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क्यों न फैले बीमारियां, जब गली मुहल्लों में लगे कूड़े के ढेर

Sat, 22 Sep 2018 06:32 AM IST
Updated Sat, 22 Sep 2018 06:32 AM IST
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क्यों न फैले बीमारियां, जब गली मुहल्लों में लगे कूड़े के ढेर

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क्यों न फैले बीमारियां, जब गली गली में हैं कूड़े के ढेर

अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर में फैली गंदगी और दूषित पानी की आपूर्ति से मौसमी बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। हर घर में बीमारी दस्तक दे रही है। लोग वायरल, टाइफाइड से परेशान हैं। उल्टी दस्त व मलेरिया ने अपनी चपेट में ले लिया है। इससे अस्पतालों में मरीजों को लिटाने की बात तो दूर बैठने की जगह भी कम पड़ रही है।
शहर की साफसफाई किसी से छिपी नहीं है। सफाई में सबसे बड़ा रोड़ा खाली प्लॉट साबित हो रहे हैं। जहां खाली प्लॉटों में बारिश का पानी भरा हुआ है। वहीं, मुहल्लों में खाली प्लॉटों को स्थानीय लोगों ने कचराघर बना दिया है। रही सही कसर मुहल्ला आजादपुरा, सदनशाह के मध्य से होकर निकली गोविंद सागर बांध की नहर ने कर दी है। इस नहर में जगह-जगह गंदगी पसरी है। इस मामले में नगर पालिका परिषद अब तक निपटने में नाकाम रही है। जिन प्लॉटों में जलभराव या कूड़ा पड़ा है, उनके मालिक को नोटिस तक जारी नहीं किए गए हैं। इसी प्रकार जल संस्थान का हाल है। इस विभाग के कंधों पर शहर की जलापूर्ति का जिम्मा है। विभागीय कर्मी अब तक शहर के विभिन्न गली मुहल्लों में बने लीकेजों को खोज नहीं पाए हैं। ऐसे में पुराने लीकेजों के सुधरना तो दूर पाइप लाइनों में नए लीकेज और तैयार हो रहे हैं। इतना ही नहीं, ट्रीटमेंट प्लांट की साफ-सफाई में कोताही बरती जा रही है। प्लांट के तालाबों में जगह-जगह काई जमी है। इसके अलावा वर्तमान में गोविंद सागर बांध से आ रहा कच्चा पानी काफी मटमैला है। जिसका ठीक तरीके से उपचार नहीं हो पाने से लोगों के घरों में बीमारियां पहुंच रही हैं। वर्तमान में टाइफाइड, उल्टी दस्त, मलेरिया व वायरल के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो गई है। निजी क्लीनिकों में मरीजों को बैठने व खड़े होने की जगह नहीं है। अकेले जिला अस्पताल में चौबीस घंटे के अंदर दो हजार मरीज पहुंच रहे हैं। इससे मौसमी बीमारियों के फैलने का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके बाद भी जिम्मेदार विभाग बीमारियों की रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। इससे नागरिकों की परेशानी कम नहीं हो रही हैं।
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कैप्सन- रोहित साहू
दुकान के सामने ही लगा रहता कूड़े का ढेर
नझाई बाजार स्थित दुकान के सामने ही कूड़े का ढेर लगा रहता है। यहां खाने की सामग्री फेंकने से जानवरों का जमावड़ा लगा रहता है। एक बार तो जानवरों की लड़ाई में दुकान के पास रखी बाइक क्षतिग्रस्त हो गई थी।
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रोहित साहू, दुकानदार

कैप्सन- मुहम्मद रईस राईन
जानवरों के विचरण की बड़ी समस्या
बाजार में जानवरों के विचरण की सबसे बड़ी समस्या है। यहां दिन भर जानवर यहां-वहां टहलते रहते हैं। इससे ग्राहकों को आने-जाने में काफी असुविधा होती है। यही नहीं, मौका पाकर जानवर दुकानों में रखी सब्जी में मुंह मार देते हैं। आए दिन ग्राहकों को भी जानवर चुटहिल कर देते हैं। नगर पालिका अब तक इस समस्या का समाधान नहीं कर पाई है।

मुहम्मद रईस राईन, दुकानदार

हर महीने पानी का कराते टेस्ट
गोविंद सागर बांध से आ रहे पानी को देखते हुए गर्मियों की अपेक्षा ज्यादा एलम डाली जा रही है। वहीं, फिल्टर प्लांट में बालू बदलवा दी गई है व बेक प्रेशर से काई प्रतिदिन गंदे नाले में निकाली जा रही है। इसके अलावा हर महीने लखनऊ किट भेजकर पानी का परीक्षण कराया जा रहा है।
सुरेश चंद्र
अधिशासी अभियंता, जल संस्थान

दूषित पानी व गंदगी से फैल रहीं बीमारियां
दूूषित पानी व गंदगी से मौसमी बीमारियां फैल रहीं हैं। इनमें टाइफाइड, उल्टी दस्त, मलेरिया आदि प्रमुख हैं। इसके अलावा वायरल भी फैल रहा है।
डा. आरपी सिंह, सीनियर फिजीशियन

खाली प्लॉटों की कराएंगे सफाई
यदि खाली प्लॉटों में गंदगी व जल भराव की समस्या है तो इसकी शिकायत मिलने पर कार्रवाई कराई जाएगी। इसके अलावा पानी का भी शीघ्र टेस्ट कराएंगे।
डा. हुसैन खान, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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