{"_id":"5cf2d6dcbdec22070b27485f","slug":"15594186348-lalitpur-news42","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयुष्मान भारत योजना बनी निर्धन के लिए वरदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयुष्मान भारत योजना बनी निर्धन के लिए वरदान
विज्ञापन
आयुष्मान भारत योजना बनी निर्धन के लिए वरदान
ललितपुर। जिले में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पहली बार दूरबीन से आंत का आपरेशन किया गया। तहसील पाली के कस्बा निवासी जमनी आंत उतरने के चलते परेशान था। उसे जिला अस्पताल आया, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद आंत उतरने के ऑपरेशन की सलाह दी। इसके बाद योजना के अंतर्गत सफल ऑपरेशन किया गया।
केंद्र सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना संचालित की गई है, जिसमें निर्धन परिवार के प्रत्येक सदस्य को एक वर्ष में पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मुहैया कराई गई है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल चिह्नित किए गए हैं, जहां लाभार्थी अपने मर्ज का उपचार करा सकता है। यह योजना बीते वर्ष से निर्धन परिवार के लोगों को वरदान साबित हो रही है। इसके साथ ही योजना लागू होने से जिले में कई निर्धनों को बेहतर उपचार व बड़े-बड़े ऑपरेशन होने की सुविधा मिलने लगी है।
ऐसी ही सुविधा पाली निवासी जमनी (45) को मिली है। जो बीते माह से पेट के दर्द से परेशान थे। 24 मई को परिजन जिला अस्पताल लाए, जहां पर डॉ. मुकुल साहू ने जांच कर दांयी ओर की आंत उतरने की जानकारी दी। इसका ऑपरेशन कराए जाने की सलाह दी। मरीज पैसों के अभाव में ऑपरेशन नहीं करा पा रहा है। लेकिन, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मरीज का उपचार किया गया और पहली बार दूरबीन पद्धति से सफल ऑपरेशन जिला अस्पताल में ही किया गया। ऑपरेशन के दो दिन बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
विज्ञापन
ढाई लाख रुपये आता है खर्च
आंत का ऑपरेेशन दिल्ली व अन्य अस्पतालों में अधिक मंहगा पड़ता है। इसका खर्च महानगरों में लगभग ढाई लाख रुपये आता है। लेकिन, मरीज आयुष्मान भारत योजना का लाभार्थी होने के कारण इसका निशुल्क ऑपरेशन हो गया।
पहली बार मिली दूरबीन के ऑपरेशन की सुविधा
जिला अस्पताल में बीते कई वर्षों से बड़े-बड़े ऑपरेशनों की सुविधा नहीं मिल पाई है। जिसकी प्रमुख वजह जिला अस्पताल में अब तक कोई विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में जिला अस्पताल में अन्य बड़े ऑपरेशन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। हालांकि, जिला अस्पताल में बीते दिनों संविदा पर आए चिकित्सक डॉ. मुकुल साहू ने दूरबीन के माध्यम से पहली बार सफल ऑपरेशन किया है।
यह हैं दूरबीन से ऑपरेशन के फायदे
जिला अस्पताल में नियुक्त चिकित्सक डॉ. मुकुल साहू ने बताया कि दूरबीन पद्धति के ऑपरेशन से केवल पांच एमएम के छेद करने पड़ते हैं। इससे मरीज को ऑपरेशन के बाद भी दर्द नहीं होता है। इसके अलावा टांके पकने की रिस्क नहीं होती है। मरीज शीघ्र ही काम पर वापस आ जाता है।
विज्ञापन
ललितपुर। जिले में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पहली बार दूरबीन से आंत का आपरेशन किया गया। तहसील पाली के कस्बा निवासी जमनी आंत उतरने के चलते परेशान था। उसे जिला अस्पताल आया, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद आंत उतरने के ऑपरेशन की सलाह दी। इसके बाद योजना के अंतर्गत सफल ऑपरेशन किया गया।
केंद्र सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना संचालित की गई है, जिसमें निर्धन परिवार के प्रत्येक सदस्य को एक वर्ष में पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मुहैया कराई गई है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल चिह्नित किए गए हैं, जहां लाभार्थी अपने मर्ज का उपचार करा सकता है। यह योजना बीते वर्ष से निर्धन परिवार के लोगों को वरदान साबित हो रही है। इसके साथ ही योजना लागू होने से जिले में कई निर्धनों को बेहतर उपचार व बड़े-बड़े ऑपरेशन होने की सुविधा मिलने लगी है।
विज्ञापन
ऐसी ही सुविधा पाली निवासी जमनी (45) को मिली है। जो बीते माह से पेट के दर्द से परेशान थे। 24 मई को परिजन जिला अस्पताल लाए, जहां पर डॉ. मुकुल साहू ने जांच कर दांयी ओर की आंत उतरने की जानकारी दी। इसका ऑपरेशन कराए जाने की सलाह दी। मरीज पैसों के अभाव में ऑपरेशन नहीं करा पा रहा है। लेकिन, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मरीज का उपचार किया गया और पहली बार दूरबीन पद्धति से सफल ऑपरेशन जिला अस्पताल में ही किया गया। ऑपरेशन के दो दिन बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
विज्ञापन
ढाई लाख रुपये आता है खर्च
आंत का ऑपरेेशन दिल्ली व अन्य अस्पतालों में अधिक मंहगा पड़ता है। इसका खर्च महानगरों में लगभग ढाई लाख रुपये आता है। लेकिन, मरीज आयुष्मान भारत योजना का लाभार्थी होने के कारण इसका निशुल्क ऑपरेशन हो गया।
पहली बार मिली दूरबीन के ऑपरेशन की सुविधा
जिला अस्पताल में बीते कई वर्षों से बड़े-बड़े ऑपरेशनों की सुविधा नहीं मिल पाई है। जिसकी प्रमुख वजह जिला अस्पताल में अब तक कोई विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में जिला अस्पताल में अन्य बड़े ऑपरेशन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। हालांकि, जिला अस्पताल में बीते दिनों संविदा पर आए चिकित्सक डॉ. मुकुल साहू ने दूरबीन के माध्यम से पहली बार सफल ऑपरेशन किया है।
यह हैं दूरबीन से ऑपरेशन के फायदे
जिला अस्पताल में नियुक्त चिकित्सक डॉ. मुकुल साहू ने बताया कि दूरबीन पद्धति के ऑपरेशन से केवल पांच एमएम के छेद करने पड़ते हैं। इससे मरीज को ऑपरेशन के बाद भी दर्द नहीं होता है। इसके अलावा टांके पकने की रिस्क नहीं होती है। मरीज शीघ्र ही काम पर वापस आ जाता है।