{"_id":"5c8ea94dbdec221450545210","slug":"151552853325-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिकागो संम्मेलन की 125 वीं वर्षगांठ मनाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिकागो संम्मेलन की 125 वीं वर्षगांठ मनाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिकागो सम्मेलन की 125 वीं वर्षगांठ मनाई
पाली। स्वामी विवेकानंद द्वारा संबोधित शिकागो सम्मेलन की 125 वीं वर्षगांठ पर जनपदीय युवा सम्मेलन व रामकृष्ण सेवाश्रम पाली का स्थापना दिवस मनाया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षित होने के साथ संस्कारवान होना भी जरूरी है।
छत्रपति शिवाजी एमएसडी महाविद्यालय में हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी सुजयानंद महाराज रहे। छात्राओं व सहरिया समाज के बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। स्वामी सुजयानंद ने कहा कि युवाओं को शिक्षित होने के साथ संस्कारवान होना जरूरी है। बिना किसी उद्देश्य के लक्ष्य की प्राप्ति नहीं होती। धर्मेंद्र गोस्वामी ने कहा कि विवेकानंद पहले स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने अमानवीयता से भारतीयता को स्वतंत्र किया। भारतीय शास्त्रीय ज्ञान परंपरा की वैज्ञानिक व्याख्या कर विश्व को भारत के प्रति नतमस्तक किया। एसडीएम नरेंद्र सिंह ने कहा कि विवेकानंद ने लोगों को प्रेरित किया कि दूसरों की सेवा को सदैव तैयार रहो एवं मानवता का पाठ पढ़ाया। अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में डॉ. जनककिशोरी शर्मा, प्रो. भगवत नारायण शर्मा, पूरन सिंह निरंजन, विजय सिंह निरंजन और प्राचार्य डॉ. राजेंद्र प्रकाश, राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि राजेश यादव, राजेंद्र रजक, फिरोज, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष महेंद्र रसिया, लक्ष्मन पाटकार, प्रदीप जैन, आशीष चौरसिया सीमा राजपूत, हेमलता साहू, अनुराधा शर्मा, नेहा नामदेव, अरुण चौरासिया, उमाशंकर चौरसिया, रमेश सेन, नरेश निरंजन, करुणाकर शर्मा, सोनू श्रीवास्तव मौजूद रहे।
विज्ञापन
पाली। स्वामी विवेकानंद द्वारा संबोधित शिकागो सम्मेलन की 125 वीं वर्षगांठ पर जनपदीय युवा सम्मेलन व रामकृष्ण सेवाश्रम पाली का स्थापना दिवस मनाया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षित होने के साथ संस्कारवान होना भी जरूरी है।
छत्रपति शिवाजी एमएसडी महाविद्यालय में हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी सुजयानंद महाराज रहे। छात्राओं व सहरिया समाज के बच्चों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। स्वामी सुजयानंद ने कहा कि युवाओं को शिक्षित होने के साथ संस्कारवान होना जरूरी है। बिना किसी उद्देश्य के लक्ष्य की प्राप्ति नहीं होती। धर्मेंद्र गोस्वामी ने कहा कि विवेकानंद पहले स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने अमानवीयता से भारतीयता को स्वतंत्र किया। भारतीय शास्त्रीय ज्ञान परंपरा की वैज्ञानिक व्याख्या कर विश्व को भारत के प्रति नतमस्तक किया। एसडीएम नरेंद्र सिंह ने कहा कि विवेकानंद ने लोगों को प्रेरित किया कि दूसरों की सेवा को सदैव तैयार रहो एवं मानवता का पाठ पढ़ाया। अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में डॉ. जनककिशोरी शर्मा, प्रो. भगवत नारायण शर्मा, पूरन सिंह निरंजन, विजय सिंह निरंजन और प्राचार्य डॉ. राजेंद्र प्रकाश, राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि राजेश यादव, राजेंद्र रजक, फिरोज, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष महेंद्र रसिया, लक्ष्मन पाटकार, प्रदीप जैन, आशीष चौरसिया सीमा राजपूत, हेमलता साहू, अनुराधा शर्मा, नेहा नामदेव, अरुण चौरासिया, उमाशंकर चौरसिया, रमेश सेन, नरेश निरंजन, करुणाकर शर्मा, सोनू श्रीवास्तव मौजूद रहे।
विज्ञापन