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बांध के पानी को प्रदूषित कर रही नपा की नालियां
Updated Sun, 11 Jun 2017 11:22 PM IST
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बांध के पानी में गिर रहीं नालियां
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर की प्यास बुझाने वाले गोविंद सागर बांध का पानी पीने लायक नहीं रहा है। इसकी वजह नगर पालिका परिषद के विभिन्न वार्डों की नालियों का मुंह बांध की ओर होना है। इतना ही नहीं, बांध में मरे जानवरों के शव भी फेंके जा रहे हैं। इससे बांध का पानी प्रदूषित हो रहा है। इस मामले में जिम्मेदार अफसर मौन बने हुए हैं।
गोविंद सागर बांध से समूचे शहर को जलापूर्ति होती है। जल संस्थान सबसे पहले बांध से कच्चा पानी लेकर उसको फिल्टर करता है तब जाकर पानी पीने योग्य बनता है। अब उसी बांध का पानी नालियों से प्रदूषित हो रहा है। बांध किनारे से सटे मकानों की नाली व सीवर लाइनें डूब क्षेत्र में जाकर खुल रही हैं तो नगर पालिका परिषद ने भी आग में घी डालने का काम किया है। ठेकेदारों ने आजादपुरा तृतीय (लेड़ियापुरा) में नालियों का निर्माण करते हुए उसका ढाल बांध की ओर कर दिया है। चंडीमाता मंदिर के पीछे श्मशान घाट से सटकर नालियों का दूषित पानी खेतों से होकर बांध में पहुंच रहा है तो अवंतीबाई पब्लिक स्कूल के आसपास बने मकानों की नालियों का मुंह बांध की ओर है।
वार्ड नंबर दो के पार्षद केके पंथी का कहना है कि पहले से ही नालियों का ढाल बांध की ओर था जिससे उन्हें मोड़ा नहीं जा सका। लेकिन, दोबारा पार्षद बनने पर अलग से नाला निर्माण कराएंगे, जिससे दूषित पानी करीम नगर होकर शहर के बाहर जाएगा। वहीं, वार्ड नंबर बीस के पार्षद आशाराम कुशवाहा का कहना है कि बांध गटर बनता जा रहा है। इसमें मुहल्ला नेहरू नगर, आजादपुरा व नई बस्ती की नालियों का पानी पहुंच रहा है। इसके अतिरिक्त मरे जानवरों के शव फेंके जा रहे हैं तो भैंसें भी नहा रही हैं। ऐसे में बांध का पानी पीने योग्य नहीं रहा है। इस संबंध में डीएम को ज्ञापन दे चुके हैं। लेकिन, समस्या का हल नहीं हो सका है। जब तक नालियों का ढाल नहीं बदला जाएगा तब तक बांध में नालियों के पानी को जाने से रोकना असंभव है। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
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जेई से कराएंगे सर्वे
नगर पालिका परिषद का ध्यान इस ओर किसी ने नहीं दिलाया है। यदि पहले मामला संज्ञान में आ जाता है तो निश्चित ही अब तक समस्या का समाधान हो जाता है। अब पालिका के अवर अभियंता से इसका सर्वे कराकर अगली कार्रवाई की जाएगी।
राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।
नलों से आ रहा मटमैला पानी
लोअर जोन के मुहल्ला चौबयाना, सरदारपुरा, बड़ापुरा, लकड़यापुरा, अजीतापुरा, लक्ष्मीपुरा आदि में मटमैले पानी की आपूर्ति हो रही है। लोगों को इसके इस्तेमाल से पूर्व फिटकरी डालनी पड़ रही है तब जाकर गंदगी नीचे बैठ रही है। जल संस्थान अभी तक दूषित पानी की आपूर्ति का समाधान नहीं कर पाई है। पिछले कई दिनों से नगरवासी मटमैला पानी पीने को विवश हैं। इस संबंध में जल संस्थान के प्रभारी अधिशासी अभियंता वीके श्रीवास्तव से दूरभाष पर संपर्क नहीं हो सका है। उनके नंबर पर अस्थाई रूप से सेवाएं रोक देने की जानकारी कंपनी की ओर से दी जा रही है।
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर की प्यास बुझाने वाले गोविंद सागर बांध का पानी पीने लायक नहीं रहा है। इसकी वजह नगर पालिका परिषद के विभिन्न वार्डों की नालियों का मुंह बांध की ओर होना है। इतना ही नहीं, बांध में मरे जानवरों के शव भी फेंके जा रहे हैं। इससे बांध का पानी प्रदूषित हो रहा है। इस मामले में जिम्मेदार अफसर मौन बने हुए हैं।
गोविंद सागर बांध से समूचे शहर को जलापूर्ति होती है। जल संस्थान सबसे पहले बांध से कच्चा पानी लेकर उसको फिल्टर करता है तब जाकर पानी पीने योग्य बनता है। अब उसी बांध का पानी नालियों से प्रदूषित हो रहा है। बांध किनारे से सटे मकानों की नाली व सीवर लाइनें डूब क्षेत्र में जाकर खुल रही हैं तो नगर पालिका परिषद ने भी आग में घी डालने का काम किया है। ठेकेदारों ने आजादपुरा तृतीय (लेड़ियापुरा) में नालियों का निर्माण करते हुए उसका ढाल बांध की ओर कर दिया है। चंडीमाता मंदिर के पीछे श्मशान घाट से सटकर नालियों का दूषित पानी खेतों से होकर बांध में पहुंच रहा है तो अवंतीबाई पब्लिक स्कूल के आसपास बने मकानों की नालियों का मुंह बांध की ओर है।
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वार्ड नंबर दो के पार्षद केके पंथी का कहना है कि पहले से ही नालियों का ढाल बांध की ओर था जिससे उन्हें मोड़ा नहीं जा सका। लेकिन, दोबारा पार्षद बनने पर अलग से नाला निर्माण कराएंगे, जिससे दूषित पानी करीम नगर होकर शहर के बाहर जाएगा। वहीं, वार्ड नंबर बीस के पार्षद आशाराम कुशवाहा का कहना है कि बांध गटर बनता जा रहा है। इसमें मुहल्ला नेहरू नगर, आजादपुरा व नई बस्ती की नालियों का पानी पहुंच रहा है। इसके अतिरिक्त मरे जानवरों के शव फेंके जा रहे हैं तो भैंसें भी नहा रही हैं। ऐसे में बांध का पानी पीने योग्य नहीं रहा है। इस संबंध में डीएम को ज्ञापन दे चुके हैं। लेकिन, समस्या का हल नहीं हो सका है। जब तक नालियों का ढाल नहीं बदला जाएगा तब तक बांध में नालियों के पानी को जाने से रोकना असंभव है। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
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जेई से कराएंगे सर्वे
नगर पालिका परिषद का ध्यान इस ओर किसी ने नहीं दिलाया है। यदि पहले मामला संज्ञान में आ जाता है तो निश्चित ही अब तक समस्या का समाधान हो जाता है। अब पालिका के अवर अभियंता से इसका सर्वे कराकर अगली कार्रवाई की जाएगी।
राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद ललितपुर।
नलों से आ रहा मटमैला पानी
लोअर जोन के मुहल्ला चौबयाना, सरदारपुरा, बड़ापुरा, लकड़यापुरा, अजीतापुरा, लक्ष्मीपुरा आदि में मटमैले पानी की आपूर्ति हो रही है। लोगों को इसके इस्तेमाल से पूर्व फिटकरी डालनी पड़ रही है तब जाकर गंदगी नीचे बैठ रही है। जल संस्थान अभी तक दूषित पानी की आपूर्ति का समाधान नहीं कर पाई है। पिछले कई दिनों से नगरवासी मटमैला पानी पीने को विवश हैं। इस संबंध में जल संस्थान के प्रभारी अधिशासी अभियंता वीके श्रीवास्तव से दूरभाष पर संपर्क नहीं हो सका है। उनके नंबर पर अस्थाई रूप से सेवाएं रोक देने की जानकारी कंपनी की ओर से दी जा रही है।