{"_id":"5b4a5c764f1c1b48748b4c55","slug":"201531599990-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रसूता की मौत पर परिजनों ने जिला अस्पताल में काटा हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रसूता की मौत पर परिजनों ने जिला अस्पताल में काटा हंगामा
Updated Sun, 15 Jul 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला अस्पताल में प्रसूता की मौत, हंगामा
किया था झांसी रेफर, बीच रास्ते में बिगड़ गई थी हालत
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला अस्पताल में शुक्रवार रात रक्तस्राव के कारण प्रसूता की मौत हो गई। उसे झांसी रेफर किया गया था। रास्ते में हालत बिगड़ने पर वापस जिला अस्पताल में भर्ती कराया था । परिजनों ने तैनात स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बच्चे को छुपाने का आरोप लगाया।
नगर के मुहल्ला नझाई बाजार की फिरदौस परवीन पत्नी नईम को शुक्रवार की शाम प्रसव पीड़ा होने पर परिजन जिला महिला अस्पताल ले आए। चिकित्सकों ने सामान्य केस बताया। रात्रि करीब साढ़े आठ बजे चिकित्सकों ने प्रसव कराया। इसके बाद प्रसूता को रक्तस्राव होने लगा। जिस पर चिकित्सकों ने झांसी के लिए रेफर कर दिया। परिजन प्रसूता को झांसी ले जा रहे थे कि रास्ते में प्रसूता की हालत खराब होने पर परिजन लौटकर जिला अस्पताल आए जहां चिकित्सक ने उसको मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने हंगामा काटकर तैनात स्टाफ पर बच्चे को छिपाने का आरोप लगाया।
इससे पूर्व भी हो चुकी प्रसूता की मौत
जिला महिला अस्पताल में प्रसूताओं की मौत का यह मामला पहला नहीं है। पूर्व में भी कई मौतें हो चुकी है। 14 मई को भी विकासखंड जखौरा अंतर्गत ग्राम विनेका तोरन की लीलावती पत्नी गजेंद्र लोधी की ऑपरेशन के दौरान मौत हो चुकी थी। जांच में हृदयगति रुक जाना मौत का कारण पाया गया था।
विज्ञापन
शिकायत आने पर की जाएगी जांच
महिला अस्पताल में प्रसूता की हालत बिगड़ने पर झांसी रेफर किया गया था। रास्ते में ज्यादा हालत खराब होने पर प्रसूता को जिला अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है। शिकायत आने पर जांच कमेठी गठित की जाएगी। जांच के उपरांत कार्रवाई की जाएगी।
डा. हरेंद्र चौहान , मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला महिला अस्तपाल
विज्ञापन
किया था झांसी रेफर, बीच रास्ते में बिगड़ गई थी हालत
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला अस्पताल में शुक्रवार रात रक्तस्राव के कारण प्रसूता की मौत हो गई। उसे झांसी रेफर किया गया था। रास्ते में हालत बिगड़ने पर वापस जिला अस्पताल में भर्ती कराया था । परिजनों ने तैनात स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बच्चे को छुपाने का आरोप लगाया।
नगर के मुहल्ला नझाई बाजार की फिरदौस परवीन पत्नी नईम को शुक्रवार की शाम प्रसव पीड़ा होने पर परिजन जिला महिला अस्पताल ले आए। चिकित्सकों ने सामान्य केस बताया। रात्रि करीब साढ़े आठ बजे चिकित्सकों ने प्रसव कराया। इसके बाद प्रसूता को रक्तस्राव होने लगा। जिस पर चिकित्सकों ने झांसी के लिए रेफर कर दिया। परिजन प्रसूता को झांसी ले जा रहे थे कि रास्ते में प्रसूता की हालत खराब होने पर परिजन लौटकर जिला अस्पताल आए जहां चिकित्सक ने उसको मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने हंगामा काटकर तैनात स्टाफ पर बच्चे को छिपाने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
इससे पूर्व भी हो चुकी प्रसूता की मौत
जिला महिला अस्पताल में प्रसूताओं की मौत का यह मामला पहला नहीं है। पूर्व में भी कई मौतें हो चुकी है। 14 मई को भी विकासखंड जखौरा अंतर्गत ग्राम विनेका तोरन की लीलावती पत्नी गजेंद्र लोधी की ऑपरेशन के दौरान मौत हो चुकी थी। जांच में हृदयगति रुक जाना मौत का कारण पाया गया था।
विज्ञापन
शिकायत आने पर की जाएगी जांच
महिला अस्पताल में प्रसूता की हालत बिगड़ने पर झांसी रेफर किया गया था। रास्ते में ज्यादा हालत खराब होने पर प्रसूता को जिला अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है। शिकायत आने पर जांच कमेठी गठित की जाएगी। जांच के उपरांत कार्रवाई की जाएगी।
डा. हरेंद्र चौहान , मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला महिला अस्तपाल