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650 लोगों के हिस्से का पानी किया जा रहा वाहनों की धुलाई में बर्बाद

Sun, 02 Jun 2019 03:15 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 02 Jun 2019 03:15 AM IST
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650 लोगों के हिस्से का पानी किया जा रहा वाहनों की धुलाई में बर्बाद
650 लोगों के हिस्से का पानी हो रहा वाहनों की धुलाई में बर्बाद
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ललितपुर। एक ओर शहर पेयजल संकट में जूझ रहा है और दूसरी ओर वाहन धुलाई करने वाले पीने के पानी की बरबादी कर रहे हैं। 30 धुलाई सर्विस सेंटरों पर पैसा कमाने के चक्कर में प्रतिदिन 650 से अधिक लोगों के हिस्से के पीने का पानी गाड़ियां धोकर बर्बाद किया जा रहा है। इन केंद्रों पर प्रतिदिन 26 हजार लीटर पानी प्रतिदिन बर्बाद हो रहा है। गर्मियों में पानी की किल्लत को देखते हुए इन सेंटरों पर अंकुश लगाया जाना चाहिए।
लगभग एक सप्ताह से शहर की पेयजल आपूर्ति चरमराई हुई है। इससे लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कई मोहल्लेवासियों को चिलचिलाती धूप में भी पानी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। वह दोपहर में भी हैंडपंप पर लाइन लगाकर अपनी बारी आने का इंतजार करते हैं, तब उन्हें दो बाल्टी पानी मिल पा रहा है। तापमान में हो रही लगातार वृद्धि से भूगर्भ जलस्तर नीचे को जा रहा है। शनिवार को शहर का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे धरती की तपन का अंदाजा लगाया जा सकता है। शहर में कई हैंडपंप पानी छोड़ रहे हैं, तो कुछ से पानी आना बंद हो गया है।
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गाड़ियों को धुलने वाले सर्विस सेंटर पर प्रतिदिन औसत 30 से 35 वाहनों की धुलाई की जा रही है। इन सेंटरों पर एक दो पहिया वाहन धोने में लगभग 20 से 30 लीटर पानी खर्च हो जाता है। चार पहिया व अन्य वाहनों की धुलाई में लगभग 100 से 125 लीटर पानी नालियों में बहाया जा रहा है। वर्तमान में शहर में 30 वाहन धुलाई के सर्विस सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा शहर की गलियों में भी धुलाई सेंटर खुले हैं, जिनका रिकार्ड विभाग के पास नहीं है। इस तरह शहर में प्रतिदिन वाहनों की धुलाई पर करीब 26 हजार लीटर पानी बर्बाद किया जा रहा है। इसमें दस हजार लीटर पानी चार पहिया वाहनों की धुलाई में व्यय हो रहा है। साथ ही दो पहिया वाहनों की धुलाई में 16 हजार लीटर पानी नालियों में बहाया जा रहा है। इससे भूगर्भ जलस्तर की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इसको नजर अंदाज कर रहे हैं, जिससे शहरवासियों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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केवल चार है पंजीकृत
शहर में वाहनों की धुलाई के 30 सर्विस सेंटर से अधिक संचालित किए जा रहे हैं। इन्हें पानी की आवश्यकता के लिए जल संस्थान से व्यवसायिक कनेक्शन दिए जाते हैं। लेकिन, अब तक केवल चार सर्विस सेंटर संचालकों ने ही पानी का कनेक्शन लिया है। बाकी सब अवैध तरीके से पानी की बरबादी कर रहे हैं।

सर्विस सेंटर संचालकों की जांच की जाएगी, जिसमें घरेलू कनेक्शन के पानी का व्यवसायिक उपयोग करने पर कार्रवाई की जाएगी। सेंटर बंद भी किए जाएंगे।
- प्रवीण कुमार यादव, अधिशाषी अभियंता, जल संस्थान ललितपुर
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