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Lalitpur News: जंगली जानवरों की गतिविधि देखने के लगाए जाएंगे 20 ट्रेैप कैमरे
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 20 कैमरे लगाए जाएंगे। इससे जंगलों में जानवरों की स्थिति व संख्या का आकलन किया जाएगा। जानवरों की प्रजाति की भी गणना हो सकेगी।
जंगल में वन विभाग ने कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। ये कैमरे ललितपुर, गौना व मड़ावरा रेंज में लगाए जाएंगे। वन क्षेत्र के जलस्रोतों, गुफाओंं व अन्य ऐसे स्थान जहां वन्य जीवों का आवागमन बना रहता है, वहां ये कैमरे लगाए जाएंगे। ट्रैप कैमरे जानवरों की गतिविधियों को तो कैद करेंगे ही, इनकी मदद से वन्य जीवों की जानकारी व संख्या भी पता लगाई जा सकेगी। कैमरे मुचकुंद गुफा, दुधई, गौना, लंखजर, मदनपुर, धौरीसागर, गोधरा के जंगलों में लगाए जाएंगे। यहां जंगलों में कई दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीव पाए जाते हैं। भालू, चीता, तेंदुआ जैसी प्रजाति यहां निवास करती है। विभाग का अनुमान है कि यहां कुछ ऐसी भी प्रजातियां हैं, जो घने जंगलों में रहने के कारण नजरों से बची हैं, इन कैमरों की मदद से उन्हें खोज लिया जाएगा।
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क्या होता है ट्रैप कैमरा: ट्रैप कैमरा सेंसर युक्त होता है। कैमरा के आसपास जानवर व इंसान जैसी हलचल होने पर यह स्वत: चालू हो जाता है। यह उसकी फोटो व वीडियो कैद कर लेता है, इसमें डाटा सुरक्षित करने के लिए मेमोरी कार्ड लगाया जाता है।
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जंगलों में 20 कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये ऐसे जंगली एरिया में लगाए जाएंगे, जहां वन्य जीवाें की गतिविधि निरंतर रहने की संभावना है। इससे जानवरों को सुरक्षा तो मिलेगी ही, साथ ही विभाग को भी जानवरों के विषय में जानकारी होगी।
सिरीन सिद्दकी उपप्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी।
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ललितपुर। जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 20 कैमरे लगाए जाएंगे। इससे जंगलों में जानवरों की स्थिति व संख्या का आकलन किया जाएगा। जानवरों की प्रजाति की भी गणना हो सकेगी।
जंगल में वन विभाग ने कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। ये कैमरे ललितपुर, गौना व मड़ावरा रेंज में लगाए जाएंगे। वन क्षेत्र के जलस्रोतों, गुफाओंं व अन्य ऐसे स्थान जहां वन्य जीवों का आवागमन बना रहता है, वहां ये कैमरे लगाए जाएंगे। ट्रैप कैमरे जानवरों की गतिविधियों को तो कैद करेंगे ही, इनकी मदद से वन्य जीवों की जानकारी व संख्या भी पता लगाई जा सकेगी। कैमरे मुचकुंद गुफा, दुधई, गौना, लंखजर, मदनपुर, धौरीसागर, गोधरा के जंगलों में लगाए जाएंगे। यहां जंगलों में कई दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीव पाए जाते हैं। भालू, चीता, तेंदुआ जैसी प्रजाति यहां निवास करती है। विभाग का अनुमान है कि यहां कुछ ऐसी भी प्रजातियां हैं, जो घने जंगलों में रहने के कारण नजरों से बची हैं, इन कैमरों की मदद से उन्हें खोज लिया जाएगा।
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क्या होता है ट्रैप कैमरा: ट्रैप कैमरा सेंसर युक्त होता है। कैमरा के आसपास जानवर व इंसान जैसी हलचल होने पर यह स्वत: चालू हो जाता है। यह उसकी फोटो व वीडियो कैद कर लेता है, इसमें डाटा सुरक्षित करने के लिए मेमोरी कार्ड लगाया जाता है।
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जंगलों में 20 कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये ऐसे जंगली एरिया में लगाए जाएंगे, जहां वन्य जीवाें की गतिविधि निरंतर रहने की संभावना है। इससे जानवरों को सुरक्षा तो मिलेगी ही, साथ ही विभाग को भी जानवरों के विषय में जानकारी होगी।
सिरीन सिद्दकी उपप्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी।