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देवगढ़ ओवरब्रिज बनाने का रास्ता साफ, टीम ने किया साइड सिलेक्शन
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देवगढ़ ओवरब्रिज बनाने का रास्ता साफ
टीमों के अधिकारियों ने विधायक से साथ लोगों ली सहमति
लखनऊ से बनकर आएगी फाइनल डिजाइन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाए जाने का रास्ता साफ हो गया है। बृहस्पतिवार को लखनऊ, झांसी व ललितपुर के अधिकारियों ने सदर विधायक की मौजूदगी में स्थलीय निरीक्षण किया । ओवरब्रिज बनाए जाने में आने वाली बाधाओं के लिए स्थानीय लोगों से सहमति लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू की गई। सेतु निगम व अन्य संबंधित विभागों की टीमों के स्थलीय परीक्षण के बाद टूलेन के इस ओवरब्रिज के लिए लखनऊ से फाइनल डिजाइन बनकर आएगी और इसी माह के अंत तक कार्य शुरू होने की संभावना जताई गई है। इस ओवरब्रिज निर्माण में विषम परिस्थितियों में ही कोई मकान या अन्य निर्माण तोड़ा जाएगा, अधिकांश मकान नहीं तोड़ने का ही निर्णय टीमों के अधिकारियों द्वारा लिया है।
देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग से निजात दिलाने के लिए शहरवासियों की मांग ने आखिरकार रंग लाना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को सेतु निगम की लखनऊ, झांसी और रेलवे के अधिकारियों की टीमों ने स्थानीय अधिकारियों के साथ ही सदर विधायक की मौजूदगी में देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज निर्माण के लिए साइड सिलेक्शन किया। उसकी डिजाइन के लिए अधिकारियों ने ओवरब्रिज के लिए स्थान की उपलब्धता परखी और तय किया कि यहां ओवरब्रिज बनना पूर्ण तरह से संभव है। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने विधायक के साथ शहर के विकास के लिए बनने वाले इस ओवरब्रिज निर्माण में आने वाली समस्याओं के निस्तारण के लिए यहां देवगढ़ क्रॉसिंग के पहले सड़क किनारे रहने वाले स्थलीय लोगों से बातचीत की और निर्माण में सहयोग व सममति मांगी। जिस पर कुछ लोगों ने खुलकर सामने आकर सहमति भी दे दी। हालांकि टीम द्वारा पाया गया कि यहां कुछ एक दो मकानों का कुछ हिस्सा व अन्य निर्माण गिर सकता है, लेकिन इसके अलावा अन्य निर्माण या मकान नहीं गिराया जाएगा। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यहां जो भी मकान या अन्य निर्माण गिराया जाता है तो उसके लिए भवन स्वामियों के लिए सरकार द्वारा निर्धारित सर्किल रेट के अनुसार उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। बताया गया है कि इस ओवरब्रिज के निर्माण के लिए लखनऊ से ओवरब्रिज की डिजाइन बनकर कुछ दिनों में आ जाएगी, इसके बाद यहां टूलेन सेतु का निर्माण इसी माह में शुरू कराया जा सकता है। बताया कि यह टू-लेन ओवरब्रिज का निर्माण कुल साढ़े सात मीटर चौड़ा रहेगा। इस मौके पर लखनऊ से जीएम एसके तिवारी, सीपीएम सीएस गुप्ता, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर आरके सिंह, सहायक अभियंता केवी सिंह, अवर अभियंता पीपी सिंह, रेलवे से अधीक्षण अभियंता डीके दिनकर, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता प्रकाश चंद आदि उपस्थित रहे।
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इनका कहना है-
देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने के लिए साइड सिलेक्शन किया गया है और अंतिम रुप से तय किया गया कि यहां ओवरब्रिज बनाया जा सकता है। इसके लिए यहां सड़क किनारे रहने वाले स्थानीय लोगों के साथ बातचीत कर सहमति भी मांग गई है। एक दो मकान या निर्माण का कुछ हिस्सा गिराना पड़ सकता है, लेकिन कोशिश रहेगी इसके अलावा अन्य निर्माण नहीं गिराया जाएगा।
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-आरके सिंह, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर सेतु निगम।
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इनका कहना है-
देवगढ़ ओवरब्रिज निर्माण के लिए लखनऊ व झांसी की सेतु निगम और रेलवे के अधिकारियों की टीमों के साइड सिलेक्शन कर लिया है। यहां अधिकांश भवन या अन्य निर्माण नहीं तोड़े जाने का निर्णय लिया है। एक दो मकान या अन्य कुछ निर्माण का हिस्सा गिरने पर शासन से उचित सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा दिलाया जाएगा। यहां रहने वाले लोगों ने अपनी सहमति भी दे दी है। अब इसी माह के अंत तक ओवरब्रिज निर्माण का कार्य शुरु होने की संभवना है।
-रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक।
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टीमों के अधिकारियों ने विधायक से साथ लोगों ली सहमति
लखनऊ से बनकर आएगी फाइनल डिजाइन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाए जाने का रास्ता साफ हो गया है। बृहस्पतिवार को लखनऊ, झांसी व ललितपुर के अधिकारियों ने सदर विधायक की मौजूदगी में स्थलीय निरीक्षण किया । ओवरब्रिज बनाए जाने में आने वाली बाधाओं के लिए स्थानीय लोगों से सहमति लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू की गई। सेतु निगम व अन्य संबंधित विभागों की टीमों के स्थलीय परीक्षण के बाद टूलेन के इस ओवरब्रिज के लिए लखनऊ से फाइनल डिजाइन बनकर आएगी और इसी माह के अंत तक कार्य शुरू होने की संभावना जताई गई है। इस ओवरब्रिज निर्माण में विषम परिस्थितियों में ही कोई मकान या अन्य निर्माण तोड़ा जाएगा, अधिकांश मकान नहीं तोड़ने का ही निर्णय टीमों के अधिकारियों द्वारा लिया है।
देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग से निजात दिलाने के लिए शहरवासियों की मांग ने आखिरकार रंग लाना शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को सेतु निगम की लखनऊ, झांसी और रेलवे के अधिकारियों की टीमों ने स्थानीय अधिकारियों के साथ ही सदर विधायक की मौजूदगी में देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज निर्माण के लिए साइड सिलेक्शन किया। उसकी डिजाइन के लिए अधिकारियों ने ओवरब्रिज के लिए स्थान की उपलब्धता परखी और तय किया कि यहां ओवरब्रिज बनना पूर्ण तरह से संभव है। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने विधायक के साथ शहर के विकास के लिए बनने वाले इस ओवरब्रिज निर्माण में आने वाली समस्याओं के निस्तारण के लिए यहां देवगढ़ क्रॉसिंग के पहले सड़क किनारे रहने वाले स्थलीय लोगों से बातचीत की और निर्माण में सहयोग व सममति मांगी। जिस पर कुछ लोगों ने खुलकर सामने आकर सहमति भी दे दी। हालांकि टीम द्वारा पाया गया कि यहां कुछ एक दो मकानों का कुछ हिस्सा व अन्य निर्माण गिर सकता है, लेकिन इसके अलावा अन्य निर्माण या मकान नहीं गिराया जाएगा। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यहां जो भी मकान या अन्य निर्माण गिराया जाता है तो उसके लिए भवन स्वामियों के लिए सरकार द्वारा निर्धारित सर्किल रेट के अनुसार उचित मुआवजा दिलाया जाएगा। बताया गया है कि इस ओवरब्रिज के निर्माण के लिए लखनऊ से ओवरब्रिज की डिजाइन बनकर कुछ दिनों में आ जाएगी, इसके बाद यहां टूलेन सेतु का निर्माण इसी माह में शुरू कराया जा सकता है। बताया कि यह टू-लेन ओवरब्रिज का निर्माण कुल साढ़े सात मीटर चौड़ा रहेगा। इस मौके पर लखनऊ से जीएम एसके तिवारी, सीपीएम सीएस गुप्ता, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर आरके सिंह, सहायक अभियंता केवी सिंह, अवर अभियंता पीपी सिंह, रेलवे से अधीक्षण अभियंता डीके दिनकर, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता प्रकाश चंद आदि उपस्थित रहे।
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इनका कहना है-
देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने के लिए साइड सिलेक्शन किया गया है और अंतिम रुप से तय किया गया कि यहां ओवरब्रिज बनाया जा सकता है। इसके लिए यहां सड़क किनारे रहने वाले स्थानीय लोगों के साथ बातचीत कर सहमति भी मांग गई है। एक दो मकान या निर्माण का कुछ हिस्सा गिराना पड़ सकता है, लेकिन कोशिश रहेगी इसके अलावा अन्य निर्माण नहीं गिराया जाएगा।
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-आरके सिंह, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर सेतु निगम।
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इनका कहना है-
देवगढ़ ओवरब्रिज निर्माण के लिए लखनऊ व झांसी की सेतु निगम और रेलवे के अधिकारियों की टीमों के साइड सिलेक्शन कर लिया है। यहां अधिकांश भवन या अन्य निर्माण नहीं तोड़े जाने का निर्णय लिया है। एक दो मकान या अन्य कुछ निर्माण का हिस्सा गिरने पर शासन से उचित सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा दिलाया जाएगा। यहां रहने वाले लोगों ने अपनी सहमति भी दे दी है। अब इसी माह के अंत तक ओवरब्रिज निर्माण का कार्य शुरु होने की संभवना है।
-रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक।