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हाइटैंशन लइन का तार टूटने से दो गायों की मौत
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हाइटेंशन लाइन का तार टूटने से दो गायों की मौत
मड़ावरा। नजदीकी गांव रनगांव से सोजना मार्ग पर निकली 11 हजार वोल्टेज की हाइटेंशन बिजली की लाइन का तार टूटने से दो गायों की मौके पर ही मौत हो गई।
सौजना रोड निवासी लोगों ने बताया की करीब 4 बजे अचानक आतिशबाजी की तरह तेज आवाज के रोशनी दिखाई दी, जिसमें चिंगारियां छूट रहीं थीं। कुछ ही देर में तार टूटकर जमीन पर गिर गया, जिससे जमीन पर लगे हरे पौधे जल गए। वहीं, दो गायें भी घूम रही थीं, करंट की चपेट में आने से उनकी भी मौत हो गई। गायों के तेज आवाज में रंभाने पर लोगों ने जाकर देखा तो उन्हें जानकारी हुई। साथ ही कुछ जानवर और आसपास थे, जिन्हें ग्रामीणों ने वहां से दूर हटाया। अन्यथा और जानवर करंट की चपेट में आ सकते थे। बता दें कि मड़ावरा क्षेत्र में बिजली विभाग की लापरवाही के कारण मड़ावरा विद्युत उपकेंद्र से आसपास के गांवों को निकली 11 हजार केवी की बिजली की लाइन का मेंटीनेंस नहीं हो रहा है। इस कारण खंभे टेढ़े- मेढ़े हैं, तार ढीले हैं। तार झूलते एवं लटकते रहते हैं। तार आपस में टकराकर आए दिन टूटकर गिरते रहते हैं और हादसों की वजह बन रहे हैं। तार टूटकर गिरने से कुछ किसानों के खेत में खड़ी फसल जल गई थी, तो किसी का भूसा जल गया था।
किसान भगोनी गंधर्व ने बताया कि बिजली के तार बहुत नीचे हैं और तार लटकते और झूलते रहते हैं, जो हादसों की वजह बन रहे हैं। उन्होंने टेढ़े- मेढ़े हो चुके खंभों एवं झूलते - लटकते तारों को सही कराने की मांग की है।
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मड़ावरा। नजदीकी गांव रनगांव से सोजना मार्ग पर निकली 11 हजार वोल्टेज की हाइटेंशन बिजली की लाइन का तार टूटने से दो गायों की मौके पर ही मौत हो गई।
सौजना रोड निवासी लोगों ने बताया की करीब 4 बजे अचानक आतिशबाजी की तरह तेज आवाज के रोशनी दिखाई दी, जिसमें चिंगारियां छूट रहीं थीं। कुछ ही देर में तार टूटकर जमीन पर गिर गया, जिससे जमीन पर लगे हरे पौधे जल गए। वहीं, दो गायें भी घूम रही थीं, करंट की चपेट में आने से उनकी भी मौत हो गई। गायों के तेज आवाज में रंभाने पर लोगों ने जाकर देखा तो उन्हें जानकारी हुई। साथ ही कुछ जानवर और आसपास थे, जिन्हें ग्रामीणों ने वहां से दूर हटाया। अन्यथा और जानवर करंट की चपेट में आ सकते थे। बता दें कि मड़ावरा क्षेत्र में बिजली विभाग की लापरवाही के कारण मड़ावरा विद्युत उपकेंद्र से आसपास के गांवों को निकली 11 हजार केवी की बिजली की लाइन का मेंटीनेंस नहीं हो रहा है। इस कारण खंभे टेढ़े- मेढ़े हैं, तार ढीले हैं। तार झूलते एवं लटकते रहते हैं। तार आपस में टकराकर आए दिन टूटकर गिरते रहते हैं और हादसों की वजह बन रहे हैं। तार टूटकर गिरने से कुछ किसानों के खेत में खड़ी फसल जल गई थी, तो किसी का भूसा जल गया था।
किसान भगोनी गंधर्व ने बताया कि बिजली के तार बहुत नीचे हैं और तार लटकते और झूलते रहते हैं, जो हादसों की वजह बन रहे हैं। उन्होंने टेढ़े- मेढ़े हो चुके खंभों एवं झूलते - लटकते तारों को सही कराने की मांग की है।
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