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सीडीओ के निर्देश के बाद नहीं दौड़ पाई मनरेगा
Updated Wed, 10 Oct 2018 02:32 AM IST
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सीडीओ के निर्देश के बाद नहीं दौड़ पाई मनरेगा
जिले की 57 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम ठप
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। मुख्य विकास अधिकारी के सख्त रुख के बाद भी मनरेगा दौड़ नहीं पाई है। मंगलवार को जिले की 57 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम प्रारंभ नहीं हो पाया है। इससे काम करने के इच्छुक श्रमिकों को मायूसी हाथ लग रही है।
मानसूून सीजन में मनरेगा के कार्य शिथिल पड़ जाते हैं लेकिन सितंबर माह आते ही इन कार्यों को गति मिल जाती है। इस बार मुख्य विकास अधिकारी शिवनारायण के निर्देशों के बाद भी ऐसा नहीं हो सका है। उन्होंने ग्राम पंचायतों में काम प्रारंभ नहीं होने की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारियों के वेतन/मानदेय काटने के निर्देश बीडीओ को दिए हैं। जिसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। सबसे ज्यादा ब्लाक बिरधा में मनरेगा की हालत पतली है। यहां 26 ग्राम पंचायतों में काम ठप है। इसके अलावा ब्लाक बार में 7, जखौरा में 6, मड़ावरा में 6, महरौनी में 5,तालबेहट में 7 ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू नहीं कराए जा सके हैं। ऐसी स्थिति में श्रमिकों को एक गांव से दूर गांव पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है तो तमाम मजदूर जनपद मुख्यालय पर काम के इंतजार में खड़े होने लगे हैं। उधर, सीडीओ शिवनारायण ने एक दो दिन में सभी ग्राम पंचायतों में काम प्रारंभ होने की बात कही है।
काम पर एक नजर
तीन अक्तूबर को 130, चार अक्तूबर को 100, पांच अक्तूबर को 93,छह अक्तूबर को 80, आठ अक्तूबर को 53 व नौ अक्तूबर को 57 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम नहीं लगा। इससे उदासीनता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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जिले की 57 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम ठप
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। मुख्य विकास अधिकारी के सख्त रुख के बाद भी मनरेगा दौड़ नहीं पाई है। मंगलवार को जिले की 57 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम प्रारंभ नहीं हो पाया है। इससे काम करने के इच्छुक श्रमिकों को मायूसी हाथ लग रही है।
मानसूून सीजन में मनरेगा के कार्य शिथिल पड़ जाते हैं लेकिन सितंबर माह आते ही इन कार्यों को गति मिल जाती है। इस बार मुख्य विकास अधिकारी शिवनारायण के निर्देशों के बाद भी ऐसा नहीं हो सका है। उन्होंने ग्राम पंचायतों में काम प्रारंभ नहीं होने की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारियों के वेतन/मानदेय काटने के निर्देश बीडीओ को दिए हैं। जिसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। सबसे ज्यादा ब्लाक बिरधा में मनरेगा की हालत पतली है। यहां 26 ग्राम पंचायतों में काम ठप है। इसके अलावा ब्लाक बार में 7, जखौरा में 6, मड़ावरा में 6, महरौनी में 5,तालबेहट में 7 ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू नहीं कराए जा सके हैं। ऐसी स्थिति में श्रमिकों को एक गांव से दूर गांव पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है तो तमाम मजदूर जनपद मुख्यालय पर काम के इंतजार में खड़े होने लगे हैं। उधर, सीडीओ शिवनारायण ने एक दो दिन में सभी ग्राम पंचायतों में काम प्रारंभ होने की बात कही है।
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काम पर एक नजर
तीन अक्तूबर को 130, चार अक्तूबर को 100, पांच अक्तूबर को 93,छह अक्तूबर को 80, आठ अक्तूबर को 53 व नौ अक्तूबर को 57 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम नहीं लगा। इससे उदासीनता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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