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अस्थाई संयोजन से सिंचाई के लिए बनाई जा रही सैपरेट विद्युत लाइन
Updated Sun, 21 Oct 2018 02:00 AM IST
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अस्थाई कनेक्शन से होगी सिंचाई, बन रही अलग लाइन
ग्रामीण क्षेत्रों में 40 स्थान चिह्नित, 26 क्षेत्रों में बनाई गई अलग लाइन
ट्रांसफार्मर के साथ बनाई जाएगी अलग लाइन, किसानों को मिलेेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थाई संयोजनों से सिंचाई के लिए बिजली विभाग द्वारा अलग लाइन बनाई जा रही है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 40 स्थानों को चिह्नित किया गया था, जिसमें अब तक करीब दो दर्जन ग्रामीण स्थानों पर अलग लाइन बनकर तैयार हो गई है, जबकि बाकी स्थानों पर सिंचाई तक लाइन कंपलीट कराई जाएगी। इसके लिए ट्रांसफार्मर के साथ अलग से लाइन भी बिछाई जाएगी, जिससे किसानों को अस्थाई संयोजन जारी किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा शासन की बुंदेलखंड सूखा राहत योजना के अंतर्गत इस बार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थाई संयोजन के लिए अलग से ट्रांसफार्मर स्थापित करते हुए अलग से लाइन बनाई जा रही है। इसका कार्य करीब तीन माह से चल रहा है। इसके लिए विभाग द्वारा टैंडर प्रक्रिया के माध्यम से कार्यदाई संस्थाओं से यह अलग लाइनें बिछाने का कार्य किया जा रहा है। विभाग द्वारा पूरे जिले में लाइन के लिए 40 स्थान चिह्नित किए गए हैं। इसमें महरौनी, पाली, बिरधा, मड़ावरा, तालबेहट, जाखलौन, धौर्रा, जखौरा, बार के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों मेें खेती की सिंचाई के लिए यह अलग लाइन तैयार कराई जा रही है। इसमें ठेकेदारों के माध्यम से एक 25 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर और 300 मीटर लाइन बिछाई जा रही है। किसान उपभोक्ताओं को सिंचाई के लिए अलग लाइन से ही अस्थाई विद्युत कनेक्शन दिया जाएगा। अभी तक करीब 26 स्थानों पर ट्रांसफार्मर स्थापित कर सैपरेट लाइन तैयार कर दी गई है, जबकि बाकी चिह्नित स्थानों पर यह लाइन सिंचाई से पूर्व तैयार करने के निर्देश अधिकारियों द्वारा दिए गए हैं। इसी के चलते कार्पोरेशन द्वारा इस बार रबी की सिंचाई से पूर्व किसानों को अस्थाई कनेक्शन की आसान योजना भी शुरू की है, जिसके अंतर्गत विद्युत विभाग द्वारा किसानों को सिंचाई साधन के लिए इस बार दो प्रकार के अस्थाई संयोजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसमें सिंगल फेस का कनेक्शन 10 हजार रुपये में और थ्री फेस का सिंचाई के लिए अस्थाई विद्युत कनेक्शन पंद्रह हजार रुपये में दिया जा रहा है। इसके तहत अब तक करीब आधा सैकड़ा से अधिक विद्युत अस्थाई कनेक्शन केे लिए रसीदें काटी जा चुकी हैं, जबकि विभाग में हर दिन किसान अस्थाई संयोजन के लिए पहुंच रहे हैं।
स्थायी संयोजन को किसान हो रहे परेशान
विद्युत विभाग द्वारा अस्थाई कनेेक्शन देकर उपभोक्ताओं को राहत तो दे रहा है, लेकिन किसानों को स्थाई कनेक्शन के लिए विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली के चलते परेशान भी होना पड़ रहा है। रोजाना दर्जनों किसान कनेक्शन लेने के लिए और अपनी बारी का इंतजार करने को विद्युत विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हो रहा है, लेकिन स्थायी नलकूप कनेक्शनों की फाइलें टेबलों से आगे नहीं बढ़ने के चलते किसान परेशान हो रहे हैं। करीब तीन से अधिक किसानों की नलकूप संयोजन की फाइलें विभागीय प्रणाली केे कारण आगे नहीं बढ़ पा रही हैं, ऐसे में किसानों को रबी की फसल की बुवाई के दौरान सिंचाई की चिंता भी सताने लगी है। यदि शीघ्र ही विभाग द्वारा कोई स्थाई हल नहीं निकाला गया तो बहुत से किसान नलकूप संयोजन के लिए आवेदन करने के बाद भी सिंचाई से वंचित रह जाएंगे।
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अस्थाई संयोजन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में चिंह्नित किए गए दो दर्जन स्थानों पर सैपरेट लाइन का निर्माण पूरा हो चुका है, बाकी स्थानों पर शीघ्र ही लाइन का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। वहीं किसानों को सिंगल फेस और थ्री फेस के अस्थाई कनेक्शन भी किसानों को सिंचाई के उपयोग के लिए चार माह के लिए दिए जा रहे हैं और अस्थाई कनेक्शनों की रसीदें जिला परिषद स्थित खंडीय कार्यालय प्रथम में काटी जा रही हैं।
- आकाश सचान, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय।
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ग्रामीण क्षेत्रों में 40 स्थान चिह्नित, 26 क्षेत्रों में बनाई गई अलग लाइन
ट्रांसफार्मर के साथ बनाई जाएगी अलग लाइन, किसानों को मिलेेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थाई संयोजनों से सिंचाई के लिए बिजली विभाग द्वारा अलग लाइन बनाई जा रही है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 40 स्थानों को चिह्नित किया गया था, जिसमें अब तक करीब दो दर्जन ग्रामीण स्थानों पर अलग लाइन बनकर तैयार हो गई है, जबकि बाकी स्थानों पर सिंचाई तक लाइन कंपलीट कराई जाएगी। इसके लिए ट्रांसफार्मर के साथ अलग से लाइन भी बिछाई जाएगी, जिससे किसानों को अस्थाई संयोजन जारी किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा शासन की बुंदेलखंड सूखा राहत योजना के अंतर्गत इस बार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थाई संयोजन के लिए अलग से ट्रांसफार्मर स्थापित करते हुए अलग से लाइन बनाई जा रही है। इसका कार्य करीब तीन माह से चल रहा है। इसके लिए विभाग द्वारा टैंडर प्रक्रिया के माध्यम से कार्यदाई संस्थाओं से यह अलग लाइनें बिछाने का कार्य किया जा रहा है। विभाग द्वारा पूरे जिले में लाइन के लिए 40 स्थान चिह्नित किए गए हैं। इसमें महरौनी, पाली, बिरधा, मड़ावरा, तालबेहट, जाखलौन, धौर्रा, जखौरा, बार के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों मेें खेती की सिंचाई के लिए यह अलग लाइन तैयार कराई जा रही है। इसमें ठेकेदारों के माध्यम से एक 25 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर और 300 मीटर लाइन बिछाई जा रही है। किसान उपभोक्ताओं को सिंचाई के लिए अलग लाइन से ही अस्थाई विद्युत कनेक्शन दिया जाएगा। अभी तक करीब 26 स्थानों पर ट्रांसफार्मर स्थापित कर सैपरेट लाइन तैयार कर दी गई है, जबकि बाकी चिह्नित स्थानों पर यह लाइन सिंचाई से पूर्व तैयार करने के निर्देश अधिकारियों द्वारा दिए गए हैं। इसी के चलते कार्पोरेशन द्वारा इस बार रबी की सिंचाई से पूर्व किसानों को अस्थाई कनेक्शन की आसान योजना भी शुरू की है, जिसके अंतर्गत विद्युत विभाग द्वारा किसानों को सिंचाई साधन के लिए इस बार दो प्रकार के अस्थाई संयोजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसमें सिंगल फेस का कनेक्शन 10 हजार रुपये में और थ्री फेस का सिंचाई के लिए अस्थाई विद्युत कनेक्शन पंद्रह हजार रुपये में दिया जा रहा है। इसके तहत अब तक करीब आधा सैकड़ा से अधिक विद्युत अस्थाई कनेक्शन केे लिए रसीदें काटी जा चुकी हैं, जबकि विभाग में हर दिन किसान अस्थाई संयोजन के लिए पहुंच रहे हैं।
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स्थायी संयोजन को किसान हो रहे परेशान
विद्युत विभाग द्वारा अस्थाई कनेेक्शन देकर उपभोक्ताओं को राहत तो दे रहा है, लेकिन किसानों को स्थाई कनेक्शन के लिए विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली के चलते परेशान भी होना पड़ रहा है। रोजाना दर्जनों किसान कनेक्शन लेने के लिए और अपनी बारी का इंतजार करने को विद्युत विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हो रहा है, लेकिन स्थायी नलकूप कनेक्शनों की फाइलें टेबलों से आगे नहीं बढ़ने के चलते किसान परेशान हो रहे हैं। करीब तीन से अधिक किसानों की नलकूप संयोजन की फाइलें विभागीय प्रणाली केे कारण आगे नहीं बढ़ पा रही हैं, ऐसे में किसानों को रबी की फसल की बुवाई के दौरान सिंचाई की चिंता भी सताने लगी है। यदि शीघ्र ही विभाग द्वारा कोई स्थाई हल नहीं निकाला गया तो बहुत से किसान नलकूप संयोजन के लिए आवेदन करने के बाद भी सिंचाई से वंचित रह जाएंगे।
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अस्थाई संयोजन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में चिंह्नित किए गए दो दर्जन स्थानों पर सैपरेट लाइन का निर्माण पूरा हो चुका है, बाकी स्थानों पर शीघ्र ही लाइन का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। वहीं किसानों को सिंगल फेस और थ्री फेस के अस्थाई कनेक्शन भी किसानों को सिंचाई के उपयोग के लिए चार माह के लिए दिए जा रहे हैं और अस्थाई कनेक्शनों की रसीदें जिला परिषद स्थित खंडीय कार्यालय प्रथम में काटी जा रही हैं।
- आकाश सचान, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय।