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अधिवक्ताओं ने स्टाम्प शुल्क वृद्घि के प्रस्ताव पर जताया एतराज
Updated Sun, 13 Aug 2017 02:48 AM IST
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स्टांप शुल्क वृद्धि के प्रस्ताव पर जताया एतराज
महरौनी (ललितपुर)। स्टांप शुल्क वृद्धि के प्रस्ताव को लेकर अधिवक्ताओं में रोष देखा जा रहा है। बार एसोसिएशन ने डीएम को संबोधित एक ज्ञापन उप निबंधक महरौनी मोतीलाल को दिया है। इसमें उन्होंने किसान हित में मालियत स्टांप शुल्क में वृद्धि नहीं करने की मांग की है।
ज्ञापन में अवगत कराया गया है कि हर वित्तीय वर्ष में जो मालियत स्टांप शुल्क में वृद्धि की जाती है, उसका सीधा बोझ किसानों पर पड़ता है, जबकि क्षेत्र का किसान पहले से ही दैवीय आपदाओं के चलते खेती में नुकसान उठाते हुए गरीबी से जूझ रहा है। इस वर्ष भी कम बारिश होने के कारण आने वाली रबी की फसल में नुकसान की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में अगर स्टांप शुल्क में वृद्धि की जाती है, तो इसका सीधा प्रभाव किसानों पर पड़ेगा जो इसको वहन करने की स्थिति में नहीं है। बार संघ और क्षेत्रीय किसानों ने प्रस्तावित मालियत स्टांप शुल्क में नहीं बढ़ाने की मांग की है। इससे प्रदेश के पिछडे़ बुंदेलखंड व सबसे पिछड़ी तहसील महरौनी, मड़ावरा, पाली के गरीब किसानों का अहित न हो। ज्ञापन पर बार संघ के प्रेम नारायण सोनी, शालिकराम व्यास, कैलाश नारायण तिवारी, धर्मेंद्र सिंह, कालका यादव, राकेश वैद्य, राजेश श्रीवास्तव, बहादुर सिंह, राकेश शर्मा, रामविलास खरे सहित अनेक काश्तकारों के हस्ताक्षर बने हैं।
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महरौनी (ललितपुर)। स्टांप शुल्क वृद्धि के प्रस्ताव को लेकर अधिवक्ताओं में रोष देखा जा रहा है। बार एसोसिएशन ने डीएम को संबोधित एक ज्ञापन उप निबंधक महरौनी मोतीलाल को दिया है। इसमें उन्होंने किसान हित में मालियत स्टांप शुल्क में वृद्धि नहीं करने की मांग की है।
ज्ञापन में अवगत कराया गया है कि हर वित्तीय वर्ष में जो मालियत स्टांप शुल्क में वृद्धि की जाती है, उसका सीधा बोझ किसानों पर पड़ता है, जबकि क्षेत्र का किसान पहले से ही दैवीय आपदाओं के चलते खेती में नुकसान उठाते हुए गरीबी से जूझ रहा है। इस वर्ष भी कम बारिश होने के कारण आने वाली रबी की फसल में नुकसान की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में अगर स्टांप शुल्क में वृद्धि की जाती है, तो इसका सीधा प्रभाव किसानों पर पड़ेगा जो इसको वहन करने की स्थिति में नहीं है। बार संघ और क्षेत्रीय किसानों ने प्रस्तावित मालियत स्टांप शुल्क में नहीं बढ़ाने की मांग की है। इससे प्रदेश के पिछडे़ बुंदेलखंड व सबसे पिछड़ी तहसील महरौनी, मड़ावरा, पाली के गरीब किसानों का अहित न हो। ज्ञापन पर बार संघ के प्रेम नारायण सोनी, शालिकराम व्यास, कैलाश नारायण तिवारी, धर्मेंद्र सिंह, कालका यादव, राकेश वैद्य, राजेश श्रीवास्तव, बहादुर सिंह, राकेश शर्मा, रामविलास खरे सहित अनेक काश्तकारों के हस्ताक्षर बने हैं।
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