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-गुजरे दो वितीय वर्ष, फिर भी पूरे नहीं हुए प्रधानमंत्री आवास
Updated Tue, 21 Aug 2018 02:40 AM IST
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दो साल गुजरे, फिर भी पूरे नहीं बने प्रधानमंत्री आवास
ललितपुर। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी आवास योजना के प्रति जिले के अफसर लगातार उदासीनता बरत रहे है। जनपद में बीते दो वित्तीय वर्षों के अधूरे आवास तो अब तक पूरे नहीं बन सके हैं। वहीं, विभागीय अधिकारी मौजूदा वर्ष के मिले लक्ष्य को पूरा करने का सपना देख रहे है। जिले में कुल छह सौ आवास अब भी अधूरे पडे़ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीस नवंबर 2016 में आगरा जिले से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का शुभारंभ किया था। योजना के तहत 31 मार्च 2019 तक एक करोड़ आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन जनपद के अधिकारी पीएम की इस महत्वाकांक्षी योजना को पूरा करने के प्रति जरा भी गंभीर नहीं है। जिले में योजना की शुरुआत में ही कई अपात्र शामिल हो गए थे। इनमें 84 अपात्रों ने पहली किस्त भी पा ली थी, जिनसे बाद में विभाग ने धनराशि वापस ले ली। वहीं, 14 अन्य अपात्र पहली किस्त पाने से पहले चिह्नित हो गए थे। जिसका नतीजा हुआ कि कई पात्र योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए। इसके अलावा करीब पांच सैकड़ा आवास अब भी पूरे नहीं हो पाए हैं। वित्तीय वर्ष 2016-17 व 2017-18 में कुल 6476 आवास स्वीकृत हुए, जिनमें से 5845 आवास पूरे हो पाए हैं। बीते वर्षों के शेष आवास पूर्ण करने की कार्रवाई सुस्ती से चल रही है। जिससे कई असहाय परिवारों को झोपड़ी व कच्चे घरों में रात गुजारनी पड रही है। वहीं, शासन ने वर्तमान वित्तीय वर्ष का लक्ष्य 1680 तय कर दिया है। जिसमें ब्लाक बार में 382, बिरधा में 251 व जखौरा में 309, मडावरा में 234, महरौनी में 333, तालबेहट में 166 आवास बनाए जाने हैं। इनमें 757 लाभार्थियों को प्रथम किस्त दी जा चुकी है। जिससे उनके आवासों के निर्माण कार्य प्रारंभ हो गए हैं।
इतनी राशि से होता निर्माण
एक लाख बीस हजार रुपये की राशि से आवास का निर्माण कराया जाता है। जिसमें पहली किस्त चालीस हजार रुपये, द्वितीय किस्त सत्तर हजार रुपये एवं मनरेगा में दस हजार रुपये की मजदूरी भी प्रदान की जाती है। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण की राशि पृथक से मुहैया कराई जाती है।
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आवासों का चल रहा निर्माण
वर्तमान वित्तीय वर्ष में आवास निर्माण के लिए पहली किस्त लाभार्थियों को जारी की जा चुकी है। बीते वर्षों के शेष आवासों का निर्माण पूरा कराया जा रहा है।
बलिराम वर्मा
परियोजना निदेशक, डीआरडीए
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ललितपुर। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी आवास योजना के प्रति जिले के अफसर लगातार उदासीनता बरत रहे है। जनपद में बीते दो वित्तीय वर्षों के अधूरे आवास तो अब तक पूरे नहीं बन सके हैं। वहीं, विभागीय अधिकारी मौजूदा वर्ष के मिले लक्ष्य को पूरा करने का सपना देख रहे है। जिले में कुल छह सौ आवास अब भी अधूरे पडे़ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीस नवंबर 2016 में आगरा जिले से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का शुभारंभ किया था। योजना के तहत 31 मार्च 2019 तक एक करोड़ आवास बनाने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन जनपद के अधिकारी पीएम की इस महत्वाकांक्षी योजना को पूरा करने के प्रति जरा भी गंभीर नहीं है। जिले में योजना की शुरुआत में ही कई अपात्र शामिल हो गए थे। इनमें 84 अपात्रों ने पहली किस्त भी पा ली थी, जिनसे बाद में विभाग ने धनराशि वापस ले ली। वहीं, 14 अन्य अपात्र पहली किस्त पाने से पहले चिह्नित हो गए थे। जिसका नतीजा हुआ कि कई पात्र योजना का लाभ पाने से वंचित रह गए। इसके अलावा करीब पांच सैकड़ा आवास अब भी पूरे नहीं हो पाए हैं। वित्तीय वर्ष 2016-17 व 2017-18 में कुल 6476 आवास स्वीकृत हुए, जिनमें से 5845 आवास पूरे हो पाए हैं। बीते वर्षों के शेष आवास पूर्ण करने की कार्रवाई सुस्ती से चल रही है। जिससे कई असहाय परिवारों को झोपड़ी व कच्चे घरों में रात गुजारनी पड रही है। वहीं, शासन ने वर्तमान वित्तीय वर्ष का लक्ष्य 1680 तय कर दिया है। जिसमें ब्लाक बार में 382, बिरधा में 251 व जखौरा में 309, मडावरा में 234, महरौनी में 333, तालबेहट में 166 आवास बनाए जाने हैं। इनमें 757 लाभार्थियों को प्रथम किस्त दी जा चुकी है। जिससे उनके आवासों के निर्माण कार्य प्रारंभ हो गए हैं।
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इतनी राशि से होता निर्माण
एक लाख बीस हजार रुपये की राशि से आवास का निर्माण कराया जाता है। जिसमें पहली किस्त चालीस हजार रुपये, द्वितीय किस्त सत्तर हजार रुपये एवं मनरेगा में दस हजार रुपये की मजदूरी भी प्रदान की जाती है। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण की राशि पृथक से मुहैया कराई जाती है।
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आवासों का चल रहा निर्माण
वर्तमान वित्तीय वर्ष में आवास निर्माण के लिए पहली किस्त लाभार्थियों को जारी की जा चुकी है। बीते वर्षों के शेष आवासों का निर्माण पूरा कराया जा रहा है।
बलिराम वर्मा
परियोजना निदेशक, डीआरडीए