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स्वास्थ्य: बदलते मौसम ने बढ़ाई मरीजों की संख्या 1
Updated Tue, 12 Jun 2018 03:20 AM IST
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बदलते मौसम ने बढ़ाई मरीजों की संख्या
- वायरल फीवर और इंफेक्शन के रोगी सर्वाधिक
- हल्की बूंदाबांदी होने से होने वाली उमस से परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। मौसम के बदलते मिजाज से मौसमी बीमारियों ने मरीजों की संख्या बढ़ा दी है। जिला अस्पताल और शहर के निजी अस्पतालों में वायरल फीवर और इंफेक्शन के मरीज बड़ी संख्या में इलाज कराने आ रहे हैं। चिकित्सकों ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण ऐसी बीमारियां हो रही हैं।
दो जून को नौ तपा खत्म होने के बाद धीरे-धीरे तापमान में कमी आती रही है, लेकिन वर्तमान में आर्द्रता का प्रतिशत बढ़ने से उमस काफी बढ़ गई है। इसके साथ ही जिले में कम तापमान के साथ चिल्लाती धूप के बीच हल्की बूंदे पड़ने से उमस भी लोगों को परेशान कर रही है। दिन में कभी तपती धूप और कभी उमस भरे बदलते मौसम से जनपद में वायरल बीमारियों का प्रकोप भी फैलता जा रहा है। जिला अस्पताल में इस समय वायरल फीवर, उल्टी दस्त, मौसमी बुखार व अस्थिमा जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वर्तमान में जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रही है। इसके साथ ही भी मरीजों को घंटो इंतजार करना चपड़ रहा है। शहर के निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। निजी अस्पताल में भी मरीजों को उपचार के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है। वैसे तो यह बुखार आम बुखार की तरह होता है। लेकिन इसका इलाज समय पर तुरंत करवाना आवश्यक है। संयुक्त जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियन डा. अमित चतुर्वेदी ने बताया कि मौसम के बदलने से संक्रामक बीमारियां फैलती हैं। इनमें वायरल फीवर, उल्टी, दस्त व अस्थिमा जैसी बीमारियां है। वर्तमान में ऐसे मरीजों की संख्या सामान्य संख्या से 25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। सोमवार को जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों में छह सौ छयासठ पुरुष व पांच सौ दस महिलाएं उपचार के लिए आईं।
ये है बचाव के उपाय
ज्याद धूप में शरीर में फुल कपड़े पहन कर चलें। चेहरा व सिर को ढंके रहें।
बाहर तेज धूप व गर्मी से आकर ठंडे पेय पदार्थ का उपयोग न करें।
बाहर के भोजन आदि अन्य पदार्थो का सेवन करने से बचे।
फोटो- 03
कैप्सन- अमित चतुर्वेदी
बदलते मौसम से होने वाली संक्रामक बीमारियों का समय पर इलाज लें। बिना चिकित्सक को कोई इलाज न लें। चिकित्सक की परामर्श अनुसार ही दवा लें।
डा. अमित चतुर्वेदी, वरिष्ठ फिजीशियन
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- वायरल फीवर और इंफेक्शन के रोगी सर्वाधिक
- हल्की बूंदाबांदी होने से होने वाली उमस से परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। मौसम के बदलते मिजाज से मौसमी बीमारियों ने मरीजों की संख्या बढ़ा दी है। जिला अस्पताल और शहर के निजी अस्पतालों में वायरल फीवर और इंफेक्शन के मरीज बड़ी संख्या में इलाज कराने आ रहे हैं। चिकित्सकों ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण ऐसी बीमारियां हो रही हैं।
दो जून को नौ तपा खत्म होने के बाद धीरे-धीरे तापमान में कमी आती रही है, लेकिन वर्तमान में आर्द्रता का प्रतिशत बढ़ने से उमस काफी बढ़ गई है। इसके साथ ही जिले में कम तापमान के साथ चिल्लाती धूप के बीच हल्की बूंदे पड़ने से उमस भी लोगों को परेशान कर रही है। दिन में कभी तपती धूप और कभी उमस भरे बदलते मौसम से जनपद में वायरल बीमारियों का प्रकोप भी फैलता जा रहा है। जिला अस्पताल में इस समय वायरल फीवर, उल्टी दस्त, मौसमी बुखार व अस्थिमा जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वर्तमान में जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रही है। इसके साथ ही भी मरीजों को घंटो इंतजार करना चपड़ रहा है। शहर के निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। निजी अस्पताल में भी मरीजों को उपचार के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है। वैसे तो यह बुखार आम बुखार की तरह होता है। लेकिन इसका इलाज समय पर तुरंत करवाना आवश्यक है। संयुक्त जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियन डा. अमित चतुर्वेदी ने बताया कि मौसम के बदलने से संक्रामक बीमारियां फैलती हैं। इनमें वायरल फीवर, उल्टी, दस्त व अस्थिमा जैसी बीमारियां है। वर्तमान में ऐसे मरीजों की संख्या सामान्य संख्या से 25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। सोमवार को जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों में छह सौ छयासठ पुरुष व पांच सौ दस महिलाएं उपचार के लिए आईं।
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ये है बचाव के उपाय
ज्याद धूप में शरीर में फुल कपड़े पहन कर चलें। चेहरा व सिर को ढंके रहें।
बाहर तेज धूप व गर्मी से आकर ठंडे पेय पदार्थ का उपयोग न करें।
बाहर के भोजन आदि अन्य पदार्थो का सेवन करने से बचे।
फोटो- 03
कैप्सन- अमित चतुर्वेदी
बदलते मौसम से होने वाली संक्रामक बीमारियों का समय पर इलाज लें। बिना चिकित्सक को कोई इलाज न लें। चिकित्सक की परामर्श अनुसार ही दवा लें।
डा. अमित चतुर्वेदी, वरिष्ठ फिजीशियन