर्गा प्रसाद कुशवाहा पुत्र छोटा निवासी पिसनारी बाग और मुहल्ला सिद्घनपुरा में वर्ष 2007 में पास सिद्घनपुरा कालोनी के मालिक खुमान रावत पुत्र हरपे निवासी सिद्घनपुरा को नोटिस जारी किए गए थे। इसके अलावा भी विभाग के पास हेरीटेज कालोनी आजादपुरा, एंब्रोसिया द्वितीय, गोकुल धाम रावतयाना, राधेकृष्ण कालोनी प्रथम, द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ, सदन बिहार व सदन नगर कालोनियों के भी प्लाट बंधक हैं। अभी तो यह भी साफ नहीं है कि जिन प्लाटों को विभाग अपने बास बंधक बना समझ रहा है वह वास्तव में बंधक भी है या फिर बेच दिए गए हैं। विभाग द्वारा इसका भी सत्यापन नहीं कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जानकारी में नहीं है मामला
यह मामला अभी मेरे संज्ञान में नहीं है, संबंधित लिपिक से फाइल तलब करके आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि विभाग में प्लाट बंधक है तो उन कालोनियों में विकास के लिए जल्द से जल्द ही नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
महेश प्रसाद दीक्षित
एसडीएम/नियत प्राधिकारी, ललितपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed